नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक मीटर फैक्ट्री में भीषण आग (तस्वीर क्रेडिट@UnitedBharatUP)

नोएडा की इलेक्ट्रॉनिक मीटर फैक्ट्री में भीषण आग,भगदड़ और धुएँ से 32 कर्मचारी अस्पताल में भर्ती

नोएडा,12 मार्च (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा के सेक्टर-4 स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में गुरुवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने के बाद फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे कर्मचारियों के बीच भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई,जिसके कारण कई लोग घायल हो गए। इस हादसे में अब तक करीब 32 कर्मचारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों को आईसीयू में भर्ती किया गया है,जबकि अन्य का इलाज अस्पताल के जनरल वार्ड में किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार आग उस समय लगी जब फैक्ट्री में रात की शिफ्ट चल रही थी। उस वक्त परिसर के अंदर लगभग 200 से 250 कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर में घना धुआँ फैल गया। धुएँ के कारण कर्मचारियों को सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी और कई लोग घुटन की वजह से बेहोश हो गए। हालात इतने खराब हो गए कि कर्मचारियों में अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने की होड़ मच गई,जिससे फैक्ट्री के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

घटना के दौरान कई कर्मचारी गिरकर या आपस में टकराकर घायल हो गए। कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं,जबकि कई लोगों को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल पहुँचाया गया। धुएँ की वजह से जिन लोगों को सफोकेशन यानी घुटन की समस्या हुई,उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल और आसपास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुँच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग ने 30 से अधिक फायर टेंडर,फोम टेंडर और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म को मौके पर लगाया। दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अंदर फँसे कर्मचारियों को बाहर निकालना शुरू किया। कई कर्मचारियों को अलग-अलग हिस्सों से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग लगने के बाद फैक्ट्री के अंदर घना धुआँ भर गया था,जिससे बचाव कार्य में काफी कठिनाई आ रही थी। इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने जोखिम उठाकर अंदर फँसे कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई कर्मचारियों को सीढ़ियों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से बाहर लाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए। राजीव नारायण मिश्र,जो क्षेत्र के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर हैं,उन्होंने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। बाद में वह अस्पताल भी पहुँचे,जहाँ उन्होंने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और भर्ती कर्मचारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सुबह सेक्टर-4 की एक फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी। यह फैक्ट्री इलेक्ट्रॉनिक मीटर बनाने का काम करती है। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री के अंदर धुआँ बहुत ज्यादा था,जिसकी वजह से कई कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी हुई और उन्हें अस्पताल भेजना पड़ा।

उन्होंने यह भी बताया कि अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ कर्मचारियों को मामूली चोटें आई हैं,जबकि कुछ लोग भगदड़ के दौरान गिरने से घायल हुए हैं। हालाँकि,प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।

पुलिस और प्रशासन की टीम ने फैक्ट्री प्रबंधन और कर्मचारियों से भी संपर्क किया है,ताकि घटना के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल फैक्ट्री के अंदर किसी भी कर्मचारी के फँसे होने की सूचना नहीं है। दमकल विभाग की टीम ने पूरे परिसर की तलाशी लेकर यह सुनिश्चित किया कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। आसपास के इलाके में भी लोगों की भीड़ जमा हो गई थी,जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया ताकि राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।

दमकल विभाग ने आग पर काफी हद तक काबू पा लिया है,लेकिन पूरी तरह से स्थिति सामान्य करने के लिए कूलिंग का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री के अंदर मौजूद मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को देखते हुए आग के दोबारा भड़कने की आशंका रहती है,इसलिए कूलिंग की प्रक्रिया सावधानीपूर्वक की जा रही है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम इस घटना की जाँच कर रही है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है,लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।

इस घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है,ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

नोएडा की इस फैक्ट्री में लगी आग ने एक बड़ा हादसा होने की आशंका पैदा कर दी थी,लेकिन समय रहते दमकल विभाग और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के कारण कई लोगों की जान बचाई जा सकी। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जाँच कर रहा है,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।