‘बैटल ऑफ गलवान’ का रोमांटिक गाना ‘मैं हूँ’ (तस्वीर क्रेडिट@rameshlaus)

‘बैटल ऑफ गलवान’ का रोमांटिक गाना ‘मैं हूँ’ रिलीज,बर्फीली वादियों में सलमान-चित्रांगदा का प्यार और जुदाई का एहसास

मुंबई,14 फरवरी (युआईटीवी)- स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही सलमान खान की बहुप्रतीक्षित वॉर फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ इन दिनों लगातार चर्चा में बनी हुई है। देशभक्ति से सराबोर इस फिल्म पर अब वैलेंटाइन डे का रंग भी चढ़ गया है। दर्शकों को खास तोहफा देते हुए मेकर्स ने फिल्म का पहला रोमांटिक गाना ‘मैं हूं’ रिलीज कर दिया है,जिसमें सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की खूबसूरत केमिस्ट्री देखने को मिल रही है। बर्फ से ढकी वादियों के बीच फिल्माया गया यह गीत प्यार, अपनापन और जुदाई के दर्द को बेहद सुकून भरे अंदाज में पेश करता है।

गाने में सलमान खान एक सैनिक की भूमिका में नजर आ रहे हैं,जो अपने कर्तव्य और परिवार के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। ‘मैं हूँ’ सिर्फ एक रोमांटिक ट्रैक नहीं है,बल्कि यह एक सैनिक की भावनाओं को भी उजागर करता है,जो देश की सरहद पर तैनात रहते हुए अपने परिवार से दूर है। वीडियो में सलमान और चित्रांगदा की लव स्टोरी की झलक दिखाई गई है,जिसमें उनके दो छोटे बच्चे भी नजर आते हैं। पारिवारिक पलों की मासूमियत और बर्फीले लोकेशन की खूबसूरती मिलकर गाने को एक अलग ही भावनात्मक गहराई देती है।

गाने का सबसे भावुक पहलू वह है,जब सलमान खान अपने परिवार की तस्वीरों को देखते हुए उन्हें याद करते नजर आते हैं। यह दृश्य दर्शाता है कि सरहद पर डटे सैनिकों के जीवन में प्यार और जिम्मेदारी का कितना गहरा रिश्ता होता है। रोमांस के साथ-साथ जुदाई का दर्द भी इस गाने में बड़ी खूबसूरती से पिरोया गया है। यही कारण है कि यह गीत केवल एक प्रेम कहानी नहीं,बल्कि त्याग और समर्पण की भावना को भी दर्शाता है।

‘मैं हूँ’ को संगीतकार अयान लाल ने कंपोज किया है और उन्होंने ही श्रेया घोषाल के साथ मिलकर इसे अपनी आवाज दी है। गाने के बोल शब्बीर अहमद और अयान लाल ने लिखे हैं। शब्दों की सादगी और धुन की मधुरता इस गाने को खास बनाती है। श्रेया घोषाल की मीठी और भावपूर्ण आवाज ने गीत में जान डाल दी है। उनकी गायकी ने रोमांटिक माहौल को और भी गहरा बना दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस श्रेया की आवाज की खुलकर तारीफ कर रहे हैं और गाने को बार-बार सुनने की बात कह रहे हैं।

इससे पहले फिल्म का देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत ‘मातृभूमि’ रिलीज किया गया था,जिसने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उस गीत में सैनिकों के साहस,हौसले और देशप्रेम को भावनात्मक अंदाज में दिखाया गया था। अरिजीत सिंह की आवाज ने ‘मातृभूमि’ को आत्मा प्रदान की थी। रिलीज के बाद यह गाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और 21 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है। ‘मातृभूमि’ के बाद अब ‘मैं हूँ’ ने फिल्म के भावनात्मक पहलू को सामने लाकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

अगर फिल्म की बात करें तो ‘बैटल ऑफ गलवान’ अभी तक अपने टीजर के जरिए ही चर्चा में रही है। टीजर रिलीज होते ही फिल्म ने भारत और चीन के संबंधों को लेकर बहस छेड़ दी थी। फिल्म की कहानी गलवान घाटी में हुई झड़प की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। हालाँकि,मेकर्स ने स्पष्ट किया है कि यह एक सिनेमाई प्रस्तुति है,जिसमें सैनिकों के साहस और बलिदान को दर्शाया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की रिलीज डेट में भी बदलाव किया गया है। पहले इसे 17 अप्रैल को रिलीज किया जाना था,लेकिन बाद में मेकर्स ने इसे 14 अगस्त को रिलीज करने का फैसला किया। स्वतंत्रता दिवस के आसपास रिलीज का निर्णय फिल्म के देशभक्ति विषय को ध्यान में रखते हुए लिया गया माना जा रहा है। इस तारीख का चयन दर्शकों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

फिल्म को लेकर चीन की मीडिया में भी प्रतिक्रिया सामने आई थी। कुछ चीनी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस तरह की फिल्में भारत और चीन के बीच हुए घटनाक्रम को एक विशेष दृष्टिकोण से पेश कर रही हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि ऐसी फिल्मों से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है। हालाँकि,भारतीय दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्साह कम नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर टीजर और गानों को मिल रही प्रतिक्रिया से साफ है कि लोग इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

सलमान खान के लिए भी यह फिल्म खास मानी जा रही है,क्योंकि वे लंबे समय बाद एक गंभीर और देशभक्ति से जुड़ी भूमिका में नजर आएँगे। एक ओर जहाँ ‘मातृभूमि’ ने देशप्रेम की भावना को उभारा, वहीं ‘मैं हूँ’ ने सैनिक के निजी जीवन की झलक दिखाकर फिल्म के भावनात्मक आयाम को मजबूत किया है। रोमांस और राष्ट्रभक्ति के इस संतुलन ने ‘बैटल ऑफ गलवान’ को इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों की सूची में ला खड़ा किया है।

‘मैं हूँ’ ने यह साबित कर दिया है कि एक वॉर फिल्म में भी संवेदनाओं और रिश्तों के लिए भरपूर जगह होती है। बर्फीली वादियों में फिल्माया गया यह गीत दर्शकों को सुकून देने के साथ-साथ सैनिकों के जीवन की उस सच्चाई से भी रूबरू कराता है,जहाँ कर्तव्य और परिवार दोनों ही बराबर मायने रखते हैं। अब सभी की नजरें 14 अगस्त पर टिकी हैं,जब ‘बैटल ऑफ गलवान’ बड़े पर्दे पर दस्तक देगी।