मुंबई,10 फरवरी (युआईटीवी)- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दिवंगत वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार मंगलवार को प्रदेश की नई उपमुख्यमंत्री के रूप में औपचारिक रूप से कार्यभार सँभालेंगी। उनके शपथ ग्रहण और पदभार ग्रहण को लेकर न केवल एनसीपी बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में विशेष उत्सुकता और भावनात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। अजित पवार के असमय निधन के बाद यह नियुक्ति राजनीतिक दृष्टि से जितनी महत्वपूर्ण है,उतनी ही भावनात्मक रूप से भी गहरी मानी जा रही है।
उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने से पहले सुनेत्रा पवार दिन की शुरुआत धार्मिक और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों से करेंगी। तय कार्यक्रम के अनुसार,वह सुबह 8:30 बजे मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर पहुँचकर गणपति बप्पा के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। माना जा रहा है कि यह दर्शन उनके लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं,बल्कि जीवन के इस नए और चुनौतीपूर्ण अध्याय की शुरुआत से पहले मानसिक और भावनात्मक संबल पाने का माध्यम भी होगा।
सिद्धिविनायक मंदिर के दर्शन के बाद सुनेत्रा पवार दादर स्थित चैत्यभूमि जाएँगी, जहाँ वह भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। चैत्यभूमि वह ऐतिहासिक स्थान है, जहाँ डॉ. आंबेडकर का अंतिम संस्कार किया गया था और जो सामाजिक न्याय,समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान उनके साथ एनसीपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल,प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह प्रतीकात्मक कार्यक्रम यह संदेश देता है कि सुनेत्रा पवार अपने राजनीतिक दायित्व को सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर देखेंगी।
धार्मिक और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बाद सुनेत्रा पवार औपचारिक रूप से उपमुख्यमंत्री पद का कार्यभार ग्रहण करेंगी। उन्हें राज्य सरकार में आबकारी,खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये विभाग न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम हैं,बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी व्यापक प्रभाव डालते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन विभागों के माध्यम से सुनेत्रा पवार को अपनी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता साबित करने का अवसर मिलेगा।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को अजित पवार जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के प्रचार के लिए बारामती आ रहे थे। इसी दौरान उनका विमान रनवे पर लैंड करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की भी मौत हो गई। यह खबर सामने आते ही महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। अजित पवार को एक अनुभवी प्रशासक,जमीनी नेता और मजबूत राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में जाना जाता था। 29 जनवरी को उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया था,जिसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता,समर्थक और आम नागरिक शामिल हुए थे।
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी और सत्तारूढ़ गठबंधन के सामने नेतृत्व और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई थी। ऐसे समय में सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को पार्टी ने न केवल एक भावनात्मक निर्णय बल्कि राजनीतिक निरंतरता के रूप में भी प्रस्तुत किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार,अजित पवार की राजनीतिक विरासत,खासकर बारामती और आसपास के क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ को बनाए रखने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण के बाद सुनेत्रा पवार ने अपने पहले बयान में भावुक शब्दों में अजित पवार को याद किया। उन्होंने कहा कि आदरणीय अजीतदादा ने किसानों,मजदूरों, महिलाओं,युवाओं और वंचित वर्गों के लिए पूरी जिंदगी जीने का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि ‘शिव-शाहू-फुले-अंबेडकर’ के सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा रखते हुए उनके विचारों की विरासत को आगे बढ़ाना ही उनका लक्ष्य है। उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी स्वीकार करते समय उनका दिल भावनाओं से भर आया,लेकिन कर्तव्यबोध ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।
सुनेत्रा पवार ने यह भी स्वीकार किया कि अजित पवार के असमय निधन से उनके दिल पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है,लेकिन संघर्ष करने की ताकत,कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता और लोगों के साथ मजबूत रिश्ता ही उनका सच्चा सहारा है,जो उन्होंने अपने जीवनसाथी से सीखा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह उनके सपनों के न्यायपूर्ण,समानता-आधारित और विकसित महाराष्ट्र को साकार करने के लिए ईमानदारी और अथक परिश्रम से काम करेंगी।
उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में महाराष्ट्र के लोगों का प्यार और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। जनता के भरोसे को अपना संबल बताते हुए उन्होंने कहा कि अजित पवार के आदर्शों को रोशन करते हुए वह नई उम्मीद और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगी। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि सुनेत्रा पवार किस तरह प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाती हैं और अजित पवार की राजनीतिक विरासत को नए स्वरूप में आगे ले जाती हैं।
