बिल गेट्स

आंध्र प्रदेश दौरे पर बिल गेट्स,शिक्षा-स्वास्थ्य और डिजिटल गवर्नेंस पर सरकार से होगी अहम चर्चा

अमरावती,16 फरवरी (युआईटीवी)- गेट्स फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष बिल गेट्स आज सोमवार को आंध्र प्रदेश के दौरे पर पहुँच रहे हैं। उनके साथ गेट्स फाउंडेशन का एक प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है,जो राज्य सरकार के साथ मिलकर शिक्षा,स्वास्थ्य और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करेगा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेगा। इस दौरान उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू,उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश से होगी।

अधिकारियों के मुताबिक,यह दौरा राज्य के विकास कार्यक्रमों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गेट्स फाउंडेशन पहले से ही राज्य में कई परियोजनाओं के साथ जुड़ा हुआ है और अब इन पहलों को और व्यापक स्तर पर लागू करने की योजना है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार,बिल गेट्स सुबह 10 बजे राज्य सचिवालय पहुँचेंगे। वहाँ उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा और इसके बाद वे रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी केंद्र का दौरा करेंगे।

रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी,जिसे आमतौर पर आरटीजीएस के नाम से जाना जाता है,आंध्र प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य शासन में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू स्वयं गेट्स को इस पहल की कार्यप्रणाली,डेटा विश्लेषण प्रणाली और उसके सकारात्मक परिणामों के बारे में जानकारी देंगे। राज्य सरकार का दावा है कि इस प्रणाली ने प्रशासनिक निर्णयों को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाया है।

इसके बाद मुख्यमंत्री,मंत्रिमंडल के सदस्य और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी गेट्स और उनकी टीम के साथ एक विस्तृत बैठक करेंगे। इस बैठक में ‘स्वर्णंध्र विजन-2047’ के तहत निर्धारित लक्ष्यों और अब तक की प्रगति पर प्रस्तुति दी जाएगी। मुख्यमंत्री इस विजन के तहत शिक्षा,सार्वजनिक स्वास्थ्य,कृषि और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में किए जा रहे सुधारों की जानकारी साझा करेंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य वर्ष 2047 तक आंध्र प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेष रूप से ‘संजीवनी’ परियोजना पर जोर दिया जाएगा। इस परियोजना का मकसद आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में विधानसभा में कहा था कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को उसकी आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे न केवल इलाज की गुणवत्ता बेहतर होगी,बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच भी व्यापक होगी।

बैठक के दौरान मेडटेक और डायग्नोस्टिक्स सेवाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा होगी। सरकार इन क्षेत्रों में निजी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से नई तकनीकों को अपनाने की योजना बना रही है। गेट्स फाउंडेशन की विशेषज्ञता और वैश्विक अनुभव इन परियोजनाओं को गति देने में सहायक साबित हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार,राज्य सरकार ‘संजीवनी’ परियोजना का एक विस्तृत डेमोंस्ट्रेशन भी पेश करेगी। इसमें यह दिखाया जाएगा कि किस प्रकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मरीजों का डेटा सुरक्षित रखा जा रहा है और डॉक्टरों को रियल टाइम में जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है।

बिल गेट्स की टीम अमरावती के पास उंडावल्ली गाँव स्थित एक खेत का भी दौरा करेगी। यहाँ ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से की जा रही आधुनिक खेती का प्रदर्शन किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि तकनीक आधारित कृषि पद्धतियाँ किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और लागत कम करने में मदद कर सकती हैं। गेट्स फाउंडेशन कृषि क्षेत्र में भी कई देशों में काम कर चुका है,इसलिए इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएँ और मजबूत हो सकती हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस दौरे को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल राज्य की विकास परियोजनाओं को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी,बल्कि निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू लंबे समय से तकनीक आधारित शासन और नवाचार को बढ़ावा देते रहे हैं और बिल गेट्स का यह दौरा उनकी इसी रणनीति को मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।

बिल गेट्स का यह आंध्र प्रदेश दौरा शिक्षा,स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। राज्य सरकार और गेट्स फाउंडेशन के बीच सहयोग यदि और गहरा होता है,तो इसका लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुँच सकता है। आने वाले समय में इस बैठक से निकलने वाले निर्णयों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।