नासिक में कार के कुएं में गिरने से 9 लोगों की मौत (तस्वीर क्रेडिट@sirajnoorani)

नासिक में दर्दनाक हादसा: कुएँ में गिरी कार,एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत से मचा कोहराम

नासिक,4 अप्रैल (युआईटीवी)- महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है,जहाँ एक कार के कुएँ में गिर जाने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे शहर के शिवाजीनगर इलाके में हुआ,जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। इस भयावह दुर्घटना के बाद डिंडोरी तालुका में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है।

मिली जानकारी के अनुसार,शिवाजीनगर स्थित राजे बैंक्वेट हॉल में वडजे क्लासेस की ओर से एक मीटिंग आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दरगोड़े परिवार इंदौर (डिंडोरी तालुका) से आया हुआ था। मीटिंग समाप्त होने के बाद पूरा परिवार एक साथ अपनी कार से घर लौट रहा था,लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनके लिए आखिरी साबित होगा।

बताया जा रहा है कि जैसे ही परिवार की कार शिवाजीनगर इलाके से गुजर रही थी,अचानक ड्राइवर का नियंत्रण वाहन से हट गया। इसके बाद कार सीधे सड़क किनारे बने एक गहरे और पानी से भरे कुएँ में जा गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि कार में सवार किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। देखते ही देखते पूरी कार पानी में डूब गई और अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके।

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए और बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश करने लगे। हालाँकि,कुआँ पूरी तरह पानी से भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद कठिन हो गया। अँधेरा और गहराई भी राहत कार्य में बाधा बन रही थी।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला तुरंत सक्रिय हो गया। तहसीलदार मुकेश कांबले,पुलिस इंस्पेक्टर भगवान माथुरे और चीफ ऑफिसर संदीप चौधरी सहित पुलिस, फायर ब्रिगेड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें मौके पर पहुँचीं। स्थानीय लोगों के सहयोग से बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम को भी बुलाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटों तक चला और आधी रात के बाद दो क्रेन की मदद से कार को कुएँ से बाहर निकाला जा सका। जब कार को बाहर निकाला गया,तब उसमें सवार 8 लोगों के शव बरामद हुए। वहीं एक लड़की का शव नहीं मिल पाया था,जिसके बाद उसके लिए अलग से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद उसका भी शव कुएँ से बाहर निकाला गया,जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई।

इस हादसे में जिन लोगों की जान गई,उनमें सुनील दत्तात्रेय दरगोड़े (32),उनकी पत्नी रेशमा सुनील दरगोड़े (27),राखी उर्फ गुणवंती (10),माधुरी अनिल दरगोड़े (13),श्रवणी अनिल दरगोड़े (11),आशा अनिल दरगोड़े (32),श्रेयश अनिल दरगोड़े (11),सृष्टि अनिल दरगोड़े (14) और समृद्धि राजेश दरगोड़े (7) शामिल हैं। एक ही परिवार के इतने लोगों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी कुछ समय के लिए स्तब्ध रह गए। कई लोगों ने खुद कुएँ में उतरकर मदद करने की कोशिश की,लेकिन पानी की गहराई और अँधेरे के कारण प्रयास सफल नहीं हो सके। बाद में पेशेवर बचाव टीमों ने मोर्चा सँभाला और शवों को बाहर निकाला।

पुलिस ने इस घटना को दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जाँच में यह सामने आया है कि कार चालक ने संभवतः नियंत्रण खो दिया था,जिससे यह दुर्घटना हुई। हालाँकि,पुलिस हर पहलू से जाँच कर रही है,ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसमें कोई अन्य कारण या लापरवाही तो शामिल नहीं थी।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे डिंडोरी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और प्रशासन से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपाय करने की माँग की है। खासकर सड़क किनारे खुले कुओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि छोटी सी लापरवाही या असावधानी किस तरह बड़े हादसे में बदल सकती है। प्रशासन और स्थानीय निकायों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित बनाएँ,ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके।

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जाँच में जुटी है और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है,लेकिन इस हादसे ने जो जख्म दिए हैं,उन्हें भरने में काफी समय लगेगा। पूरे क्षेत्र में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी कैसे हो गई।