नई दिल्ली,3 मार्च (युआईटीवी)- मध्य पूर्व में जारी तनाव और लगातार बंद हो रहे हवाई क्षेत्रों के मद्देनज़र देश की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया ने अपनी उड़ान सेवाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यात्रियों व क्रू की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्य पूर्व के लिए अपनी सभी उड़ानों का अस्थायी निलंबन 3 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे (भारतीय समयानुसार) तक बढ़ा दिया है। इस फैसले से मध्य पूर्व से आने-जाने वाली सभी निर्धारित उड़ानें प्रभावित रहेंगी।
एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह मिडिल ईस्ट में बदलते हालात का लगातार आकलन कर रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका,कनाडा,यूरोप और यूनाइटेड किंगडम के लिए उसकी सभी निर्धारित उड़ान सेवाएँ सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और इन रूट्स पर फिलहाल किसी तरह की बाधा नहीं है। एयरलाइन के अनुसार,जिन देशों के हवाई क्षेत्र खुले और सुरक्षित हैं,वहाँ की सेवाएँ पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार जारी रहेंगी।
मिडिल ईस्ट में हालिया घटनाक्रम के चलते कई देशों ने एहतियातन अपने एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हुए हैं और कई एयरलाइंस को अपनी सेवाओं में बदलाव करना पड़ा है। एयर इंडिया ने भी इसी परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय लिया है,ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके। कंपनी का कहना है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। साथ ही आश्वासन दिया है कि जिन यात्रियों की उड़ानें इस अवधि में रद्द या स्थगित हुई हैं,उन्हें वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों को पूर्ण धनवापसी का विकल्प दिया जाएगा या वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तिथि बदल सकते हैं। कंपनी ने इसे ‘कॉम्प्लिमेंट्री री-शेड्यूलिंग’ बताया है,जिससे यात्रियों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
एयर इंडिया ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जानने के लिए एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से जाँच करते रहें। इसके अलावा 24 घंटे उपलब्ध ग्राहक सहायता सेवा से संपर्क करने की भी सलाह दी गई है। कंपनी ने दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं—+91-11-69329333 और +91-11-69329999—जिन पर यात्री अपनी यात्रा से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एयरलाइन ने अपने संदेश में यात्रियों के धैर्य और समझदारी के लिए आभार भी व्यक्त किया है।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों में एयरस्पेस का बंद होना एक सामान्य एहतियाती कदम है। किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम से बचने के लिए एयरलाइंस को अपने रूट बदलने या सेवाएँ अस्थायी रूप से निलंबित करने का निर्णय लेना पड़ता है। ऐसे में एयर इंडिया का यह कदम वैश्विक विमानन मानकों के अनुरूप माना जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई अन्य एयरलाइंस भी मिडिल ईस्ट क्षेत्र के लिए अपनी उड़ानों में बदलाव कर रही हैं।
मध्य पूर्व भारत के लिए एक महत्वपूर्ण हवाई मार्ग है,क्योंकि यहाँ बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं और नियमित रूप से दोनों दिशाओं में यात्रा करते हैं। इसके अलावा यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली कई उड़ानें भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। ऐसे में एयरस्पेस बंद होने का असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता है। हालाँकि,एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका,कनाडा,यूरोप और यूके के लिए उसकी सेवाएँ सामान्य रूप से जारी हैं,जिससे लंबी दूरी की यात्राओं पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ा है।
यात्रियों के लिए यह समय सतर्कता और योजना बनाने का है। जिन लोगों की यात्रा आने वाले दिनों में निर्धारित है,उन्हें एयरलाइन से संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। एयर इंडिया का कहना है कि जैसे ही स्थिति सामान्य होगी और संबंधित देशों के हवाई क्षेत्र फिर से खुलेंगे,वह अपनी सेवाओं को पुनः शुरू करने की घोषणा करेगी।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने वैश्विक विमानन उद्योग को प्रभावित किया है और एयर इंडिया का यह निर्णय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक एहतियाती कदम है। कंपनी ने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएँगे,लेकिन फिलहाल 3 मार्च 2026 तक मध्य पूर्व के लिए एयर इंडिया की सभी उड़ानें स्थगित रहेंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक माध्यमों से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
