नई दिल्ली,12 फरवरी (युआईटीवी)- अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच मुकाबले ने टी20 विश्व कप 2026 को एक ऐतिहासिक क्षण दे दिया। यह मैच सिर्फ एक जीत-हार तक सीमित नहीं रहा,बल्कि क्रिकेट प्रेमियों को ऐसा रोमांच दे गया,जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी इस मुकाबले को विश्व कप इतिहास के सबसे बेहतरीन मैचों में से एक करार दिया है। उनका मानना है कि यह मुकाबला आसानी से शीर्ष पाँच विश्व कप मैचों में जगह बना सकता है।
जियोहॉटस्टार पर बातचीत के दौरान इरफान पठान ने कहा कि यह इस विश्व कप का ही नहीं,बल्कि पूरे विश्व कप इतिहास का सबसे रोमांचक मैचों में से एक था। उन्होंने कहा कि दो सुपर ओवर,नो-बॉल,फ्री हिट,रन-आउट,मिस्ड यॉर्कर और आखिरी गेंद तक बना सस्पेंस—इस मुकाबले में वह सब कुछ था,जिसकी एक क्रिकेट प्रेमी को तलाश होती है। पठान ने खासतौर पर दबाव में गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि ऐसे क्षणों में छोटी-सी गलती भी मैच का रुख बदल सकती है।
मुकाबले की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी से हुई। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अफ्रीकी टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 187 रन बनाए। उनकी पारी में आक्रामकता और संयम का संतुलन देखने को मिला। हालाँकि, अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की और स्कोर को 200 के पार जाने से रोक दिया। 187 रन का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण जरूर था,लेकिन नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच को देखते हुए असंभव नहीं।
अफगानिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की। रहमानुल्लाह गुरबाज और उनके साथियों ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। हालाँकि,बीच के ओवरों में कुछ विकेट गिरने से टीम दबाव में आई,लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने संयम दिखाया। मैच का रोमांच तब चरम पर पहुँचा,जब अफगानिस्तान 19.4 ओवर में 187 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और मुकाबला टाई हो गया। इसके साथ ही मैच सुपर ओवर में पहुँच गया।
पहले सुपर ओवर में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 17 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजी में दबाव नजर आया,लेकिन अफगान बल्लेबाजों ने बड़े शॉट्स लगाकर टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुँचाया। जवाब में दक्षिण अफ्रीका के ट्रिस्टन स्टब्स ने आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर स्कोर बराबर कर दिया और मैच को दूसरे सुपर ओवर में धकेल दिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के लिए यह पल किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था।
दूसरे सुपर ओवर में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 23 रन बनाए,जो सुपर ओवर के लिहाज से बड़ा स्कोर माना जाता है। अफगानिस्तान के लिए यह लक्ष्य मुश्किल था,लेकिन नामुमकिन नहीं। हालाँकि,शुरुआत बेहद खराब रही जब पहले दो गेंदों में बिना कोई रन जोड़े मोहम्मद नबी का विकेट गिर गया। अब चार गेंदों में 24 रन की दरकार थी। ऐसे दबाव में रहमानुल्लाह गुरबाज ने केशव महाराज के खिलाफ लगातार तीन छक्के जड़कर मैच को फिर से जीवित कर दिया। पूरा स्टेडियम सांस रोके इस संघर्ष को देख रहा था।
इसके बाद महाराज ने एक वाइड गेंद फेंकी,जिससे समीकरण और रोचक हो गया। आखिरी गेंद पर अफगानिस्तान को जीत के लिए पाँच रन चाहिए थे। अगर चौका लगता तो मुकाबला फिर से टाई होकर तीसरे सुपर ओवर में पहुँच सकता था,लेकिन केशव महाराज ने संयम दिखाते हुए वाइड लाइन पर सटीक गेंद फेंकी और गुरबाज बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में आउट हो गए। इसी के साथ अफगानिस्तान चार रन से यह रोमांचक मुकाबला हार गया और दक्षिण अफ्रीका ने यादगार जीत दर्ज की।
इरफान पठान ने खास तौर पर केशव महाराज की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दूसरे सुपर ओवर की आखिरी गेंद उनकी क्लास का प्रमाण थी। दबाव की स्थिति में उन्होंने पहले वाइड फेंकने के बाद खुद को सँभाला और गुरबाज से दूर गेंदबाजी करते हुए उन्हें गलती करने पर मजबूर किया। पठान ने यह भी कहा कि जब गेंदबाजों ने गति का इस्तेमाल किया तो बल्लेबाजों ने रन बटोरे,लेकिन जब उन्होंने धीमी गेंद और विविधता का सहारा लिया तो विकेट भी मिले। यही टी20 क्रिकेट की असली परीक्षा है।
यह मुकाबला सिर्फ आँकड़ों तक सीमित नहीं रहा,बल्कि खेल भावना,धैर्य और साहस की मिसाल भी बना। अफगानिस्तान ने जिस जुझारूपन के साथ मुकाबला लड़ा,उसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह अब किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने में सक्षम है। वहीं दक्षिण अफ्रीका ने दबाव में संयम दिखाकर अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया।
क्रिकेट इतिहास में ऐसे मुकाबले कम ही देखने को मिलते हैं,जहाँ दो सुपर ओवर तक फैसला टले और हर गेंद पर परिणाम बदलता नजर आए। अहमदाबाद में खेले गए इस मैच ने विश्व कप 2026 को नई ऊँचाई दे दी है। इरफान पठान के शब्दों में कहें,तो यह मुकाबला सच में विश्व कप इतिहास के सबसे बेहतरीन मैचों में शामिल होने का हकदार है।
