एयर इंडिया फ्लाइट 171 हादसा (तस्वीर क्रेडिट@srijanpalsingh)

एयर इंडिया फ्लाइट एआई-171 दुर्घटना: जाँच पूरी होने की खबरें गलत,एएआईबी ने कहा– अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी

नई दिल्ली,13 फरवरी (युआईटीवी)- एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 से जुड़ी दुर्घटना की जाँच को लेकर सामने आ रही अटकलों पर विमान दुर्घटना जाँच ब्यूरो (एएआईबी) ने स्पष्ट बयान जारी कर स्थिति साफ कर दी है। ब्यूरो ने कहा है कि जाँच पूरी होने की खबरें पूरी तरह गलत और निराधार हैं। दुर्घटना की जाँच अब भी जारी है और अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। एएआईबी ने मीडिया संगठनों से संयम बरतने और अपुष्ट खबरों के आधार पर रिपोर्टिंग से बचने की अपील की है।

एएआईबी ने अपने बयान में कहा कि वह एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जाँच ) नियमावली 2025 और अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के अनुलग्नक 13 के तहत भारत की अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के अनुरूप सख्ती से जाँच कर रहा है। जाँच की प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी और साक्ष्य आधारित होती है,जिसका उद्देश्य दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना है। ब्यूरो ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले जारी की गई प्रारंभिक रिपोर्ट उस समय उपलब्ध तथ्यों और आँकड़ों पर आधारित थी। अंतिम रिपोर्ट जाँच पूरी होने के बाद तय अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार प्रकाशित की जाएगी,जिसमें विस्तृत निष्कर्ष और सुरक्षा संबंधी सिफारिशें शामिल होंगी।

यह बयान ऐसे समय में आया है,जब कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि जाँच लगभग पूरी हो चुकी है या निष्कर्ष सामने आ गए हैं। एएआईबी ने कहा कि बिना सत्यापन के रिपोर्टिंग से न केवल जनता में अनावश्यक चिंता फैलती है,बल्कि पेशेवर और निष्पक्ष जाँच की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। ब्यूरो ने दोहराया कि वह पारदर्शिता,प्रक्रिया की शुचिता और विमानन सुरक्षा के उच्चतम मानकों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा में जानकारी दी थी कि एएआईबी पिछले साल जून में अहमदाबाद में हुई दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जाँच कर रहा है। उन्होंने सदन में एक लिखित उत्तर में कहा था कि दुर्घटना के सभी संभावित कारणों की जाँच की जा रही है और आईसीएओ के नियमों के अनुसार समयबद्ध तरीके से जाँच पूरी करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि जाँच प्रक्रिया बहुआयामी है और इसमें तकनीकी,परिचालन और मानवीय कारकों का विश्लेषण शामिल है।

यह भी उल्लेखनीय है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान एक मेडिकल कॉलेज परिसर पर जा गिरा,जिससे भीषण तबाही मची। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए,जबकि जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों की भी जान चली गई। यह घटना हाल के वर्षों की सबसे दर्दनाक और गंभीर विमान दुर्घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

दुर्घटना के तुरंत बाद एएआईबी ने जाँच शुरू कर दी थी। ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर को बरामद कर उनका विश्लेषण किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम विमान के तकनीकी सिस्टम,उड़ान डेटा,मौसम की स्थिति,एयर ट्रैफिक कंट्रोल संचार और पायलटों की कार्रवाई जैसे सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जाँच प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य होता है,क्योंकि इसके निष्कर्ष भविष्य की विमानन सुरक्षा नीतियों को प्रभावित करते हैं।

एएआईबी ने अपने ताजा बयान में यह भी कहा कि विमान दुर्घटना की जाँच एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया होती है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले हर संभावित कारण की बारीकी से जाँच की जाती है। इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ विश्लेषण,तकनीकी परीक्षण और कई एजेंसियों के सहयोग की आवश्यकता होती है। इसलिए समय से पहले निष्कर्ष निकालना या अनुमान लगाना उचित नहीं है।

हादसे के बाद पीड़ित परिवारों और आम जनता की चिंता स्वाभाविक है। ऐसे में एएआईबी का यह आश्वासन महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि जाँच पूरी पारदर्शिता और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट में दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।

फिलहाल जाँच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के प्रकाशन तक किसी भी तरह की अटकलों से बचने की अपील की गई है। विमानन सुरक्षा से जुड़े मामलों में तथ्यों पर आधारित निष्कर्ष ही सबसे विश्वसनीय माने जाते हैं। एएआईबी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पूरी जिम्मेदारी और पेशेवर मानकों के साथ इस संवेदनशील मामले की जाँच कर रहा है और समय आने पर आधिकारिक रूप से विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।