तेहरान,3 अप्रैल (युआईटीवी)- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान की राजनीतिक और कूटनीतिक व्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और देश के सर्वोच्च नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले कमाल खराजी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि उनकी पत्नी की मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार,तेहरान में उनके आवास पर हुए हवाई हमले में यह घटना हुई,जिसे ईरानी अधिकारियों और मीडिया ने ‘हत्या की कोशिश’ करार दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक,बुधवार को राजधानी तेहरान में खराजी के घर को निशाना बनाकर एयर स्ट्राइक की गई। इस हमले में उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि खराजी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहाँ उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। ‘शर्ग’, ‘एतेमाद’ और ‘हम मिहान’ जैसे प्रमुख ईरानी अखबारों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह हमला बेहद सटीक तरीके से किया गया था,जिससे यह संदेह और गहरा हो गया है कि यह एक योजनाबद्ध टारगेटेड स्ट्राइक थी।
कमाल खराजी वर्तमान में ईरान की स्ट्रेटेजिक फॉरेन रिलेशंस काउंसिल के अध्यक्ष हैं,जो देश की विदेश नीति तय करने में अहम भूमिका निभाती है और सीधे सर्वोच्च नेता को सलाह देती है। ऐसे में उन पर हुआ हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं,बल्कि ईरान की रणनीतिक और कूटनीतिक संरचना पर भी बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है,जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर लगातार हमले जारी हैं। यह संघर्ष अब पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और इसके दायरे में लगातार विस्तार हो रहा है। तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में लगातार एयर स्ट्राइक की खबरें सामने आ रही हैं,जिससे आम नागरिकों में भी डर और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
गुरुवार को भी स्थानीय मीडिया ने तेहरान,इस्फाहान और शिराज जैसे शहरों में हवाई हमलों की पुष्टि की है। दक्षिणी ईरान के लारेस्तान क्षेत्र में कम से कम चार लोगों के मारे जाने की खबर है। इन हमलों के कारण न केवल सैन्य बल्कि नागरिक ढाँचे को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।
इस बीच,ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी एक गंभीर आरोप लगाया है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि राजधानी स्थित एक 100 साल पुराना मेडिकल रिसर्च सेंटर, ईरानी पाश्चर इंस्टीट्यूट,हवाई हमले में पूरी तरह तबाह हो गया है। यह संस्थान वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने इस हमले को वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल ईरान पर नहीं,बल्कि पूरी दुनिया के स्वास्थ्य ढांचे पर असर डालने वाला है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं की निंदा की जानी चाहिए और इसके पुनर्निर्माण में सहायता दी जानी चाहिए।
केरमनपोर ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस तरह के हमले जिनेवा कन्वेंशन और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन हैं। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति सहित अन्य वैश्विक संस्थाओं को टैग करते हुए इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की माँग की है। उनके अनुसार,स्वास्थ्य संस्थानों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
कमाल खराजी पर हुए हमले ने ईरान की राजनीतिक स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है। वह न केवल एक वरिष्ठ राजनयिक हैं,बल्कि देश की विदेश नीति के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनकी हालत गंभीर होना और इस तरह की घटना का सामने आना,ईरान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के लक्षित हमले क्षेत्रीय संघर्ष को और अधिक भड़का सकते हैं। यदि ईरान इसे सीधे तौर पर अपने नेतृत्व पर हमला मानता है,तो इसके जवाब में और आक्रामक कदम उठाए जा सकते हैं,जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है।
दूसरी ओर,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ रही है। लगातार हो रहे हमलों और नागरिक ढाँचे को निशाना बनाए जाने से मानवीय संकट गहराने की आशंका है। अस्पतालों,रिसर्च सेंटरों और अन्य आवश्यक सेवाओं पर हमले से आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है।
तेहरान में कमाल खराजी के घर पर हुआ हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं,बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक संकेत भी है। यह घटना इस बात को दर्शाती है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक नए और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस बढ़ते तनाव को कम करने में कोई प्रभावी भूमिका निभा पाता है या नहीं।
