बिल गेट्स

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से बिल गेट्स का संबोधन रद्द,एप्स्टीन विवाद की अटकलों ने बढ़ाए सवाल

नई दिल्ली,19 फरवरी (युआईटीवी)- नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के बीच टेक जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और वैश्विक परोपकारी नेता बिल गेट्स ने इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में अपना मुख्य भाषण आखिरी समय में रद्द कर दिया है। समिट के प्रमुख आकर्षणों में शामिल गेट्स की अनुपस्थिति ने न केवल आयोजन स्थल पर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

गुरुवार सुबह ठीक 8:22 बजे बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से इस निर्णय की पुष्टि की। फाउंडेशन के बयान में कहा गया कि “गहन विचार-विमर्श के बाद और यह सुनिश्चित करने के लिए कि ध्यान समिट की मुख्य प्राथमिकताओं पर बना रहे,गेट्स अपना संबोधन नहीं देंगे।” बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि उनकी जगह अब अफ्रीका और भारत कार्यालय के अध्यक्ष अंकुर वोरा सम्मेलन में फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व करेंगे।

हालाँकि,आधिकारिक तौर पर निर्णय को समिट की प्राथमिकताओं से जोड़ा गया है,लेकिन जानकारों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे एक बड़ा विवाद भी कारण हो सकता है। हाल ही में सार्वजनिक हुई तथाकथित ‘एप्स्टीन फाइल्स’ और उनसे जुड़े नए अदालती दस्तावेजों में गेट्स के नाम के उल्लेख ने फिर से सुर्खियाँ बटोरी हैं। इस घटनाक्रम के चलते उनके पुराने संबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है।

जेफरी एप्सटीन एक सजायाफ्ता यौन अपराधी था,जिसके संपर्कों और नेटवर्क में दुनिया के कई प्रभावशाली नाम शामिल रहे हैं। हाल के हफ्तों में सामने आए नए दस्तावेजों और जाँच रिपोर्टों ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। यद्यपि गेट्स ने पहले भी सार्वजनिक रूप से एप्स्टीन से जुड़ी किसी भी गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है और इसे “गंभीर भूल” बताते हुए संबंधों को समाप्त करने की बात कही थी,फिर भी इस मुद्दे के दोबारा उभरने से उनके लिए असहज स्थिति बन गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े और हाई-प्रोफाइल अंतर्राष्ट्रीय मंच पर संभावित विरोध या असहज सवालों से बचने के लिए यह कदम उठाया गया हो सकता है। भारत मंडपम में चल रहे इस सम्मेलन में वैश्विक मीडिया और तकनीकी जगत की गहरी नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे में किसी भी तरह की विवादित चर्चा सम्मेलन के मुख्य एजेंडे से ध्यान भटका सकती थी।

फिर भी गेट्स फाउंडेशन ने अपने बयान में भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि वह भारत में स्वास्थ्य,टीकाकरण,डिजिटल नवाचार और विकास संबंधी पहलों में सहयोग जारी रखेगा। भारत लंबे समय से गेट्स फाउंडेशन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है,खासकर सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृषि सुधार के क्षेत्रों में।

इस बीच,सम्मेलन का फोकस अब अन्य वैश्विक नेताओं और उद्योगपतियों की ओर शिफ्ट हो गया है। कार्यक्रम में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी जैसे दिग्गजों की मौजूदगी पहले से ही चर्चा का केंद्र बनी हुई है। एआई,डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और नवाचार के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को देखते हुए यह समिट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक, आर्थिक और नैतिक प्रभावों पर वैश्विक विमर्श को आगे बढ़ाना है। ऐसे में गेट्स जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व की अनुपस्थिति निश्चित रूप से चर्चा का विषय बनी है,लेकिन आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन का एजेंडा और उसकी दिशा अपरिवर्तित रहेगी।

बिल गेट्स का यह कदम ऐसे समय में आया है,जब तकनीकी नेतृत्व और नैतिक जवाबदेही दोनों ही वैश्विक बहस के केंद्र में हैं। जहाँ एक ओर फाउंडेशन ने इसे प्राथमिकताओं के अनुरूप लिया गया निर्णय बताया है,वहीं दूसरी ओर एप्स्टीन विवाद की पृष्ठभूमि ने इसे और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में गेट्स स्वयं इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं। फिलहाल,इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का फोकस एआई के भविष्य और वैश्विक साझेदारी पर बना हुआ है,भले ही उसके एक बड़े आकर्षण ने मंच से दूरी बना ली हो।