अमित शाह

बंगाल चुनाव 2026: पहले चरण के बाद अमित शाह का बड़ा दावा,भाजपा को 110 से अधिक सीटों की उम्मीद

कोलकाता,24 अप्रैल (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद सियासी माहौल और भी गर्म हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कुल 152 सीटों में से भाजपा 110 से अधिक सीटें जीतने की स्थिति में है और दूसरे चरण के मतदान के बाद यह स्थिति और मजबूत होगी।

अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि यह आकलन पार्टी की आंतरिक समीक्षा और जमीनी रिपोर्ट के आधार पर किया गया है। उन्होंने बताया कि भाजपा की बंगाल इकाई ने विस्तृत विश्लेषण किया है,जिसमें पहले चरण के मतदान रुझान,मतदाताओं की भागीदारी और राजनीतिक माहौल को ध्यान में रखा गया है। उनके अनुसार,इन सभी संकेतों से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन की लहर चल रही है।

पहले चरण के मतदान को लेकर अमित शाह ने विशेष रूप से उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस बार मतदान प्रतिशत ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं,जो यह दर्शाता है कि जनता में बदलाव की इच्छा प्रबल है। उन्होंने मतदाताओं के उत्साह को लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि यह देशभर के लोगों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने पहले चरण में मतदान करने वाले सभी मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने “भय से भरोसे की यात्रा” की शुरुआत की है।

अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि दूसरे चरण के मतदाता भी इस यात्रा को आगे बढ़ाएँगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएँगे। उन्होंने यह भरोसा जताया कि जनता का यह उत्साह अंततः भाजपा के पक्ष में परिणाम देगा और पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा।

बंगाल की जनता को संबोधित करते हुए अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश का एक बड़ा हिस्सा पहले ही विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ चुका है और बंगाल की जनता भी इस यात्रा में शामिल होने के लिए तैयार है। उनके अनुसार,चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री के प्रति लोगों का जो समर्थन और विश्वास दिखाई दे रहा है,वह अंततः वोट में बदलकर भाजपा की जीत सुनिश्चित करेगा।

इस दौरान अमित शाह ने राज्य की मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जिस राज्य में मुख्यमंत्री यह कहती हैं कि महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद बाहर निकलने की जरूरत नहीं है,वहाँ की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वाली सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

अमित शाह ने यह भी दावा किया कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है,तो महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में एक युवा लड़की रात के एक बजे भी बिना किसी डर के सड़क पर निकल सकेगी और अपराधियों में कानून का भय होगा। उनके इस बयान को महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने अपने भाषण में कुछ हालिया घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि पार्टी ने प्रतीकात्मक रूप से उन लोगों को चुनाव मैदान में उतारा है,जिन्होंने हिंसा और अत्याचार का सामना किया है। उन्होंने कहा कि आरजी कर की पीड़िता की माँ और संदेशखाली की पीड़िता को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने यह संदेश दिया है कि वह पीड़ितों के साथ खड़ी है। उनके अनुसार,ऐसे लोग जब विधानसभा में पहुँचेंगे,तो वे कानून निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएँगे।

अमित शाह ने यह भी कहा कि आने वाले समय में बंगाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और राज्य विकास की नई राह पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे दूसरे चरण के मतदान में भयमुक्त होकर अपनी पसंद के अनुसार वोट करें। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं,जिससे लोगों को बिना किसी दबाव के मतदान करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने पुराने चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि लोग अतीत को भूलकर भविष्य की ओर देखें और राज्य के विकास के लिए सही निर्णय लें। उनके अनुसार,बंगाल का भविष्य तभी सुरक्षित होगा,जब वहाँ एक मजबूत और स्थिर सरकार बनेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है,जिसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोबल बढ़ाना है। हालाँकि,वास्तविक स्थिति का आकलन चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिर भी,उनके इस दावे ने चुनावी माहौल को और अधिक रोमांचक बना दिया है।

दूसरी ओर,तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है,लेकिन पार्टी पहले ही भाजपा के इन दावों को खारिज कर चुकी है। तृणमूल नेताओं का कहना है कि जनता का समर्थन उनके साथ है और चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आएंगे।

पश्चिम बंगाल का यह चुनाव न केवल राज्य की राजनीति के लिए,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में हर चरण के मतदान के बाद आने वाले बयान और दावे इस चुनाव को और अधिक दिलचस्प बना रहे हैं। अब सभी की नजर दूसरे चरण के मतदान और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी हुई है,जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।