पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना का केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त (तस्वीर क्रेडिट@Amityadav_7272)

पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना का केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त,ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के दौरान हुआ हादसा

वाशिंगटन,13 मार्च (युआईटीवी)- पश्चिमी इराक में ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिकी वायुसेना का एक हवाई रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना की पुष्टि अमेरिकी सेना ने की है। हादसे के बाद इलाके में खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है और अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि दुर्घटना में कोई हताहत हुआ है या नहीं। यह घटना उस समय हुई जब अमेरिकी सेना का मिशन क्षेत्र में चल रहे ऑपरेशन के तहत सक्रिय था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक,इस दुर्घटना में शामिल विमान बोइंग केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर था,जो हवा में अन्य विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अमेरिकी सेना के मध्य पूर्व क्षेत्र के संचालन की जिम्मेदारी सँभालने वाला यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने बताया कि यह हादसा ऑपरेशन ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान हुआ। कमांड की ओर से जारी बयान के अनुसार इस घटना में दो विमान शामिल थे,जो मित्र देशों के हवाई क्षेत्र में मिशन पर काम कर रहे थे। इन दोनों विमानों में से एक केसी-135 टैंकर विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया,जबकि दूसरा विमान सुरक्षित रूप से उतरने में सफल रहा। अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तत्काल खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा कि उन्हें केसी-135 ईंधन भरने वाले विमान के नुकसान की जानकारी है और संबंधित टीमें स्थिति का आकलन कर रही हैं। बयान में कहा गया कि “यह घटना ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के दौरान मित्र देशों के हवाई क्षेत्र में हुई। इस मिशन में दो विमान शामिल थे। इनमें से एक विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि दूसरा सुरक्षित रूप से उतर गया। फिलहाल बचाव कार्य जारी है और विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।”

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने शुरुआती जाँच में यह स्पष्ट किया है कि यह दुर्घटना किसी दुश्मन हमले या गोलीबारी की वजह से नहीं हुई। सेंट्रल कमांड के अनुसार,उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि दुर्घटना न तो दुश्मन की फायरिंग के कारण हुई और न ही मित्र सेना की गलती से हुई गोलीबारी से इसका संबंध है। हालाँकि,अभी तक दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।

इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह संकेत दिया गया है कि दुर्घटना से पहले हवा में दो विमानों के बीच टक्कर की संभावना हो सकती है। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार,इस घटना से जुड़े कुछ अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी के आधार पर यह आशंका जताई है कि दोनों विमानों के बीच हवा में टकराव हुआ हो सकता है। हालाँकि,अमेरिकी सेना ने अभी तक इस संभावना की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जाँच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।

दुर्घटना के बाद खोज और बचाव दल पश्चिमी इराक के उस इलाके में अभियान चला रहे हैं,जहाँ विमान के गिरने की सूचना मिली है। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक,दुर्घटना के बाद सबसे बड़ी प्राथमिकता विमान में मौजूद चालक दल की स्थिति का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित निकालना है। हालाँकि,अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान में मौजूद चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं या नहीं।

अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में पूरी जानकारी जुटाने में समय लगता है। इसलिए उन्होंने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है,ताकि पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके और सैनिकों के परिवारों को सही जानकारी दी जा सके। सेना ने यह भी कहा कि जैसे ही जाँच में कोई ठोस जानकारी सामने आएगी,उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर अमेरिकी वायुसेना के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विमान माना जाता है। यह विमान लंबी दूरी के सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका मुख्य काम हवा में ही लड़ाकू और बमवर्षक विमानों को ईंधन उपलब्ध कराना होता है,जिससे वे बिना जमीन पर उतरे लंबे समय तक मिशन पर बने रह सकते हैं। इस क्षमता के कारण अमेरिकी वायुसेना की वैश्विक सैन्य रणनीति में इस विमान का विशेष महत्व है।

आमतौर पर केसी-135 विमान में कम से कम तीन सदस्यीय चालक दल होता है। इसमें एक पायलट, एक सह-पायलट और एक बूम ऑपरेटर शामिल होता है। बूम ऑपरेटर का काम हवा में दूसरे विमान से जुड़कर ईंधन भरने की प्रक्रिया को नियंत्रित करना होता है। यह प्रक्रिया काफी जटिल और तकनीकी होती है,क्योंकि इसमें दो विमानों को बहुत कम दूरी पर समान गति से उड़ना पड़ता है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,दुर्घटना से पहले फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा में यह संकेत मिला था कि केसी-135 विमान ने उड़ान के दौरान आपात स्थिति घोषित की थी। इसके कुछ समय बाद ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालाँकि,यह अभी स्पष्ट नहीं है कि आपात स्थिति किस वजह से घोषित की गई थी और क्या उसका संबंध इस दुर्घटना से था।

विशेषज्ञों का मानना है कि हवा में ईंधन भरने की प्रक्रिया अत्यधिक जटिल होती है और इसमें बहुत उच्च स्तर की समन्वय क्षमता की जरूरत होती है। ऐसे मिशनों में शामिल विमान बहुत करीब-करीब उड़ते हैं,इसलिए किसी भी तकनीकी गड़बड़ी या समन्वय की कमी से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। हालाँकि,इस मामले में वास्तविक कारण क्या था,इसका पता विस्तृत जाँच के बाद ही चल सकेगा।

पश्चिमी इराक का क्षेत्र लंबे समय से विभिन्न सैन्य अभियानों का केंद्र रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मिशन भी चलाते रहे हैं। हाल के महीनों में ईरान समर्थित समूहों और अमेरिकी सेना के बीच तनाव बढ़ने के कारण सैन्य गतिविधियाँ भी तेज हुई हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आधुनिक सैन्य अभियानों में तकनीकी जोखिम और चुनौतियाँ कितनी गंभीर हो सकती हैं। फिलहाल अमेरिकी सेना की टीमें दुर्घटनास्थल के आसपास खोज और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि चालक दल के सदस्यों की स्थिति क्या है और दुर्घटना का असली कारण क्या था।

अमेरिकी सेना ने भरोसा दिलाया है कि जाँच पूरी होने के बाद इस घटना से जुड़ी सभी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। तब तक सैन्य अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित सैनिकों तथा उनके परिवारों को हर संभव सहायता देने की कोशिश कर रहे हैं।