राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी (तस्वीर क्रेडिट@bulbulroymishra)

होली पर मैक्रों ने दी पीएम मोदी को शुभकामनाएँ, ‘मेरे मित्र’ कहकर दिया जवाब; भारत-फ्रांस दोस्ती का दिखा खास रंग

नई दिल्ली,5 मार्च (युआईटीवी)- रंगों के पर्व होली के अवसर पर भारत और फ्रांस के बीच दोस्ती का एक दिलचस्प और गर्मजोशी भरा संदेश दुनिया के सामने आया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को होली की शुभकामनाएँ देते हुए दोनों देशों के रिश्तों की मिठास को और गहरा कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए इस संदेश ने न केवल लोगों का ध्यान खींचा,बल्कि यह भी दिखाया कि भारत और फ्रांस के बीच कूटनीतिक रिश्ते कितने मजबूत और आत्मीय हो चुके हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने संदेश में बेहद दोस्ताना अंदाज अपनाते हुए लिखा, “होली की शुभकामनाएँ,मेरे दोस्त!” यह छोटा सा संदेश भारतीय त्योहार के रंगों की तरह ही गर्मजोशी और दोस्ती से भरा हुआ था। मैक्रों का यह संदेश ऐसे समय आया,जब भारत में होली का त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। देशभर में लोग रंग-गुलाल,मिठाइयों और पारंपरिक उत्सवों के साथ इस पर्व को मना रहे हैं।

राष्ट्रपति मैक्रों के इस संदेश का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तुरंत और बेहद आत्मीय अंदाज में दिया। उन्होंने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बहुत-बहुत धन्यवाद,मेरे मित्र! होली के पावन अवसर पर आपको और फ्रांस के लोगों को ढेर सारी खुशियाँ और समृद्धि की हार्दिक शुभकामनाएँ।” प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में मैक्रों को ‘मेरे मित्र’ कहकर संबोधित किया,जो दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और राजनयिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

दरअसल,पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच करीबी संवाद और सहयोग देखने को मिला है। दोनों नेता कई अंतर्राष्ट्रीय मंचों और द्विपक्षीय बैठकों में एक साथ नजर आए हैं। इन मुलाकातों में भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया गया है। यही कारण है कि आज दोनों देशों के संबंध केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं,बल्कि यह एक व्यापक और बहुआयामी साझेदारी में बदल चुके हैं।


भारत और फ्रांस के बीच सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी है,जिसमें आधुनिक सैन्य तकनीक और संयुक्त अभ्यास शामिल हैं। इसके अलावा अंतरिक्ष अनुसंधान,जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयास,व्यापार,निवेश और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच लंबे समय से तकनीकी सहयोग भी जारी है,जिसने दोनों देशों को इस क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

सांस्कृतिक संबंधों की बात करें तो भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी काफी सक्रिय है। भारतीय कला,संगीत,योग और खानपान फ्रांस में काफी लोकप्रिय हैं,वहीं फ्रांसीसी संस्कृति,फैशन और कला का प्रभाव भारत में भी देखा जा सकता है। इसी सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक ऐसे मौकों पर देखने को मिलती है,जब दोनों देशों के नेता एक-दूसरे के त्योहारों पर शुभकामनाएँ साझा करते हैं।

राष्ट्रपति मैक्रों इससे पहले भी भारतीय त्योहारों के अवसर पर शुभकामनाएँ देते रहे हैं। चाहे दीपावली हो या होली,उन्होंने कई बार भारतीय जनता को संदेश भेजकर सांस्कृतिक सम्मान और दोस्ती का परिचय दिया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस बास्तील दिवस समेत अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर फ्रांस की जनता और नेतृत्व को शुभकामनाएँ देते रहे हैं। यह परंपरा दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और सांस्कृतिक समझ को दर्शाती है।

जहाँ तक होली का सवाल है,यह भारत का एक ऐसा त्योहार है,जो केवल धार्मिक या सांस्कृतिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहा,बल्कि अब यह वैश्विक पहचान बना चुका है। होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है और यह वसंत ऋतु के आगमन,प्रेम,भाईचारे और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं,मिठाइयाँ बाँटते हैं और आपसी मतभेद भुलाकर खुशियाँ मनाते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अब होली केवल भारत तक सीमित नहीं रही। दुनिया के कई देशों में भारतीय समुदाय और स्थानीय लोग मिलकर इसे बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। फ्रांस में भी भारतीय प्रवासी समुदाय होली के अवसर पर बड़े आयोजन करता है। इन कार्यक्रमों में फ्रांसीसी नागरिक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और भारतीय संस्कृति का आनंद लेते हैं।

ऐसे में जब फ्रांस के राष्ट्रपति स्वयं भारत के प्रधानमंत्री को होली की शुभकामनाएँ देते हैं,तो यह केवल एक औपचारिक संदेश नहीं रहता,बल्कि यह दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक बन जाता है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच हुआ यह छोटा सा संदेश आदान-प्रदान यही दिखाता है कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के बीच भी व्यक्तिगत संबंध और सांस्कृतिक सम्मान कितनी अहम भूमिका निभाते हैं।

होली के इस अवसर पर आया यह संदेश भारत-फ्रांस संबंधों के रंगों को और भी गहरा कर गया है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है,जिससे वैश्विक मंच पर भी दोनों देशों की भूमिका और प्रभाव बढ़ेगा।