तिरुवनंतपुरम, 11 मार्च (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केरल के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे,जहाँ वे लगभग 10,800 करोड़ रुपये की कई बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा बुनियादी ढाँचे,ऊर्जा,रेलवे और ग्रामीण सड़कों के विकास के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। हालाँकि,इस कार्यक्रम से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है,क्योंकि केरल सरकार ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से दूरी बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे,जिससे केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव की स्थिति साफ दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के थलापाडी-चेंगला खंड के उद्घाटन समारोह को लेकर हुई। राज्य सरकार का आरोप है कि इस कार्यक्रम में केरल के लोक निर्माण विभाग मंत्री मोहम्मद रियाज को आमंत्रित नहीं किया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने इसे अपनी अनदेखी मानते हुए सामूहिक रूप से कार्यक्रम से दूर रहने का निर्णय लिया। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में राज्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और ऐसे में राज्य के मंत्री को समारोह से बाहर रखना उचित नहीं है।
दरअसल,राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के विकास में केरल सरकार की भी बड़ी भागीदारी रही है। जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार ने लगभग 5600 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। राज्य सरकार का कहना है कि यह परियोजना केरल के लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट रही है और इसमें राज्य की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसी वजह से राज्य सरकार इस पूरे कार्यक्रम को केंद्र सरकार द्वारा परियोजना का पूरा श्रेय लेने की कोशिश के रूप में देख रही है।
दिलचस्प बात यह है कि कार्यक्रम की आधिकारिक सूची में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का नाम शामिल है,लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसमें भाग नहीं लेने का फैसला किया है। उनके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल के कई अन्य सदस्य भी इस कार्यक्रम से दूर रहेंगे। इस फैसले ने केरल की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और इसे केंद्र और राज्य के बीच राजनीतिक मतभेद का एक और उदाहरण माना जा रहा है।
उधर इस कार्यक्रम में भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव चन्द्रशेखर और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। भाजपा के नेताओं की मौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार के कुछ नेताओं का मानना है कि कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच राज्य के मंत्री एनबी राजेश का नाम भी आमंत्रित लोगों की सूची में शामिल किया गया था,लेकिन उन्होंने भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। मंत्री ने इससे जुड़ा एक पुराना अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि त्रिवेंद्रम में प्रधानमंत्री के पिछले कार्यक्रम के दौरान उनके पास पहले से ही प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी पास मौजूद था,लेकिन कार्यक्रम स्थल पर विशेष सुरक्षा समूह के अधिकारियों ने उनसे आधार कार्ड दिखाने के लिए कहा।
मंत्री के अनुसार उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनके पास पहले से ही वैध पास है और आधार कार्ड दिखाने की आवश्यकता नहीं है। इस बात को लेकर उनकी एसपीजी अधिकारियों से बहस भी हुई थी। बाद में काफी चर्चा के बाद उन्हें कार्यक्रम में प्रवेश की अनुमति मिली। इस घटना को भी राज्य सरकार के कुछ नेता केंद्र और राज्य के बीच तालमेल की कमी के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।
हालाँकि,इन राजनीतिक विवादों के बीच प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा विकास परियोजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री कई अहम परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे,जिनका सीधा असर राज्य के बुनियादी ढाँचे और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री इस दौरान भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की कोच्चि रिफाइनरी में एक महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। यह परियोजना पॉलीप्रोपाइलीन इकाई से जुड़ी है और इसे ऊर्जा तथा पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे औद्योगिक उत्पादन और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री दो बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें पहली परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के थलापाडी-चेंगला खंड का छह लेन का निर्माण है। इस परियोजना को 2,650 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। इससे केरल और कर्नाटक के बीच यातायात और व्यापार को काफी लाभ मिलने की उम्मीद है।
दूसरी बड़ी परियोजना वेंगलम से रामनट्टुकरा तक कोझिकोड बाईपास का छह लेन का निर्माण है। इस परियोजना की लागत लगभग 2,140 करोड़ रुपये बताई गई है। इस बाईपास के निर्माण से कोझिकोड क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी 23 ग्रामीण सड़कों का भी उद्घाटन किया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क बेहतर होगा और स्थानीय लोगों को परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएँ ग्रामीण विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद करेंगी।
रेलवे क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तीन रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया गया है,जिनका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। इनमें शोरानूर जंक्शन,कुट्टीपुरम और चांगनास्सेरी स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी।
इसके साथ ही शोरानूर-नीलाम्बुर रोड रेलवे लाइन के विद्युतीकरण परियोजना का भी उद्घाटन किया जाएगा। इससे रेलवे संचालन अधिक तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा। प्रधानमंत्री पलक्कड़ और पोलाची के बीच एक नई रेल सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे,जिससे क्षेत्रीय संपर्क और मजबूत होगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री एक महत्वपूर्ण परियोजना की आधारशिला रखेंगे। कोल्लम जिले के पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की जाएगी। यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा विकास परियोजनाओं के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है,लेकिन इसके साथ ही राज्य की राजनीति में पैदा हुए विवाद ने इसे और भी चर्चा का विषय बना दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन परियोजनाओं का राज्य के विकास पर कितना प्रभाव पड़ता है और केंद्र व राज्य सरकार के बीच राजनीतिक मतभेद किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
