पथुम निसांका (तस्वीर क्रेडिट@socialscie50255)

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में श्रीलंका का बड़ा उलटफेर: ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर ‘सुपर-8’ में बनाई जगह

पल्लेकेले,17 फरवरी (युआईटीवी)- आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रविवार को पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में ऐसा मुकाबला देखने को मिला,जिसने टूर्नामेंट का रुख ही बदल दिया। मेजबान श्रीलंका ने क्रिकेट की दिग्गज टीम ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर न सिर्फ बड़ा उलटफेर किया,बल्कि लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए ‘सुपर-8’ चरण में अपनी जगह भी पक्की कर ली। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को मात देकर श्रीलंका ने अपने इरादे साफ कर दिए कि वह इस विश्व कप में खिताब की प्रबल दावेदार है।

श्रीलंका की शुरुआत इस टूर्नामेंट में शानदार रही थी। टीम ने अपने पहले मुकाबले में आयरलैंड को 20 रन से हराया था और फिर ओमान को 105 रन के बड़े अंतर से रौंद दिया था। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने आयरलैंड के खिलाफ 67 रन से जीत के साथ अभियान की शुरुआत की थी,लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे के हाथों 23 रन से हार झेलनी पड़ी। अब श्रीलंका के खिलाफ मिली हार ने ऑस्ट्रेलिया को लगातार दूसरी बार उलटफेर का शिकार बना दिया है,जिससे उसकी आगे की राह मुश्किल हो गई है।

मैच में टॉस श्रीलंका के पक्ष में गया और उसने ऑस्ट्रेलिया को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। शुरुआत में यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में जाता हुआ दिखाई दिया। सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड और कप्तान मिचेल मार्श ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों के बीच 8.3 ओवरों में 104 रन की विस्फोटक साझेदारी हुई। हेड ने महज 29 गेंदों में 56 रन बनाए,जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल थे। वहीं मार्श ने 27 गेंदों पर 54 रन ठोकते हुए 10 बाउंड्री लगाईं। इस तेज शुरुआत से ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया 200 के पार पहुँच जाएगा।

हालाँकि,पारी के मध्य ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। दुशन हेमंथा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके और ऑस्ट्रेलियाई पारी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दुष्मंथा चमीरा ने भी सधी हुई गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। जोश इंगलिस ने 22 गेंदों में 27 रन और ग्लेन मैक्सवेल ने 22 रन का योगदान दिया,लेकिन टीम लगातार विकेट खोती रही। नतीजतन,जो टीम 200 के पार जाती दिख रही थी,वह 181 रन पर सिमट गई। श्रीलंका की अनुशासित गेंदबाजी और सटीक फील्डिंग ने मैच का रुख बदल दिया।

182 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम को महज 8 रन के स्कोर पर कुसल परेरा के रूप में बड़ा झटका लगा,जो केवल 1 रन बनाकर आउट हो गए,लेकिन इसके बाद पथुम निसांका और कुसल मेंडिस ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 66 गेंदों में 97 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया। मेंडिस ने 38 गेंदों में 51 रन बनाए,जिसमें 6 चौके और 1 छक्का शामिल था। उन्होंने दबाव की स्थिति में शानदार पारी खेली और लक्ष्य को आसान बना दिया।

105 रन के स्कोर पर मेंडिस के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की रफ्तार नहीं थमी। पथुम निसांका एक छोर पर डटे रहे और उन्होंने पवन रतनायके के साथ मिलकर 34 गेंदों में अटूट 79 रन की साझेदारी की। निसांका ने परिपक्व बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए टीम को 18 ओवरों में ही जीत दिला दी। यह जीत सिर्फ दो विकेट के नुकसान पर हासिल हुई,जो श्रीलंका की बल्लेबाजी की गहराई और आत्मविश्वास को दर्शाती है।

ऑस्ट्रेलिया की ओर से मार्कस स्टोइनिस ही इकलौते सफल गेंदबाज रहे,जिन्होंने 46 रन देकर 2 विकेट लिए। अन्य गेंदबाज श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। ऑस्ट्रेलियाई टीम की फील्डिंग भी अपेक्षित स्तर की नहीं रही,जिससे श्रीलंका को अतिरिक्त मौके मिले।

इस जीत के साथ श्रीलंका ने न केवल ‘सुपर-8’ में जगह बनाई है,बल्कि अपने घरेलू दर्शकों को भी जश्न मनाने का बड़ा मौका दिया है। टीम का संतुलन,बल्लेबाजी की मजबूती और गेंदबाजी की विविधता उसे आगे भी खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बनाती है। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया को अब अपनी रणनीति और संयोजन पर गंभीरता से विचार करना होगा,क्योंकि लगातार दो उलटफेर उसकी सेमीफाइनल की उम्मीदों पर पानी फेर सकते हैं।

कुल मिलाकर,यह मुकाबला टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता और रोमांच का शानदार उदाहरण रहा। श्रीलंका ने साबित कर दिया कि आत्मविश्वास,टीमवर्क और सही रणनीति के दम पर किसी भी बड़ी टीम को हराया जा सकता है। टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या श्रीलंका अपनी इस लय को बरकरार रख पाता है और क्या ऑस्ट्रेलिया वापसी कर पाता है या नहीं।