अमरावती,28 फरवरी (युआईटीवी)- आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में शनिवार दोपहर एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। सामर्लकोटा मंडल के वेटलापालेम गाँव में गोदावरी नहर के पास स्थित ‘सूर्याश्री फायरवर्क्स’ नामक यूनिट में दोपहर करीब 2 बजे हुए इस हादसे में कम-से-कम 20 लोगों की मौत हो गई,जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल फैल गया। घटना के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आया और राहत व बचाव कार्य शुरू किए गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,फैक्ट्री परिसर में अचानक जोरदार धमाका हुआ,जिसके बाद आग की लपटें और घना धुआँ आसमान में उठने लगा। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई श्रमिकों के शव पास के खेतों में जा गिरे। कुछ शव क्षत-विक्षत अवस्था में खेतों में बिखरे मिले,जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाकों की आवाज करीब पाँच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के घरों की खिड़कियाँ टूट गईं और एक नजदीकी गाँव के स्कूल की छत में दरारें पड़ गईं। धमाके के बाद लोगों में अफरातफरी मच गई और वे अपने घरों से बाहर निकल आए।
राज्य के श्रम मंत्री वामसेट्टी सुभाष ने 20 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि करते हुए इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि मृतकों में अधिकांश महिलाएँ हैं,जो फैक्ट्री में काम कर रही थीं। हादसे के समय यूनिट में कई श्रमिक मौजूद थे और आग की चपेट में आने से उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। घायलों को एंबुलेंस के जरिए काकीनाडा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है,जहाँ उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने जिला अधिकारियों से तत्काल बात कर राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री इस समय विजयनगरम जिले के दौरे पर हैं,लेकिन उन्होंने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। उन्होंने गृह मंत्री वी. अनिता को तुरंत घटनास्थल पर पहुँचने और हालात की समीक्षा करने का निर्देश दिया। आधिकारिक बयान के अनुसार,मुख्यमंत्री ने विस्फोट के कारणों की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने को कहा कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बातचीत कर राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। पवन कल्याण ने बताया कि विस्फोट के बाद कुछ समय तक यूनिट से लगातार धमाकों की आवाजें आती रहीं,जिससे राहत कार्यों में भी चुनौती उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले की गहन जाँच कराएगी,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
विपक्षी दलों ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने राज्य सरकार से मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और घायलों के लिए तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की माँग की। आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए सरकार से गंभीर रूप से घायलों को मुफ्त और उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध कराने तथा मृतकों के परिजनों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की अपील की।
घटना के बाद दमकल विभाग की दो गाड़ियाँ और अन्य आवश्यक उपकरण मौके पर पहुँचाए गए। पुलिस,राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर आग बुझाने और मलबा हटाने का काम शुरू किया। फैक्ट्री परिसर में विस्फोट के बाद फैली आग पर काबू पाने में काफी समय लगा। राहत और बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहे। जिला कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे और स्थिति की निगरानी करते रहे।
प्रारंभिक जाँच में आशंका जताई जा रही है कि विस्फोट अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के असुरक्षित भंडारण या निर्माण प्रक्रिया के दौरान हुई चूक के कारण हुआ हो सकता है। हालाँकि,अधिकारियों ने कहा है कि सटीक कारणों का पता विस्तृत जाँच के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन ने फैक्ट्री के लाइसेंस,सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की कार्य स्थितियों की जाँच के आदेश दिए हैं। यह भी देखा जा रहा है कि क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पटाखा इकाई में पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके थे,लेकिन इस बार का विस्फोट बेहद भयावह था। कई परिवारों के लिए यह हादसा अपूरणीय क्षति लेकर आया है। जिन महिलाओं की इस दुर्घटना में मौत हुई है,वे अपने परिवारों की आर्थिक रीढ़ थीं। उनके अचानक चले जाने से परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। गाँव में मातम पसरा हुआ है और हर तरफ चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। साथ ही,भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पटाखा निर्माण इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और नियमित निरीक्षण अत्यंत आवश्यक है,क्योंकि ज्वलनशील पदार्थों के साथ काम करने में जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
काकीनाडा का यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित करता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का उपचार और मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान करना है। पूरे राज्य में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
