मुंबई,17 फरवरी (युआईटीवी)- हॉलीवुड के महान अभिनेता और फिल्म निर्माता रॉबर्ट डुवैल का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। ऑस्कर विजेता इस दिग्गज कलाकार ने रविवार को वर्जीनिया के मिडलबर्ग स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनकी पत्नी लुसियाना डुवैल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। जैसे ही यह खबर सामने आई,दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों और कलाकारों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। सात दशकों से अधिक लंबे करियर में डुवैल ने अपने सशक्त और गहन अभिनय से हॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई थी।
5 जनवरी 1931 को कैलिफोर्निया में जन्मे रॉबर्ट डुवैल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और अपने दमदार अभिनय के बल पर जल्द ही दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा। उन्होंने अपने करियर में 90 से अधिक फिल्मों में काम किया और हर भूमिका में ऐसी सच्चाई और गहराई भरी कि उनके किरदार लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में बसे रहे। डुवैल उन अभिनेताओं में से थे जिन्हें अभिनय के लिए कभी अतिरिक्त आडंबर या नाटकीयता की जरूरत नहीं पड़ी। उनका शांत,संयमित और सटीक अभिनय ही उनकी सबसे बड़ी ताकत था।
साल 1972 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म ‘द गॉडफादर’ ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई। निर्देशक फ्रांसिस फोर्ड कोपोला की इस फिल्म में उन्होंने टॉम हेगन का किरदार निभाया था। टॉम हेगन के रूप में डुवैल ने संयम,बुद्धिमत्ता और आंतरिक दृढ़ता का ऐसा चित्रण किया जो आज भी अभिनय की मिसाल माना जाता है। यह फिल्म न केवल सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई,बल्कि डुवैल को हॉलीवुड के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में शामिल कर गई।
इसके बाद उन्होंने ‘एपोकैलिप्स नाउ’ में लेफ्टिनेंट कर्नल किलगोर का किरदार निभाकर एक अलग ही छवि पेश की। इस फिल्म में उनका संवाद और व्यक्तित्व आज भी सिनेमा प्रेमियों को याद है। उन्होंने अपने अभिनय से यह साबित किया कि वे किसी भी तरह के किरदार को पूरी ईमानदारी और तीव्रता के साथ जीवंत कर सकते हैं। डुवैल की अभिनय क्षमता की सबसे बड़ी झलक फिल्म ‘टेंडर मर्सीज’ में देखने को मिली,जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अकादमी पुरस्कार मिला। इस फिल्म में उनके सूक्ष्म और भावनात्मक अभिनय ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
डुवैल ने ‘द एपोस्टल’ और ‘लोनसम डव’ जैसी परियोजनाओं में भी काम किया,जिनमें उनकी निडरता और विविधता स्पष्ट झलकती है। वे हर किरदार में खुद को ढाल लेते थे और स्क्रीन पर ऐसा प्रभाव छोड़ते थे कि दर्शक उन्हें भूल नहीं पाते थे। उनका अभिनय शैली दिखावे से परे,गहराई से जुड़ा और बेहद मानवीय थी।
भारतीय अभिनेता अनुपम खेर ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि रॉबर्ट डुवैल ऐसे अभिनेता थे जिन्हें ध्यान आकर्षित करने के लिए कभी शोर मचाने की जरूरत नहीं पड़ी। अनुपम खेर ने कहा कि डुवैल का अभिनय एक मास्टरक्लास की तरह था,जिसमें कम शब्दों में गहरी बात कहने की कला दिखाई देती थी। उन्होंने विशेष रूप से ‘द गॉडफादर’ और ‘एपोकैलिप्स नाउ’ में उनके किरदारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके द्वारा निभाए गए पात्र स्क्रीन से उतरने के बाद भी लंबे समय तक दर्शकों के मन में जीवित रहते हैं।
रॉबर्ट डुवैल केवल एक अभिनेता ही नहीं,बल्कि एक संवेदनशील फिल्म निर्माता भी थे। उन्होंने सिनेमा को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं माना,बल्कि इसे मानवीय भावनाओं और सामाजिक सच्चाइयों को व्यक्त करने का सशक्त जरिया समझा। यही कारण है कि उनके किरदारों में हमेशा वास्तविकता और आत्मीयता झलकती थी। वे उन विरले कलाकारों में थे जो भूमिका को निभाते नहीं थे,बल्कि उसे जीते थे।
उनका जाना हॉलीवुड के एक स्वर्णिम युग का अंत माना जा रहा है। डुवैल ने जिस समर्पण और ईमानदारी से अभिनय किया,वह आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। सिनेमा की दुनिया में उनका योगदान अमिट है और उनकी फिल्मों के माध्यम से वे हमेशा जीवित रहेंगे। रॉबर्ट डुवैल का नाम सिनेमा इतिहास में एक ऐसे अभिनेता के रूप में दर्ज रहेगा,जिन्होंने बिना शोर किए, केवल अपने काम के दम पर अमरता हासिल की।
