मुंबई,25 फरवरी (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। दमदार अभिनय,शानदार डांस मूव्स और स्टाइलिश अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले शाहिद ने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएँ निभाई हैं। उन्होंने रोमांटिक हीरो से लेकर इंटेंस और ग्रे शेड्स वाले किरदारों तक,हर तरह की भूमिकाओं में खुद को साबित किया है। हालाँकि,कम ही लोग जानते हैं कि उनके करियर में ऐसे कई मौके आए जब उन्होंने कुछ बड़ी फिल्मों के ऑफर ठुकरा दिए,जो बाद में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट या ब्लॉकबस्टर साबित हुईं।
शाहिद कपूर,दिग्गज अभिनेता पंकज कपूर के बेटे हैं और उन्होंने अपने दम पर इंडस्ट्री में पहचान बनाई। उनके करियर की शुरुआत एक चॉकलेटी हीरो के तौर पर हुई,लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का दायरा बढ़ाया। दिलचस्प बात यह है कि जिन फिल्मों को उन्होंने किसी कारणवश मना किया,वे आगे चलकर हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल हो गईं।
साल 2006 में रिलीज हुई रंग दे बसंती इसका बड़ा उदाहरण है। निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा की यह फिल्म पहले शाहिद कपूर को ऑफर हुई थी। उस समय शाहिद अपनी अन्य फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त थे,जिसके कारण उन्होंने इस प्रोजेक्ट को छोड़ दिया। बाद में यह भूमिका आमिर खान को मिली। फिल्म में आर. माधवन,सोहा अली खान, सिद्धार्थ,कुणाल कपूर और शरमन जोशी जैसे कलाकार भी नजर आए। ‘रंग दे बसंती’ न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफल रही,बल्कि इसे आज भी बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में गिना जाता है।
इसी तरह साल 2011 में आई जिंदगी ना मिलेगी दोबारा भी पहले शाहिद को ऑफर की गई थी। निर्देशक जोया अख्तर की इस फिल्म में दोस्ती,जिंदगी और आत्म-खोज की कहानी को बेहद खूबसूरती से पेश किया गया,लेकिन अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्तता के कारण शाहिद ने यह फिल्म करने से इनकार कर दिया। बाद में फिल्म में ऋतिक रोशन,फरहान अख्तर और अभय देओल मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। यह फिल्म दर्शकों की फेवरेट बन गई और आज भी युवाओं के बीच खास स्थान रखती है।
इसी साल रिलीज हुई रॉकस्टार भी शाहिद के करियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है। निर्देशक इम्तियाज अली की इस म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्म का ऑफर पहले शाहिद को मिला था,लेकिन उस समय उन्होंने ‘जब वी मेट’ को प्राथमिकता दी। बाद में फिल्म में मुख्य भूमिका रणबीर कपूर ने निभाई और यह उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई। फिल्म में नरगिस फाखरी भी मुख्य भूमिका में थीं। ‘रॉकस्टार’ ने रणबीर को एक अलग पहचान दिलाई और इसे आज भी क्लासिक फिल्म माना जाता है।
साल 2013 में रिलीज हुई शुद्ध देसी रोमांस भी पहले शाहिद को ऑफर की गई थी। इस रोमांटिक ड्रामा में बाद में सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा नजर आए। फिल्म को युवाओं के बीच अच्छी प्रतिक्रिया मिली। उसी साल आई रांझणा भी शाहिद को ऑफर हुई थी। निर्देशक आनंद एल राय की इस इंटेंस लव स्टोरी के जरिए धनुष ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिल्म में सोनम कपूर और अभय देओल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे। ‘रांझणा’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और दर्शकों की फेवरेट बन गई।
इसके अलावा भी कई बड़ी फिल्में थीं,जिन्हें शाहिद ने किसी न किसी वजह से मना कर दिया। बैंग बैंग,जिसका निर्देशन सिद्धार्थ आनंद ने किया,पहले उन्हें ऑफर की गई थी। इसी तरह गोरी तेरे प्यार में,वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा और बेशर्म जैसी फिल्में भी उनके पास आई थीं,लेकिन उन्होंने इन्हें स्वीकार नहीं किया।
हालाँकि,यह कहना मुश्किल है कि अगर शाहिद इन फिल्मों में काम करते तो उनका करियर किस दिशा में जाता,लेकिन यह तय है कि उन्होंने अपने लिए अलग रास्ता चुना। ‘जब वी मेट’, ‘कमीने’, ‘हैदर’, ‘कबीर सिंह’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने यह साबित किया कि वे प्रयोग करने से नहीं डरते और जोखिम उठाने में विश्वास रखते हैं। हर कलाकार के करियर में ऐसे फैसले आते हैं जो बाद में चर्चा का विषय बनते हैं और शाहिद के साथ भी ऐसा ही हुआ।
इन दिनों शाहिद की हालिया रिलीज फिल्म ‘ओ रोमियो’ को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दे रहे हैं और उनके अब तक के सफर की सराहना कर रहे हैं। कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों को ठुकराने के बावजूद शाहिद कपूर ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर इंडस्ट्री में मजबूत स्थान बनाया है। उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि सफलता केवल बड़े प्रोजेक्ट्स से नहीं,बल्कि सही चुनाव और निरंतर मेहनत से मिलती है।
