नई दिल्ली,9 अप्रैल (युआईटीवी)- देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों—केरल,असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हो गई। तीनों क्षेत्रों में लोकतंत्र का यह महापर्व पूरे उत्साह और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। शुरुआती घंटों में ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं,जिससे यह संकेत मिल रहा है कि इस बार मतदान प्रतिशत में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर तीनों राज्यों के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अलग-अलग संदेशों के जरिए लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री ने खासतौर पर युवाओं और महिला मतदाताओं से आगे आकर लोकतंत्र को मजबूत करने में भागीदारी निभाने का आग्रह किया।
केरल के मतदाताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि रिकॉर्ड तोड़ मतदान राज्य के लोकतांत्रिक मूल्यों को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि केरल की जनता इस चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगी और लोकतंत्र के इस पर्व को और मजबूत बनाएगी। केरल में 140 विधानसभा सीटों पर कुल 890 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं,जिससे मुकाबला काफी दिलचस्प और बहुकोणीय बन गया है।
इसी तरह,पुडुचेरी के मतदाताओं के लिए भी प्रधानमंत्री का संदेश उत्साहवर्धक रहा। उन्होंने कहा कि हर वोट राज्य के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाता है और इसलिए सभी नागरिकों को मतदान जरूर करना चाहिए। पुडुचेरी की 30 सीटों पर 294 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यहाँ भी स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति का प्रभाव देखने को मिल रहा है।
असम में भी मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने असम की जनता से अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र और जन कर्तव्य का उत्सव है और इसमें सभी को सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य के युवा और महिला मतदाता इस चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेहतर असम के निर्माण की दिशा में हर वोट महत्वपूर्ण है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सभी नागरिकों को मतदान केंद्रों तक पहुँचना चाहिए। असम की 126 विधानसभा सीटों पर कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं,जिससे यहाँ चुनावी मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है।
तीनों राज्यों में चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के साथ-साथ संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा,पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं के लिए भी विशेष सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं,ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केरल में जहाँ पारंपरिक रूप से वामपंथी दलों और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच मुकाबला होता है,वहीं असम में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। पुडुचेरी में भी स्थानीय और राष्ट्रीय दलों के बीच कड़ा मुकाबला है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के चुनावी नतीजे न केवल इन राज्यों की राजनीति को प्रभावित करेंगे,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। खासतौर पर असम और केरल जैसे बड़े राज्यों के परिणाम आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को बदल सकते हैं।
मतदान के दौरान कई स्थानों पर बुजुर्गों,महिलाओं और दिव्यांग मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिल रही है,जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है। चुनाव आयोग ने इन वर्गों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं,जिससे वे आसानी से मतदान कर सकें।
केरल,असम और पुडुचेरी में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और मतदाताओं में उत्साह साफ नजर आ रहा है। अब सभी की नजरें मतदान प्रतिशत और इसके बाद आने वाले चुनावी नतीजों पर टिकी हैं,जो इन राज्यों के राजनीतिक भविष्य को तय करेंगे।
