रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

मध्य पूर्व संकट के बीच पुतिन–पेज़ेशकियन की बातचीत,ट्रंप से भी हुई चर्चा; रूस ने दिया राजनीतिक समाधान का संकेत

नई दिल्ली,11 मार्च (युआईटीवी)- मध्य पूर्व में जारी तनाव और सैन्य टकराव के बीच कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और खास तौर पर ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों को लेकर विचार-विमर्श किया। जानकारी के अनुसार इस दौरान रूस ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि वह इस संघर्ष को जल्द से जल्द कम करने और राजनीतिक तथा कूटनीतिक माध्यमों से समाधान खोजने के पक्ष में है।

रूस के राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान यह दोहराया कि किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष का स्थायी समाधान सैन्य कार्रवाई से नहीं,बल्कि बातचीत और राजनीतिक प्रक्रिया से ही संभव है। उन्होंने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। रूसी नेतृत्व का मानना है कि लगातार सैन्य कार्रवाइयों से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है,जिसका असर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इस बातचीत के दौरान रूस के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में रूस द्वारा दिया गया सहयोग ईरान के लिए महत्वपूर्ण है। पेज़ेशकियन ने खास तौर पर ईरान को दी जा रही मानवीय सहायता और राजनीतिक समर्थन के लिए रूस का धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संतुलित और जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए।

इस बातचीत को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है,जब अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहे हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कई देशों ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है और विभिन्न नेताओं के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।

इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भी हाल ही में फोन पर बातचीत हुई। ट्रंप ने स्वयं इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष जैसे महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। फ्लोरिडा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने बताया कि यह बातचीत काफी व्यापक रही और इसमें दोनों देशों के कई अधिकारी भी शामिल थे।

ट्रंप ने कहा कि बातचीत की शुरुआत यूक्रेन युद्ध से जुड़ी स्थिति पर चर्चा से हुई। उन्होंने इस युद्ध को “कभी खत्म न होने वाली लड़ाई” बताते हुए कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। ट्रंप के अनुसार इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच विस्तृत चर्चा हुई और युद्ध समाप्त करने के संभावित रास्तों पर भी विचार किया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि रूस और यूक्रेन के नेताओं के बीच व्यक्तिगत तनाव भी इस संघर्ष के लंबा खिंचने की एक बड़ी वजह है। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच संबंधों को लेकर भी चर्चा हुई। ट्रंप के अनुसार दोनों नेताओं के बीच गहरी नाराजगी और अविश्वास की भावना मौजूद है,जो किसी भी समझौते की प्रक्रिया को कठिन बना रही है।

ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के शीर्ष नेतृत्व के बीच मौजूद व्यक्तिगत तनाव ने कई बार शांति प्रयासों को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि जब तक दोनों देशों के नेता आपसी मतभेदों को दूर नहीं करेंगे,तब तक युद्ध समाप्त करने की दिशा में ठोस प्रगति करना मुश्किल होगा। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद बातचीत सकारात्मक रही और भविष्य में समाधान की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

यूक्रेन युद्ध पर चर्चा के बाद दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की स्थिति पर भी विस्तार से बात की। वर्तमान समय में अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चला रहा है और क्षेत्र में कई जगहों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में रूस की भूमिका को लेकर भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।

ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने मौजूदा संकट में रचनात्मक भूमिका निभाने की इच्छा जताई है। उनके अनुसार रूसी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ,तो रूस क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों में सहयोग कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने यह भी बताया कि वह स्थिति को शांत करने और किसी प्रकार के राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने के इच्छुक हैं।

हालाँकि,ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस यदि वास्तव में वैश्विक स्थिरता में योगदान देना चाहता है,तो उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना होगा। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का अंत अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक बड़ा सकारात्मक संदेश होगा और इससे वैश्विक स्तर पर तनाव कम हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में दुनिया के कई बड़े संघर्ष एक साथ चल रहे हैं, जिनमें यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व का संकट प्रमुख हैं। इन दोनों मुद्दों पर महाशक्तियों के बीच बातचीत और कूटनीतिक संपर्क बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। यही वजह है कि विभिन्न देशों के नेताओं के बीच लगातार बातचीत हो रही है और संभावित समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है।

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक स्तर पर बदलते शक्ति संतुलन के बीच रूस,अमेरिका और अन्य प्रमुख देशों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। ऐसे में पुतिन, पेज़ेशकियन और ट्रंप के बीच हुई बातचीत को क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन कूटनीतिक प्रयासों का संघर्ष की दिशा और संभावित समाधान पर कितना प्रभाव पड़ता है।