ईशान किशन (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

टी20 वर्ल्ड कप 2026 : ईशान किशन का तूफान,20 गेंदों में अर्धशतक,नामीबिया के खिलाफ रचा नया इतिहास

नई दिल्ली,13 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 18वें मुकाबले में भारतीय सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से अरुण जेटली स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को रोमांचित कर दिया। नामीबिया के खिलाफ खेले गए इस मैच में ईशान ने सिर्फ 24 गेंदों पर 61 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली,जिसमें 5 छक्के और 6 चौके शामिल रहे। उनकी इस पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने महज 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर पहुँच गए।

ईशान की यह पारी सिर्फ रनों के लिहाज से ही अहम नहीं थी,बल्कि मैच के शुरुआती छह ओवरों यानी पावरप्ले में जिस तरह उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर हमला बोला,उसने मुकाबले की दिशा तय कर दी। पावरप्ले के दौरान दूसरी बार टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने का कारनामा कर उन्होंने अपनी आक्रामक शैली को फिर साबित किया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और टाइमिंग का बेहतरीन तालमेल दिखा। शुरुआती ओवरों में ही उन्होंने बड़े शॉट खेलकर नामीबियाई गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी।

टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीयों की बात करें तो इस सूची में शीर्ष स्थान पर महान ऑलराउंडर युवराज सिंह का नाम दर्ज है। उन्होंने 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक 12 गेंदों में अर्धशतक जड़ा था,जो आज भी टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में से एक मानी जाती है। उसी टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ युवराज ने 20 गेंदों में भी अर्धशतक पूरा किया था। अब ईशान किशन भी 20 गेंदों में फिफ्टी लगाने के साथ इस विशेष सूची में युवराज के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर आ गए हैं।

इस सूची में दूसरे स्थान पर केएल राहुल का नाम आता है,जिन्होंने 2021 में स्कॉटलैंड के खिलाफ 18 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। तीसरे स्थान पर भारतीय कप्तान रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 19 गेंदों में फिफ्टी पूरी की थी। ईशान का यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय टीम में विस्फोटक सलामी बल्लेबाजों की परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है।

ईशान किशन की यह पारी कई मायनों में खास रही। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और गेंदबाजों को किसी भी तरह से सेट होने का मौका नहीं दिया। उनकी स्ट्राइक रेट 250 से अधिक रही,जो इस स्तर के मुकाबले में बेहद प्रभावशाली मानी जाती है। खासकर पावरप्ले के दौरान उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और गैप्स का शानदार इस्तेमाल किया। उनकी बल्लेबाजी से यह साफ झलक रहा था कि वह अपनी लय में हैं और बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहे हैं।

पावरप्ले के दौरान भारत ने एक विकेट खोकर 86 रन बनाए,जो टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी टीम का चौथा सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है। इस मामले में वेस्टइंडीज शीर्ष पर है,जिसने 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती छह ओवरों में 1 विकेट पर 92 रन बनाए थे। 2014 में नीदरलैंड ने आयरलैंड के खिलाफ 91/1 का स्कोर खड़ा किया था,जबकि 2016 में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट पर 89 रन बनाए थे। भारत का 86/1 का स्कोर इस सूची में चौथे स्थान पर दर्ज हो गया है,जिसमें ईशान की भूमिका सबसे अहम रही।

टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पावरप्ले के दौरान सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में भी ईशान किशन ने अपनी जगह मजबूत कर ली है। इस सूची में अभिषेक शर्मा तीन अर्धशतकों के साथ शीर्ष पर हैं। ईशान अब दो बार यह कारनामा कर चुके हैं और इस मामले में वह रोहित शर्मा के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुँच गए हैं। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल एक-एक बार पावरप्ले में फिफ्टी जड़ चुके हैं।

ईशान की यह पारी भारतीय टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाली साबित हुई। टूर्नामेंट के अहम चरण में इस तरह की आक्रामक शुरुआत विपक्षी टीमों के लिए साफ संदेश है कि भारत किसी भी लक्ष्य को बड़ा बनाने की क्षमता रखता है। उनकी बल्लेबाजी ने यह भी दिखाया कि वह सिर्फ तेज शुरुआत देने वाले खिलाड़ी नहीं,बल्कि बड़े मंच पर जिम्मेदारी निभाने में भी सक्षम हैं।

अरुण जेटली स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने हर चौके-छक्के पर जोरदार उत्साह दिखाया। ईशान के अर्धशतक पूरा करते ही पूरा स्टेडियम तालियों से गूँज उठा। उनकी इस पारी ने मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका दिया और आगे के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की मजबूत दावेदारी के बीच ईशान किशन का यह प्रदर्शन टीम संयोजन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यदि वह इसी तरह की फॉर्म बरकरार रखते हैं तो भारत के लिए खिताब की राह और आसान हो सकती है। नामीबिया के खिलाफ उनकी 61 रनों की यह पारी सिर्फ एक तेज अर्धशतक नहीं,बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक भी है,जो आक्रामकता और आत्मविश्वास से भरी हुई है।