कोलंबो,18 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का रोमांच अपने चरम पर है और अब सभी की निगाहें बुधवार को कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले पाकिस्तान और नामीबिया के मुकाबले पर टिकी हैं। पाकिस्तान के लिए यह मैच किसी फाइनल से कम नहीं है। सुपर-8 में जगह बनाने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। एक छोटी सी चूक भी उसके पूरे अभियान पर पानी फेर सकती है।
पाकिस्तान ने इस टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। टीम ने अपने पहले दो मुकाबलों में नीदरलैंड और यूएसए को हराकर आत्मविश्वास के साथ अभियान की शुरुआत की थी। शुरुआती जीतों के बाद ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान बिना किसी बड़ी परेशानी के अगले चरण में पहुँच जाएगा,लेकिन भारत के खिलाफ हुए हाई-वोल्टेज मुकाबले ने पूरी तस्वीर बदल दी। उस मैच में पाकिस्तान को 61 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा, जिसने न सिर्फ अंक तालिका में उसकी स्थिति कमजोर कर दी,बल्कि टीम का रन रेट भी निगेटिव में चला गया।
ग्रुप ए की अंक तालिका पर नजर डालें तो भारत पहले स्थान पर है,जबकि यूएसए दूसरे नंबर पर है। पाकिस्तान और यूएसए दोनों के समान 4-4 अंक हैं,लेकिन बेहतर रन रेट के कारण यूएसए पाकिस्तान से आगे है। पाकिस्तान तीसरे स्थान पर खिसक गया है। नीदरलैंड चौथे और नामीबिया पाँचवें स्थान पर हैं। ऐसे में पाकिस्तान के लिए समीकरण बिल्कुल साफ है—नामीबिया के खिलाफ जीत और सुपर-8 का टिकट पक्का,लेकिन हार की स्थिति में पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ सकता है।
अगर पाकिस्तान नामीबिया को हरा देता है,तो उसके 6 अंक हो जाएँगे और वह बिना किसी गणित के अगले दौर में पहुँच जाएगा,लेकिन अगर पाकिस्तान हार जाता है,तो बेहतर रन रेट के आधार पर यूएसए सुपर-8 में प्रवेश कर सकती है। यही कारण है कि यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति लेकर आया है।
कागज पर देखा जाए तो पाकिस्तान की टीम नामीबिया से कहीं अधिक मजबूत और अनुभवी है। दोनों टीमों के बीच अब तक केवल एक ही अंतर्राष्ट्रीय टी20 मुकाबला खेला गया है और उसमें पाकिस्तान विजयी रहा था,लेकिन टी20 क्रिकेट की प्रकृति ऐसी है कि यहाँ कोई भी टीम किसी को भी चौंका सकती है। नामीबिया भले ही अंक तालिका में नीचे हो और अपने तीन शुरुआती मैच हारकर पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी हो,लेकिन उसने अपने प्रदर्शन से यह जरूर दिखाया है कि वह किसी भी बड़े विरोधी को चुनौती दे सकती है।
भारत के खिलाफ नामीबिया ने जिस तरह की गेंदबाजी की,उसने सभी को प्रभावित किया। भारतीय पारी के अंतिम 11 गेंदों में नामीबिया ने 5 विकेट झटक लिए थे। उस मुकाबले में कप्तान इरासमस ने शानदार स्पिन गेंदबाजी करते हुए चार विकेट हासिल किए थे। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और विविधता ने भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाल दिया था। हालाँकि,स्कोरबोर्ड पर पर्याप्त रन होने के कारण भारत को जीत मिली,लेकिन नामीबिया की गेंदबाजी ने यह संकेत दे दिया कि अगर उन्हें थोड़ी भी मदद मिली तो वे किसी भी टीम की बल्लेबाजी क्रम को हिला सकते हैं।
पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय उसकी बल्लेबाजी रही है। टूर्नामेंट में अब तक टीम का बल्लेबाजी प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। भारत के खिलाफ मैच में तो बल्लेबाज पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। शीर्ष क्रम की विफलता और मध्यक्रम की अस्थिरता ने टीम को मुश्किल में डाला है। अगर नामीबिया ने उसी तरह अनुशासित गेंदबाजी की,जैसी उसने भारत के खिलाफ की थी,तो पाकिस्तान के बल्लेबाजों के सामने एक और कठिन परीक्षा होगी।
पाकिस्तान की टीम इस मुकाबले को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी। टीम प्रबंधन और कप्तान को अच्छी तरह पता है कि टी20 जैसे फॉर्मेट में एक छोटा सा उतार-चढ़ाव पूरे टूर्नामेंट की दिशा बदल सकता है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि पाकिस्तान अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतरेगा और नेट रन रेट सुधारने के लिए भी बड़ी जीत की कोशिश करेगा।
मौसम भी इस मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकता है। कोलंबो में इन दिनों बारिश की संभावना बनी हुई है। हालाँकि,मैच के समय बारिश की आशंका कम बताई जा रही है,लेकिन अगर मौसम ने करवट बदली तो ओवरों की संख्या में कटौती की जा सकती है या फिर मैच बाधित हो सकता है। यदि बारिश के कारण मुकाबला रद्द होता है तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिल जाएगा। ऐसी स्थिति में नामीबिया को टूर्नामेंट का पहला अंक मिलेगा,जबकि पाकिस्तान के कुल 5 अंक हो जाएँगे और वह सुपर-8 में प्रवेश कर जाएगा। इसलिए पाकिस्तान के लिए मौसम भी एक संभावित राहत का कारण बन सकता है,लेकिन टीम निश्चित रूप से जीत के साथ ही आगे बढ़ना चाहेगी।
इस मुकाबले में पाकिस्तान के गेंदबाजों की भूमिका भी अहम होगी। अगर वे शुरुआती विकेट निकालकर नामीबिया पर दबाव बना देते हैं तो मैच का रुख जल्दी बदल सकता है। साथ ही बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेकर लंबी साझेदारियाँ करनी होंगी,ताकि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ सके और रन रेट की समस्या भी दूर हो।
यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं,बल्कि दबाव और उम्मीदों के बीच की लड़ाई होगा। पाकिस्तान के लिए यह अपनी प्रतिष्ठा और टूर्नामेंट में बने रहने का सवाल है,जबकि नामीबिया के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। यही वजह है कि यह मैच बेहद रोमांचक होने की पूरी संभावना रखता है। अब देखना होगा कि कोलंबो की पिच पर किसकी रणनीति और जज्बा भारी पड़ता है और कौन सी टीम सुपर-8 की दौड़ में आगे बढ़ती है।
