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व्हाट्सएप लाएगा यूजरनेम फीचर,बिना नंबर शेयर किए कर सकेंगे चैट और कॉल

नई दिल्ली,20 मार्च (युआईटीवी)- दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार,कंपनी अपने यूजर्स के लिए यूजरनेम और यूनिक आईडी जैसे नए फीचर्स लाने की तैयारी कर रही है। इस बदलाव के बाद यूजर्स बिना अपना फोन नंबर साझा किए भी दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे,उन्हें मैसेज भेज सकेंगे और वॉइस या वीडियो कॉल कर सकेंगे। यह फीचर खासतौर पर प्राइवेसी और सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह नया फीचर जून 2026 तक वैश्विक स्तर पर रोलआउट किया जा सकता है। इसके तहत यूजर्स अपने लिए एक यूनिक यूजरनेम या हैंडल चुन सकेंगे,ठीक वैसे ही जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होता है। इससे न केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं को लाभ मिलेगा,बल्कि बिजनेस अकाउंट्स के लिए भी यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

कंपनी ने इस फीचर को लेकर उत्साह जताते हुए कहा है कि इससे लोगों को बिना फोन नंबर साझा किए नए दोस्तों,ग्रुप्स और व्यवसायों से जुड़ने में आसानी होगी। यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक रहने की संभावना है,यानी जो यूजर्स चाहेंगे वे पुराने तरीके से फोन नंबर के जरिए भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे। इस तरह कंपनी ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि मौजूदा यूजर्स को किसी तरह की असुविधा न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि व्हाट्सएप का यह कदम बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है। आज के समय में कई ऐसे प्लेटफॉर्म मौजूद हैं,जो यूजरनेम आधारित कनेक्टिविटी की सुविधा देते हैं और व्हाट्सएप इस दिशा में कदम बढ़ाकर अपने यूजर्स को और अधिक विकल्प देना चाहता है। इससे खासकर उन यूजर्स को फायदा होगा, जो अपनी निजी जानकारी,जैसे मोबाइल नंबर, साझा करने से बचना चाहते हैं।

इसके अलावा रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि व्हाट्सएप बिजनेस सेगमेंट में भी बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। कंपनी एक नए डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल पर विचार कर रही है,जिसके तहत व्यवसाय मार्केटिंग मैसेज भेजने के लिए रियल-टाइम में बोली लगा सकेंगे। इस सिस्टम का ट्रायल 2026 की दूसरी छमाही में शुरू हो सकता है और इसे 2027 तक पूरी तरह लागू किया जा सकता है। यह मॉडल डिजिटल विज्ञापन के क्षेत्र में एक नई दिशा दे सकता है,जहाँ कंपनियाँ अपनी जरूरत और बजट के अनुसार मैसेजिंग कैंपेन चला सकेंगी।

भारत,जहाँ 50 करोड़ से अधिक लोग व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं,इस प्लेटफॉर्म के लिए सबसे बड़े बाजारों में से एक बना हुआ है। हाल ही में भारत के मेटा प्लेटफॉर्म और खुदरा विक्रेता संघ की एक रिपोर्ट में यह सामने आया कि भारत में 77 प्रतिशत खुदरा खरीदारी के फैसलों पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का प्रभाव पड़ता है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सोशल डिस्कवरी में मेटा प्लेटफॉर्म्स की हिस्सेदारी 96 प्रतिशत तक है,जो डिजिटल इकोसिस्टम में उसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।

रिपोर्ट के अनुसार,शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और कंटेंट क्रिएटर्स आज प्रोडक्ट डिस्कवरी में अहम भूमिका निभा रहे हैं। करीब 97 प्रतिशत उपभोक्ता रोजाना शॉर्ट वीडियो देखते हैं और फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बिताए गए समय का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा वीडियो देखने में ही खर्च होता है। ऐसे में व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का महत्व और बढ़ जाता है,क्योंकि यह सीधे ग्राहकों और व्यवसायों को जोड़ने का माध्यम बन चुका है।

इसी रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लगभग 72 प्रतिशत प्रोडक्ट डिस्कवरी व्हाट्सएप के जरिए होती है। इसका मतलब यह है कि लोग न केवल चैटिंग के लिए,बल्कि खरीदारी से जुड़े निर्णय लेने के लिए भी इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में यूजरनेम और बिजनेस मैसेजिंग से जुड़े नए फीचर्स व्हाट्सएप को और अधिक शक्तिशाली बना सकते हैं।

व्हाट्सएप का यह नया कदम डिजिटल कम्युनिकेशन और ऑनलाइन बिजनेस के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। यूजरनेम फीचर जहां यूजर्स की प्राइवेसी और सुविधा को बढ़ाएगा,वहीं बिजनेस के लिए नया प्राइसिंग मॉडल डिजिटल मार्केटिंग के तरीके को बदल सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यूजर्स इन नए फीचर्स को किस तरह अपनाते हैं और यह प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता पर क्या असर डालते हैं।