मुंबई,10 फरवरी (युआईटीवी)- हिंदी सिनेमा में अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और यादगार किरदारों से दशकों तक दर्शकों को हँसाने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। 5 करोड़ रुपये के लोन की अदायगी न कर पाने के कारण राजपाल यादव को कोर्ट के आदेश के बाद 6 फरवरी को आत्मसमर्पण करना पड़ा,जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इस खबर ने न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि उनके चाहने वालों को भी झकझोर कर रख दिया है। इसी बीच अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद राजपाल यादव के समर्थन में आगे आए हैं और उन्होंने इंडस्ट्री से एकजुटता दिखाने की अपील की है।
राजपाल यादव का नाम उन कलाकारों में शुमार है,जिन्होंने अपने अभिनय से छोटे से छोटे किरदार को भी यादगार बना दिया। ‘भूल भुलैया’ के छोटा पंडित से लेकर ‘चुप-चुप के’, ‘अपना सपना मनी-मनी’, ‘सी कंपनी’ और ‘हंगामा’ जैसी फिल्मों तक, राजपाल यादव ने कॉमेडी ही नहीं,बल्कि गंभीर भूमिकाओं में भी अपनी मजबूत छाप छोड़ी है। 100 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके इस अभिनेता का आज आर्थिक तंगी के चलते जेल की सलाखों के पीछे होना इंडस्ट्री के लिए भी एक कड़वा सच बनकर सामने आया है।
राजपाल यादव के इस कठिन दौर में सोनू सूद ने खुलकर उनका साथ देने का फैसला किया है। कोरोना काल के दौरान हजारों जरूरतमंदों की मदद कर चुके सोनू सूद ने इस बार अपने ही इंडस्ट्री के साथी के लिए आवाज उठाई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए राजपाल यादव की तारीफ की और उनके लिए समर्थन की अपील की। सोनू सूद ने लिखा कि राजपाल यादव एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता हैं,जिन्होंने वर्षों तक हिंदी फिल्म उद्योग को अविस्मरणीय योगदान दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जीवन किसी की प्रतिभा की वजह से नहीं,बल्कि समय की क्रूरता के कारण अन्यायपूर्ण हो जाता है।
Rajpal Yadav is a gifted actor who has given years of unforgettable work to our industry. Sometimes life turns unfair, not because of talent, but because timing can be brutal. He will be part of my film, and I believe this is the moment for all of us..producers, directors,…
— sonu sood (@SonuSood) February 10, 2026
अपने पोस्ट में सोनू सूद ने आगे लिखा कि राजपाल यादव उनकी आगामी फिल्म का हिस्सा होंगे। उन्होंने इस पहल को दान नहीं,बल्कि सम्मान बताया। सोनू सूद के मुताबिक,भविष्य के कार्यों के बदले दी जाने वाली एक छोटी सी साइनिंग राशि भी किसी कलाकार को मुश्किल समय में बड़ी राहत दे सकती है। उन्होंने निर्माताओं, निर्देशकों और सहकर्मियों से अपील की कि यह समय एकजुट होने का है,ताकि किसी कलाकार को यह महसूस न हो कि वह अकेला है।
सोनू सूद ने यह भी कहा कि जब इंडस्ट्री का कोई अपना कठिन दौर से गुजरता है,तो बाकी लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वे उसका साथ दें। इसी तरह फिल्म इंडस्ट्री यह दिखा सकती है कि वह सिर्फ एक व्यवसाय नहीं,बल्कि एक परिवार भी है। सोनू सूद के इस बयान को सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। कई यूजर्स ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में किसी कलाकार के लिए सम्मान और सहयोग सबसे बड़ी मदद होती है।
राजपाल यादव की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। उनके प्रशंसकों और इंडस्ट्री से जुड़े लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि जिसने वर्षों तक लोगों को हँसाया,वही आज खुद आँसुओं के बीच खड़ा है। खास तौर पर वह वीडियो और बयान वायरल हो रहे हैं,जो जेल में आत्मसमर्पण से पहले राजपाल यादव ने दिए थे। उन भावुक पलों में अभिनेता ने कहा था कि पैसों की तंगी है,पैसा नहीं है और कोई रास्ता भी समझ में नहीं आ रहा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कोई ऐसा दोस्त नहीं है,जो इस वक्त उनकी मदद कर सके।
राजपाल यादव का यह बयान कई लोगों के दिल को छू गया। यह बयान फिल्म इंडस्ट्री की उस सच्चाई को भी उजागर करता है,जहाँ चमक-दमक के पीछे कई कलाकार निजी संघर्षों से जूझते रहते हैं। एक समय पर लगातार फिल्मों में नजर आने वाले कलाकार के लिए काम का कम होना और आर्थिक दबाव धीरे-धीरे गंभीर संकट में बदल सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि सोनू सूद की यह पहल एक मिसाल बन सकती है। अगर निर्माता और निर्देशक भविष्य की फिल्मों में राजपाल यादव को काम देकर या साइनिंग अमाउंट के जरिए सहयोग करते हैं,तो यह न केवल एक कलाकार की मदद होगी,बल्कि इंडस्ट्री के भीतर भरोसे और संवेदनशीलता को भी मजबूत करेगा।
फिलहाल राजपाल यादव तिहाड़ जेल में हैं और उनके मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं सोनू सूद की अपील के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में और लोग आगे आकर अभिनेता के समर्थन में कदम उठाएँगे। दशकों तक दर्शकों को हँसाने वाले राजपाल यादव के लिए यह वक्त बेहद कठिन है,लेकिन सोनू सूद की पहल ने यह संकेत जरूर दिया है कि मुश्किल घड़ी में भी इंसानियत और एकजुटता जिंदा है।
