मुंबई में राजकीय सम्मान के साथ होगा आशा भोसले का अंतिम संस्कार (तस्वीर क्रेडिट@supriya_sule)

सुरों की अमर आवाज आशा भोसले का निधन,मुंबई में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

मुंबई,13 अप्रैल (युआईटीवी)- भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और स्वर कोकिला के रूप में पहचानी जाने वाली आशा भोसले का रविवार को मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल फिल्म और संगीत उद्योग बल्कि पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाज से दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया और अब उनके जाने से भारतीय संगीत की एक युगांतकारी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार,उनका पार्थिव शरीर 13 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा,जहाँ आम लोग, प्रशंसक और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियाँ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगी। इसके बाद शाम 4:00 बजे मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क के स्वर्गीय भागोजी कीर हिंदू श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

इससे पहले उनके बेटे आनंद भोसले ने जानकारी दी कि सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक उनके निवास स्थान पर भी अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई है,ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी प्रिय गायिका को अंतिम विदाई दे सकें। परिवार ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक और गरिमापूर्ण तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित करें।

जानकारी के अनुसार,आशा भोसले को अत्यधिक कमजोरी और सीने में संक्रमण की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी और अंततः उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही उनके घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।

राजनीतिक और फिल्मी जगत की कई बड़ी हस्तियाँ उनके घर पहुँचीं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं आशा भोसले के आवास पर पहुँचे और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें इस कठिन समय में ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने संदेश में गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले का निधन अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि कुछ ही वर्ष पहले उन्होंने अपना 90वां जन्मदिन बड़े उत्साह के साथ मनाया था,लेकिन आज उनके जाने से संगीत जगत में एक बड़ा खालीपन आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि लता मंगेशकर के बाद मंगेशकर परिवार का एक और चमकता सितारा टूट गया है और सुरों का वह खूबसूरत संसार आज सूना हो गया है।

आशा भोसले का संगीत करियर छह दशकों से भी अधिक लंबा रहा,जिसमें उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज दी। उन्होंने स्वयं 2006 में यह खुलासा किया था कि उनके नाम लगभग 12,000 गाने दर्ज हैं। उनकी गायकी में अद्भुत विविधता थी,जो उन्हें अन्य गायिकाओं से अलग बनाती थी। रोमांटिक गीतों से लेकर ग़ज़ल,भजन,पॉप,लोकगीत और फिल्मी गीतों तक,उन्होंने हर शैली में अपनी छाप छोड़ी।

अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महान संगीतकारों के साथ काम किया,जिनमें आर. डी. बर्मन, ओ. पी. नैय्यर, बप्पी लाहिड़ी, इलैयाराजा और ए. आर. रहमान जैसे नाम शामिल हैं। उनकी आवाज में हर भाव को जीवंत करने की क्षमता थी,जिसने उन्हें पीढ़ियों तक लोकप्रिय बनाए रखा।

उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। वर्ष 2000 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया,जबकि 2008 में उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा भी उन्हें अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए,जो उनके योगदान को दर्शाते हैं।

आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं थीं,बल्कि भारतीय संगीत की जीवंत पहचान थीं। उनकी आवाज में वह जादू था,जो हर उम्र और हर वर्ग के लोगों को जोड़ता था। उनके गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं,जितने अपने समय में थे और आने वाले वर्षों में भी उनकी मधुर धुनें लोगों के दिलों में गूँजती रहेंगी।

उनके निधन से भारतीय संगीत जगत को जो क्षति हुई है,उसकी भरपाई करना संभव नहीं है। हालाँकि,उनकी विरासत और उनके गीत हमेशा जीवित रहेंगे। देश आज एक ऐसी महान कलाकार को विदाई दे रहा है,जिसने अपनी आवाज से न केवल मनोरंजन किया,बल्कि लोगों की भावनाओं को भी गहराई से छुआ।

इस कठिन घड़ी में पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है। आशा भोसले भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं,लेकिन उनका संगीत सदैव अमर रहेगा और उनकी आवाज हमेशा हमारे दिलों में गूँजती रहेगी।