रोहित शेट्टी और लॉरेंस बिश्नोई (तस्वीर क्रेडिट@jaggirm)

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामला: जेल में बंद प्रवीण लोनकर ने रची साजिश,बिश्नोई गैंग का नेटवर्क बेनकाब

मुंबई,17 फरवरी (युआईटीवी)- बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई क्राइम ब्रांच को बड़ी कामयाबी मिली है। जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस हमले की साजिश बिश्नोई गैंग के महाराष्ट्र प्रमुख शुभम लोनकर और उसके भाई प्रवीण लोनकर ने मिलकर रची थी। इस मामले का सबसे सनसनीखेज पहलू यह है कि प्रवीण लोनकर इस समय जेल में बंद है और वह पहले से ही बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के मामले में न्यायिक हिरासत में है। इसके बावजूद उसने कथित तौर पर रोहित शेट्टी पर हमले के लिए हथियार और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई।

क्राइम ब्रांच की जाँच के मुताबिक,प्रवीण लोनकर ने जेल में रहते हुए ही पूरे नेटवर्क को सक्रिय रखा और हमले की साजिश को अंजाम तक पहुँचाने के लिए बाहर मौजूद अपने सहयोगियों को निर्देश दिए। पुलिस को संदेह है कि जेल के भीतर से ही उसने संपर्क साधने के लिए अवैध संचार माध्यमों का इस्तेमाल किया। यह भी जाँच की जा रही है कि क्या उसे जेल के अंदर से किसी प्रकार की मदद मिली थी। अधिकारियों का मानना है कि बिना अंदरूनी सहयोग के इस तरह की साजिश को अंजाम देना संभव नहीं होता।

पुलिस के अनुसार,इस मामले में अब तक मुख्य शूटर समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तारियों में पुणे,हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पकड़े गए संदिग्ध शामिल हैं। जाँच में यह भी सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल,पिस्तौल और अन्य संसाधन प्रवीण लोनकर के निर्देश पर उपलब्ध कराए गए थे। आर्थिक लेनदेन और हथियारों की सप्लाई की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस डिजिटल और वित्तीय ट्रेल की भी गहन जाँच कर रही है।

मुंबई क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जाँच के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गई हैं,जो अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। इनमें तकनीकी निगरानी,वित्तीय जांच,कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जाँच और संदिग्धों से पूछताछ शामिल है। पुलिस अब प्रवीण लोनकर को औपचारिक रूप से इस मामले में पुलिस कस्टडी में लेने की तैयारी कर रही है,ताकि उससे सीधे पूछताछ कर साजिश के बाकी पहलुओं को उजागर किया जा सके।

जाँच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेल में बंद रहते हुए प्रवीण लोनकर ने इतने व्यापक नेटवर्क को कैसे संचालित किया। वह किन-किन लोगों के संपर्क में था,संदेशों के आदान-प्रदान के लिए किस माध्यम का उपयोग किया गया और क्या जेल प्रशासन की ओर से कोई चूक हुई — इन सभी बिंदुओं पर गहन जाँच चल रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हमला केवल धमकी देने के उद्देश्य से था या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक या आर्थिक मकसद छिपा था।

बिश्नोई गैंग का नाम हाल के वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आया है। ऐसे में रोहित शेट्टी जैसे नामचीन फिल्म निर्देशक के घर पर फायरिंग की घटना ने फिल्म इंडस्ट्री और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। घटना के बाद से शेट्टी के घर और आसपास के इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। हालाँकि,इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है,लेकिन यह घटना कानून-व्यवस्था और जेल सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रवीण लोनकर की कस्टडी मिलने के बाद इस पूरे षड्यंत्र के पीछे की असली मंशा और गैंग की आगे की योजनाओं का खुलासा हो सकेगा। साथ ही,यह भी स्पष्ट हो पाएगा कि क्या इस हमले के तार किसी अन्य बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। फिलहाल,क्राइम ब्रांच इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देख रही है और सभी संभावित एंगल से जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।

रोहित शेट्टी के घर फायरिंग का यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं,बल्कि संगठित अपराध के उस नेटवर्क की झलक है,जो जेल की सलाखों के पीछे से भी सक्रिय रह सकता है। आने वाले दिनों में पुलिस की आगे की कार्रवाई और पूछताछ से इस साजिश के और भी चौंकाने वाले पहलू सामने आ सकते हैं।