अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या (तस्वीर क्रेडिट@Tejasvi_Surya)

बेंगलुरु में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का दौरा: तेजस्वी सूर्या संग मसाला डोसा,व्यापार और टेक साझेदारी पर चर्चा

नई दिल्ली,17 फरवरी (युआईटीवी)- भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बेंगलुरु का दौरा कर भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊर्जा देने का संकेत दिया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई यह बैठक औपचारिक कूटनीतिक चर्चा से आगे बढ़कर एक अनौपचारिक और आत्मीय संवाद का रूप लेती नजर आई,जिसमें व्यापार,तकनीक और नवाचार जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं ने इंदिरानगर में फिल्टर कॉफी और मसाला डोसा के साथ कैजुअल ब्रेकफास्ट किया। इस दौरान हाल ही में हुए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के बाद भारत-अमेरिका के बढ़ते सहयोग पर चर्चा हुई। खासतौर पर व्यापार,टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संभावनाओं को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। सूर्या ने अपने पोस्ट में लिखा कि बेंगलुरु मसाला डोसा से लेकर मशीन लर्निंग तक के सफर का प्रतीक है,जो परंपरा और आधुनिक नवाचार का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बेंगलुरु भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों का केंद्र बन चुका है। शहर में 700 से अधिक अमेरिकी कंपनियां सक्रिय हैं और भारत के 43 प्रतिशत सॉफ्टवेयर निर्यात यहीं से होते हैं। इसके अलावा,भारत के लगभग 40 प्रतिशत ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) का संचालन भी बेंगलुरु से होता है। ऐसे में यह शहर दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सूर्या ने कहा कि बेंगलुरु की ऊर्जा,स्टार्टअप संस्कृति और वैश्विक दृष्टिकोण इसे भारत-अमेरिका सहयोग के लिए आदर्श मंच बनाते हैं।

इस मुलाकात की खास बात यह रही कि दोनों नेताओं ने बेंगलुरु की सड़कों पर ऑटो से सफर भी किया। तेजस्वी सूर्या ने इस दौरान एक वीडियो साझा किया,जिसमें वह राजदूत का स्वागत करते हुए कहते नजर आए कि बेंगलुरु भारत का सबसे बेहतरीन शहर है और अमेरिका-भारत संबंधों के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए उन्होंने राजदूत को धन्यवाद दिया। इस पर अमेरिकी राजदूत ने भी हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें सबसे अच्छे होस्ट मिले हैं,जो उन्हें पहली बार बेंगलुरु दर्शन करा रहे हैं। यह अनौपचारिकता दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ती सहजता और विश्वास को दर्शाती है।

राजदूत सर्जियो गोर ने भी एक्स पर अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि वह अभी बेंगलुरु पहुँचे हैं और स्टार्टअप से लेकर स्ट्रीट फूड तक,इस शहर की ऊर्जा का कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने अपने “शानदार होस्ट” का आभार व्यक्त किया। इस पोस्ट के साथ उन्होंने खाने की तस्वीरें भी साझा कीं,जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह दौरा केवल कूटनीतिक औपचारिकता तक सीमित नहीं था,बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव का भी प्रतीक था।

बेंगलुरु को अक्सर भारत की सिलिकॉन वैली कहा जाता है। यहाँ की टेक इंडस्ट्री,स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी इसे अंतर्राष्ट्रीय निवेश और सहयोग के लिए आकर्षक बनाती है। अमेरिका और भारत के बीच तकनीकी सहयोग,विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,सेमीकंडक्टर,क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अमेरिकी राजदूत का यह दौरा इस साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दौरे के दौरान तेजस्वी सूर्या ने अमेरिकी राजदूत को “नम्मा ऑटो” से भी परिचित कराया,जिससे उन्हें बेंगलुरु की स्थानीय राइड सर्विस का सीधा अनुभव मिला। यह पहल शहर की जमीनी संस्कृति और जीवनशैली से परिचित कराने का प्रयास थी। सूर्या ने इस पूरे दौरे को यादगार बताया और कहा कि इस तरह की अनौपचारिक मुलाकातें दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करती हैं।

अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच सांसद तेजस्वी सूर्या ने जयनगर और बसवनगुडी क्षेत्रों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने गेल (इंडिया) लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की स्थिति और आगे की योजनाओं पर चर्चा की। इस समीक्षा बैठक का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना था। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सांसद स्थानीय विकास कार्यों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बेंगलुरु दौरा भारत-अमेरिका संबंधों में नई गर्माहट और सहयोग की भावना को दर्शाता है। मसाला डोसा और फिल्टर कॉफी के साथ हुई यह चर्चा केवल प्रतीकात्मक नहीं थी,बल्कि दोनों देशों के बीच आर्थिक, कनीकी और सांस्कृतिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम भी थी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तरह की मुलाकातें भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को किस नई ऊँचाई तक ले जाती हैं।