टीवीके नेता विजय (तस्वीर क्रेडिट@JaikyYadav16)

पुडुचेरी चुनाव में बढ़ी सियासी सरगर्मी: विजय की रैली से टीवीके ने झोंकी पूरी ताकत,अंतिम दौर में तेज हुआ प्रचार

पुडुचेरी,4 अप्रैल (युआईटीवी)- केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुँच गई है। मतदान में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं और सभी राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) के नेता और चर्चित अभिनेता विजय शनिवार को चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतर गए हैं। उनकी रैली को चुनाव से पहले मतदाताओं को प्रभावित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

पुडुचेरी की कुल 30 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है,जबकि मतगणना 4 मई को होगी। इस चुनाव में कुल 294 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार का अंतिम चरण बेहद अहम हो गया है,जहाँ हर पार्टी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। विजय की रैली को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है,जिसमें भारी भीड़ जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।

टीवीके के महासचिव एन. आनंद ने पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए जानकारी दी कि चुनाव आयोग ने विजय को तीन स्थानों पर प्रचार कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी है। उनके अनुसार,पहला कार्यक्रम थट्टनचावड़ी मार्केट कमेटी क्षेत्र में सुबह 10 बजे से 11 बजे तक आयोजित होगा। इसके बाद कुड्डालोर रोड मॉल के पास सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक रैली निकाली जाएगी और अंत में थवलकुप्पम जंक्शन पर दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक जनसभा आयोजित की जाएगी।

विजय की इस रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। फिल्मी दुनिया में उनकी लोकप्रियता का फायदा राजनीतिक मंच पर भी मिल रहा है और यही वजह है कि उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी को उम्मीद है कि इस रैली से चुनावी माहौल में नई ऊर्जा आएगी और मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत होगी।

हालाँकि,चुनाव आयोग द्वारा सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं,जिनका पालन सभी राजनीतिक दलों को करना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार,किसी भी प्रचार कार्यक्रम में 5,000 से अधिक लोगों की मौजूदगी की अनुमति नहीं है। इसके अलावा,नेता के प्रचार वाहन के पीछे किसी भी अन्य वाहन,खासकर दोपहिया वाहनों को चलने की अनुमति नहीं दी गई है। इन नियमों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाए रखना है।

टीवीके ने भी इन दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। पार्टी की ओर से बताया गया है कि रैली और जनसभाओं के दौरान पेयजल,चिकित्सा सुविधाओं और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भीड़ नियंत्रित रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

दिलचस्प बात यह है कि पार्टी ने एक जन सलाह भी जारी की है,जिसमें कुछ विशेष वर्गों से रैली में शामिल न होने का अनुरोध किया गया है। इसमें गर्भवती महिलाओं,छोटे बच्चों, स्कूली छात्रों,वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों को व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में न आने की सलाह दी गई है। इसके बजाय,उन्हें टेलीविजन और सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम को लाइव देखने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। यह कदम सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

पुडुचेरी में चुनावी माहौल इन दिनों पूरी तरह गरमाया हुआ है। विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता लगातार जनसभाएँ और रोड शो कर रहे हैं। हाई-प्रोफाइल दौरों और आक्रामक प्रचार अभियानों के चलते हर दिन राजनीतिक गतिविधियाँ तेज होती जा रही हैं। इस बीच विजय जैसे लोकप्रिय चेहरे का चुनावी मैदान में उतरना मुकाबले को और दिलचस्प बना रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस बार पुडुचेरी चुनाव में मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है। एक ओर पारंपरिक राजनीतिक दल अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं,वहीं नई पार्टियाँ और चेहरे भी मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हैं। ऐसे में अंतिम दौर का प्रचार बेहद निर्णायक साबित हो सकता है।

विजय की रैली को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि यह केवल एक प्रचार कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक शक्ति प्रदर्शन भी है। इसके जरिए टीवीके यह संदेश देना चाहती है कि वह इस चुनाव में मजबूत दावेदारी पेश कर रही है और मतदाताओं के बीच उसका समर्थन बढ़ रहा है। यदि रैली में अपेक्षित भीड़ जुटती है,तो यह पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत हो सकता है।

पुडुचेरी में चुनावी माहौल अब अपने अंतिम और सबसे अहम चरण में पहुँच चुका है। सभी दलों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है,जहाँ छोटी-छोटी रणनीतियां भी बड़े परिणाम दे सकती हैं। विजय की रैली और अन्य नेताओं के प्रचार कार्यक्रमों के बीच अब सबकी नजर 9 अप्रैल के मतदान पर टिकी है,जो तय करेगा कि पुडुचेरी की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।