अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव,डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी—10 संदिग्ध नौकाओं को अमेरिकी सेना ने किया नष्ट

वाशिंगटन,11 मार्च (युआईटीवी)- पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव के बीच अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर कठोर और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई करेगा। ट्रंप की इस चेतावनी के साथ ही अमेरिकी सेना ने एक बड़े अभियान में ऐसी 10 संदिग्ध नौकाओं को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है,जिन पर समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की आशंका जताई जा रही थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह चेतावनी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट के माध्यम से जारी की। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि अमेरिका फारस की खाड़ी को वैश्विक ऊर्जा बाजारों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण जलमार्ग पर लगातार नजर बनाए हुए है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ईरान ने इस मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं और उन्हें तुरंत नहीं हटाया गया तो अमेरिका निर्णायक कार्रवाई करेगा।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की समुद्री सुरंग बिछाई है और इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है,तो उसे तत्काल हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने की स्थिति में अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उनके अनुसार यह जलमार्ग केवल क्षेत्रीय देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है,इसलिए इसकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए उन्नत तकनीक और मिसाइल क्षमताओं का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिन तकनीकों और हथियार प्रणालियों का उपयोग किया जाता है,उन्हें अब होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित बारूदी सुरंग बिछाने की कोशिश करने वाली किसी भी नाव या जहाज को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

राष्ट्रपति ट्रंप की इस चेतावनी के तुरंत बाद उन्होंने एक और पोस्ट में जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने पिछले कुछ घंटों के भीतर 10 ऐसी नौकाओं या जहाजों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया है,जो कथित तौर पर समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती थीं। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है और यदि जरूरत पड़ी तो आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने भी की है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार यह अभियान ईरान की समुद्री क्षमताओं को कमजोर करने और वैश्विक जहाजरानी मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। सेंटकॉम ने कहा कि यह अभियान एक व्यापक सैन्य ऑपरेशन का हिस्सा है,जिसे “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया गया है।

सेंटकॉम के अनुसार इस ऑपरेशन के तहत सैकड़ों हवाई संसाधनों और सैन्य प्रणालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य समुद्र में ईरान की संभावित सैन्य गतिविधियों को सीमित करना और अंतर्राष्ट्रीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना है। अमेरिकी सेना का कहना है कि इस ऑपरेशन के दौरान ईरानी सैन्य क्षमताओं पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

इस बीच अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी इन सैन्य अभियानों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सीधे राष्ट्रपति ट्रंप के आदेशों के तहत की गई है और इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक समुद्री मार्गों के लिए उत्पन्न खतरों को रोकना है। उनके अनुसार अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि दुनिया के महत्वपूर्ण व्यापारिक और ऊर्जा मार्ग सुरक्षित रहें।

रक्षा सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर सेंटकॉम होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद निष्क्रिय या संदिग्ध बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को बंधक बनने नहीं देगा। उनके अनुसार यह जलमार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है,इसलिए इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अमेरिकी केंद्रीय कमान का यह भी कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों को डराने-धमकाने और समुद्र में शक्ति प्रदर्शन करने की ईरानी क्षमता को सीमित करना है। सेंटकॉम के अनुसार ईरान की सैन्य गतिविधियाँ लंबे समय से इस क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बनी हुई हैं। इसी वजह से अमेरिकी सेनाएं इस क्षेत्र में सक्रिय अभियान चला रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले अधिकांश तेल टैंकर इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरते हैं। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर वैश्विक बाजारों तक पहुँचता है। इसलिए इस जलमार्ग में किसी भी तरह का सैन्य तनाव या व्यवधान सीधे तौर पर अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

यही कारण है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी तरह का टकराव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन जाता है। यदि इस मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने या जहाजों पर हमले जैसी घटनाएँ बढ़ती हैं,तो इससे तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मौजूदा हालात में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ट्रंप की चेतावनी ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। हालाँकि,अभी तक ईरान की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है,लेकिन क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो यह संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है।

कुल मिलाकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ और अमेरिका की सख्त चेतावनी इस बात का संकेत देती हैं कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव फिलहाल कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थिति को शांत किया जा सकता है या फिर यह संकट और गहराता चला जाएगा।