दिल्ली में ‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन का नाम बदला (तस्वीर क्रेडिट@Ramit_kumar_001)

दिल्ली में ‘उद्योग भवन’ मेट्रो स्टेशन का नाम बदला,अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा

नई दिल्ली,14 फरवरी (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़ा एक अहम बदलाव सामने आया है। उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय के ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होने के अगले दिन लिया गया,जिससे इस बदलाव को प्रतीकात्मक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को इस नाम परिवर्तन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ करने का उद्देश्य इसे नए ‘सेवा तीर्थ’ भवन के व्यापक दृष्टिकोण और भावना से जोड़ना है। उनके अनुसार,यह बदलाव केवल एक नाम परिवर्तन नहीं,बल्कि प्रशासनिक सोच और कार्यशैली में परिवर्तन का प्रतीक है,जो जनसेवा को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने का संदेश देता है।

मौजूदा उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के नेटवर्क की येलो लाइन पर स्थित है। यह स्टेशन सेंट्रल दिल्ली के बीचों-बीच स्थित होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां से कई प्रमुख मंत्रालयों और सरकारी दफ्तरों तक पहुँच आसान है। रोजाना हजारों सरकारी अधिकारी,कर्मचारी और आगंतुक इस स्टेशन का उपयोग करते हैं। ऐसे में इसका नाम बदलना न केवल प्रशासनिक,बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी बड़ा कदम माना जा रहा है।

‘सेवा तीर्थ’ नाम प्रधानमंत्री कार्यालय के नए नामकरण से भी जुड़ा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम भी ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि सेवा का भाव भारत की आत्मा है और यही देश की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ जनसेवा और नागरिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनके अनुसार,यह नाम कर्तव्य,करुणा और ‘भारत प्रथम’ के सिद्धांत के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी व्यक्त किया कि ‘सेवा तीर्थ’ आने वाली पीढ़ियों को नि:स्वार्थ सेवा और सबके कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र का मूल उद्देश्य जनता की सेवा करना है और इसी भावना को सशक्त करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उनके अनुसार,जब संस्थानों के नाम भी सेवा और कर्तव्य की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं,तो वे अपने आप में प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं।

उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने से संबंधित औपचारिक प्रक्रियाएँ जल्द पूरी की जाएँगी। स्टेशन पर लगे साइनबोर्ड, रूट मैप और अन्य संकेतकों में बदलाव किया जाएगा। दिल्ली मेट्रो की ओर से यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो,इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को नए नाम से अवगत कराने के लिए पर्याप्त सूचना दी जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी के केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्र में इस तरह के बदलाव से सरकार की प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण का संकेत मिलता है। ‘उद्योग भवन’ नाम जहाँ एक पारंपरिक प्रशासनिक पहचान को दर्शाता था,वहीं ‘सेवा तीर्थ’ नाम अधिक व्यापक और भावनात्मक अर्थ रखता है। यह नाम जनसेवा,समर्पण और राष्ट्रहित की भावना को सामने लाने का प्रयास माना जा रहा है।

इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह कदम प्रशासन को अधिक सेवा-केंद्रित और नागरिक उन्मुख बनाने की दिशा में प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। वहीं कुछ लोग इसे प्रशासनिक क्षेत्र में पहचान के पुनर्निर्माण के रूप में देख रहे हैं।

उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का ‘सेवा तीर्थ’ के रूप में नामकरण राजधानी के प्रशासनिक ढाँचे में एक नई पहचान जोड़ता है। यह बदलाव केवल एक स्टेशन के नाम तक सीमित नहीं है,बल्कि शासन की उस सोच को रेखांकित करता है,जिसमें जनसेवा को सर्वोपरि माना गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस नाम परिवर्तन का व्यापक प्रशासनिक और प्रतीकात्मक प्रभाव किस रूप में सामने आता है।