होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारी जहाज ‘मयूरी नारी’ पर हमला (तस्वीर क्रेडिट@kaankit)

होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारी जहाज ‘मयूरी नारी ’ पर हमला,भारत ने जताई गहरी चिंता; दो भारतीयों की मौत

नई दिल्ली, 12 मार्च (युआईटीवी)- पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएँ लगातार गहरी होती जा रही हैं। इसी कड़ी में भारत के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। यह हमला थाई झंडे वाले बल्क कैरियर एमवी मयूरी नारी पर हुआ,जो भारत के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। इस घटना ने क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

विदेश मंत्रालय ने 11 मार्च को जारी अपने बयान में कहा कि उन्हें इस हमले की जानकारी मिली है और भारत इस घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब व्यावसायिक जहाजों को भी सैन्य हमलों का निशाना बनाया जा रहा है,जो अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानूनों और व्यापारिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी परिस्थिति में व्यापारी जहाजों पर हमला करना,निर्दोष चालक दल के सदस्यों की जान जोखिम में डालना या समुद्री मार्गों पर आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता को बाधित करना उचित नहीं है।

इस हमले के बाद सामने आई तस्वीरों में जहाज से घना काला धुआँ निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। समुद्र में कई लाइफ राफ्ट भी तैरते हुए देखे गए,जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि चालक दल के सदस्यों को जहाज छोड़कर बचाव के प्रयास करने पड़े होंगे। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से रवाना हुआ था और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय उस पर हमला किया गया।

नौसेना अधिकारियों ने बताया कि हमले की प्रकृति और कारणों की अभी जाँच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया,जिससे उसमें आग लग गई और स्थिति बेहद गंभीर हो गई। समुद्री सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक हमला ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास हुआ,जब जहाज उत्तर दिशा में लगभग 11 नॉटिकल मील यानी करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर यात्रा कर रहा था।

इस घटना के बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया। ओमान की शाही नौसेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्यों को बचाने का प्रयास किया। ओमानी नौसेना अब तक 20 नाविकों को सुरक्षित निकालने में सफल रही है। हालाँकि,तीन अन्य चालक दल के सदस्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश के लिए समुद्र में व्यापक खोज अभियान जारी है।

इस घटना ने भारत सरकार को भी चिंतित कर दिया है,क्योंकि जहाज का गंतव्य भारत था और उसमें विभिन्न देशों के चालक दल के सदस्य मौजूद थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि बुधवार को ही मध्य पूर्व क्षेत्र में व्यापारी जहाज पर हुए एक अन्य हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है,जबकि एक अन्य भारतीय अभी लापता है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और भारत सरकार इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।

जायसवाल ने बताया कि इस संघर्ष के दौरान कई भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। कुछ भारतीय नागरिक इजरायल और दुबई में घायल हुए हैं,जिनका उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और पीड़ितों तथा उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कई भारतीय नागरिक जोखिम की स्थिति में हैं। विशेष रूप से ईरान में रहने वाले भारतीयों को लेकर सरकार सतर्क है। मंत्रालय के मुताबिक ईरान में करीब नौ हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं,जिनमें से कुछ ने पहले जारी की गई एडवाइजरी का पालन करते हुए भारत लौटने का निर्णय लिया है,लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी वहाँ मौजूद हैं।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिक अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों में फैले हुए हैं और भारतीय दूतावास लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए है। कुछ भारतीयों ने जमीनी मार्ग से ईरान छोड़ने की इच्छा जताई है। ऐसे लोग पड़ोसी देशों आर्मीनिया और अजरबैजान की सीमा पार कर वहाँ से हवाई मार्ग के जरिए भारत या अन्य सुरक्षित स्थानों के लिए रवाना होने की योजना बना रहे हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने खाड़ी क्षेत्र और पश्चिम एशिया के कई देशों में स्थित अपने राजनयिक मिशनों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के तहत आने वाले सभी भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को 24 घंटे सक्रिय रहने को कहा है। साथ ही संकट में फँसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं,ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क कर सकें।

विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य हमला या अस्थिरता वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यदि व्यापारी जहाजों को लगातार निशाना बनाया जाता है तो इससे न केवल तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है,बल्कि वैश्विक शिपिंग उद्योग भी गंभीर संकट में पड़ सकता है।

इस बीच अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी इस घटना पर नजर बनाए हुए है। कई देशों ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यापारिक जहाजों की रक्षा के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया है। समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है,तो अंतर्राष्ट्रीय नौसेनाओं को समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभानी पड़ सकती है।

फिलहाल भारत सरकार स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है और प्रभावित भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने की कोशिश कर रही है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया है कि भारत खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्षेत्र में जारी तनाव किस दिशा में जाता है और क्या अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयास इस संकट को कम करने में सफल हो पाते हैं।