मुंबई, 18 फरवरी (युआईटीवी)- मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर सुरक्षा मानकों को लेकर सवालों के घेरे में है। फिल्म ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग के दौरान कथित गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों को लेकर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एसोसिएशन ने निर्देशक आदित्य धर और उनकी प्रोडक्शन कंपनी बी62 स्टूडियोज के खिलाफ बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा की गई कार्रवाई का समर्थन करते हुए फिल्म इंडस्ट्री में सख्त सुरक्षा नियम लागू करने की माँग की है।
एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स,टेक्नीशियन और मजदूरों की जान,सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रोडक्शन हाउस कानून से ऊपर नहीं है और अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है,तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, ‘धुरंधर 2’ के सेट पर जो लापरवाहियाँ सामने आई हैं,वे न केवल चिंताजनक हैं,बल्कि पूरे उद्योग के लिए एक गंभीर चेतावनी भी हैं।
एसोसिएशन के मुताबिक,फिल्म की शूटिंग के दौरान कई बार सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई। आरोप है कि हाई-सिक्योरिटी जोन में जलती मशालों का इस्तेमाल किया गया,बिना आवश्यक अनुमति के लोकेशन बदली गई और गैस तथा जेनरेटर वैन का अवैध उपयोग किया गया। इन गतिविधियों से न केवल आग और दुर्घटना का खतरा बढ़ा,बल्कि आसपास मौजूद वर्कर्स और टेक्नीशियनों की जान भी जोखिम में डाली गई। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर बुनियादी सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाती है और दुर्घटना होने के बाद ही प्रशासन हरकत में आता है।
मुंबई में रोजाना सैकड़ों फिल्मों,वेब सीरीज और विज्ञापनों की शूटिंग होती है। गोरेगांव फिल्म सिटी और अन्य स्टूडियो परिसरों में बड़ी संख्या में वर्कर्स काम करते हैं। एसोसिएशन का आरोप है कि कई प्रोडक्शन हाउस आवश्यक फायर सेफ्टी,इलेक्ट्रिकल सेफ्टी और संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते। बीते वर्षों में आग लगने,बिजली के झटके लगने,ऊँचाई से गिरने और अस्थायी सेट ढहने जैसी घटनाओं में कई वर्कर्स की जान जा चुकी है,जबकि अनेक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद सुरक्षा को प्राथमिकता देने की संस्कृति विकसित नहीं हो पाई है।
सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा कि एसोसिएशन ने राज्य के मुख्यमंत्री और बीएमसी कमिश्नर को कई बार पत्र लिखकर सुरक्षा संबंधी चिंताओं से अवगत कराया है। उन्होंने हर शूटिंग सेट पर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करने और जहाँ भी लापरवाही मिले वहां तुरंत सख्त कार्रवाई करने की माँग दोहराई। उनका कहना है कि जब तक प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम नहीं उठाए जाएँगे,तब तक लापरवाह प्रोडक्शन हाउस बेफिक्र होकर नियमों की अनदेखी करते रहेंगे।
‘धुरंधर 2’ मामले में बीएमसी द्वारा बी62 स्टूडियोज को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश और जुर्माना प्रस्ताव को एसोसिएशन ने सही दिशा में उठाया गया कदम बताया है। एसोसिएशन का मानना है कि ऐसे सख्त फैसले अन्य प्रोडक्शन कंपनियों के लिए चेतावनी का काम करेंगे और उन्हें सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए बाध्य करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केवल जुर्माना लगाना पर्याप्त नहीं है,बल्कि दोबारा उल्लंघन की स्थिति में शूटिंग परमिट रद्द करने जैसे कठोर उपाय भी किए जाने चाहिए।
फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले हजारों दैनिक वेतनभोगी मजदूरों और टेक्नीशियनों के लिए सुरक्षा एक बुनियादी अधिकार है। अक्सर ये वर्कर्स सीमित संसाधनों और अस्थायी अनुबंधों के तहत काम करते हैं,जिससे वे अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को खुलकर सामने नहीं रख पाते। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में यूनियनों और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे श्रमिकों के हितों की रक्षा करें।
एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और जब तक पूरे उद्योग में सख्त सुरक्षा नियम लागू नहीं हो जाते,तब तक वह अपनी आवाज उठाता रहेगा। उनका कहना है कि सुरक्षा कोई विकल्प नहीं,बल्कि अनिवार्यता है। शूटिंग सेट पर काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी जान और स्वास्थ्य सुरक्षित है।
फिलहाल ‘धुरंधर 2’ के सेट पर हुए कथित उल्लंघनों की जाँच जारी है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब यह देखना होगा कि क्या यह मामला फिल्म इंडस्ट्री में व्यापक सुधार की दिशा में ठोस कदम साबित होता है या फिर यह भी अन्य घटनाओं की तरह समय के साथ भुला दिया जाएगा। हालाँकि,ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन की कड़ी चेतावनी और बीएमसी की कार्रवाई ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब आसानी से नजरअंदाज नहीं की जाएगी। मुंबई की चमकदार फिल्म दुनिया के पीछे काम करने वाले हजारों वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब इंडस्ट्री और प्रशासन दोनों के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।
