ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (तस्वीर क्रेडिट@007AliSohrab)

एपस्टीन विवाद के बीच इस्तीफे की अटकलों पर विराम,ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने कहा—देश के काम पर पूरा फोकस

लंदन,10 फरवरी (युआईटीवी)- ब्रिटेन की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल का माहौल है,लेकिन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस्तीफा देने की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। एपस्टीन स्कैंडल में अपने एक करीबी सहयोगी का नाम सामने आने के बाद विपक्ष के तीखे हमलों का सामना कर रहे स्टार्मर को लेकर यह चर्चा तेज हो गई थी कि वे पद छोड़ सकते हैं। हालाँकि,प्रधानमंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि कीर स्टार्मर “अपने काम पर पूरी तरह ध्यान दे रहे हैं” और इस्तीफा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्टार्मर इस समय “पूरे देश में बदलाव लाने के काम में जुटे हुए हैं” और वे अपने सामने मौजूद जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह बयान ऐसे वक्त आया है,जब प्रधानमंत्री के कम्युनिकेशन चीफ और चीफ ऑफ स्टाफ के इस्तीफे से सरकार पर दबाव और बढ़ गया है। इन इस्तीफों ने विपक्ष को सरकार पर हमला तेज करने का मौका दे दिया,लेकिन डाउनिंग स्ट्रीट ने साफ कर दिया है कि नेतृत्व में कोई अस्थिरता नहीं है।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक,प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि सुबह स्टाफ को संबोधित करने के बाद स्टार्मर “खुश” और “आत्मविश्वासी” नजर आए। प्रवक्ता ने इस बात से भी इनकार किया कि प्रधानमंत्री ने सप्ताहांत में पद छोड़ने पर कोई विचार किया था। उन्होंने कहा, “आज सुबह स्टाफ के सामने जो प्रधानमंत्री थे,वे किसी भी तरह से इस्तीफे की सोच में नहीं दिखे। वह अपने हाथ में लिए गए काम को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं।” प्रवक्ता के अनुसार,स्टार्मर को इस बात का भी भरोसा है कि उन्हें अपनी कैबिनेट का सर्वसम्मत समर्थन प्राप्त है।

गौरतलब है कि लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर पिछले करीब 19 महीनों से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हैं। इस दौरान उन्होंने खुद को एक स्थिर और जिम्मेदार नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश की है। हालाँकि,हालिया विवाद ने उनकी सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। विवाद की जड़ में पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति है,जिन्हें स्टार्मर ने अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था। विपक्ष का आरोप है कि स्टार्मर को यह जानकारी होने के बावजूद कि 2008 में अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को दोषी ठहराए जाने के बाद भी मैंडेलसन के उससे संबंध थे,उन्होंने यह नियुक्ति की।

इस मुद्दे ने जैसे ही तूल पकड़ा,लेबर पार्टी और सरकार के भीतर भी असहजता बढ़ने लगी। रविवार को प्रधानमंत्री के सबसे करीबी सलाहकार और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया। मैकस्वीनी को स्टार्मर की 2024 की चुनावी जीत का मुख्य रणनीतिकार माना जाता था और उन्हें पार्टी में बेहद प्रभावशाली शख्सियत के रूप में देखा जाता था। अपने इस्तीफे के बयान में मैकस्वीनी ने कहा कि पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति एक “गलत फैसला” थी और इससे पार्टी,देश और राजनीति को गहरा नुकसान पहुँचा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सलाह की पूरी जिम्मेदारी वे खुद लेते हैं,इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।

मैकस्वीनी का इस्तीफा ऐसे समय पर आया है,जब ब्रिटेन का विदेश मंत्रालय पीटर मैंडेलसन को दिए जाने वाले निकास भुगतान यानी सेवा समाप्ति भुगतान की समीक्षा शुरू कर चुका है। इससे यह साफ हो गया है कि सरकार इस पूरे मामले को हल्के में नहीं ले रही और आंतरिक स्तर पर फैसलों की जाँच की जा रही है। गौर करने वाली बात यह भी है कि पिछले साल सितंबर में ही,एपस्टीन से दोस्ती को लेकर उठे सवालों के बाद स्टार्मर ने पीटर मैंडेलसन को राजदूत पद से बर्खास्त कर दिया था। इसके बावजूद,उनकी शुरुआती नियुक्ति को लेकर विपक्ष अब भी प्रधानमंत्री को कटघरे में खड़ा कर रहा है।

कंजर्वेटिव पार्टी और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक गलत नियुक्ति का नहीं,बल्कि नेतृत्व की गंभीर चूक का उदाहरण है। उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री को उच्च पदों पर नियुक्ति से पहले नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों को ज्यादा गंभीरता से लेना चाहिए था। वहीं,लेबर पार्टी के भीतर से भी कुछ आवाजें उठी हैं,जो इस विवाद से पार्टी की छवि को हुए नुकसान को लेकर चिंतित हैं।

इन सबके बीच डाउनिंग स्ट्रीट का यह स्पष्ट संदेश कि प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं देंगे,राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। प्रवक्ता के मुताबिक,स्टार्मर मानते हैं कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि सरकार अपने एजेंडे पर काम जारी रखे और जनता के लिए किए गए वादों को पूरा करे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराएगा या शांत होगा,यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ इस मामले को कैसे सँभालती है। फिलहाल,कीर स्टार्मर ने यह साफ कर दिया है कि वे दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।