नई दिल्ली,22 मई (युआईटीवी)- इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का अभियान पहले ही निराशाजनक अंदाज में समाप्त हो चुका है,लेकिन अब टीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली करारी हार के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ पर 24 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई टीम की धीमी ओवर गति के कारण की गई है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में चेन्नई निर्धारित समय के भीतर अपने 20 ओवर पूरे करने में नाकाम रही थी। आईपीएल 2026 में यह दूसरा मौका था,जब चेन्नई सुपर किंग्स स्लो ओवर रेट की दोषी पाई गई।
आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस नियम के अनुसार यदि कोई टीम बार-बार निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर पाती है,तो कप्तान और खिलाड़ियों पर आर्थिक दंड लगाया जाता है। इसी नियम के तहत कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया,जबकि प्लेइंग इलेवन में शामिल बाकी खिलाड़ियों और इम्पैक्ट खिलाड़ी पर 6 लाख रुपये या उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत,जो भी कम हो,का जुर्माना लगाया गया है।
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह मुकाबला पहले ही बेहद अहम था,क्योंकि टीम की प्लेऑफ में पहुँचने की उम्मीदें लगभग समाप्त हो चुकी थीं। ऐसे में गुजरात टाइटंस के खिलाफ जीत जरूरी मानी जा रही थी,लेकिन टीम हर विभाग में संघर्ष करती नजर आई। धीमी ओवर गति ने हार के बाद टीम की मुश्किलों को और बढ़ा दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जब कोई टीम लगातार दबाव में खेलती है और प्रदर्शन खराब रहता है,तो उसका असर मैदान पर फैसलों और गति पर भी दिखाई देता है।
मुकाबले की बात करें,तो गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। कप्तान शुभमन गिल और युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने चेन्नई के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 12.2 ओवर में 125 रन की बड़ी साझेदारी की और गुजरात को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया।
साई सुदर्शन ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 53 गेंदों में 84 रन बनाए,जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ दिखाई दी। दूसरी ओर शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए 37 गेंदों में 64 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 7 चौके और 3 छक्के लगाए। दोनों बल्लेबाजों ने चेन्नई के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और रन गति लगातार ऊँची बनाए रखी।
गुजरात की पारी को अंत में जोस बटलर ने और खतरनाक बना दिया। बटलर ने सिर्फ 27 गेंदों में 57 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में 5 चौके और 4 लंबे छक्के शामिल रहे। उन्होंने डेथ ओवरों में चेन्नई के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और टीम को 20 ओवर में 4 विकेट पर 229 रन के विशाल स्कोर तक पहुँचा दिया। चेन्नई की गेंदबाजी पूरे मुकाबले में संघर्ष करती नजर आई और कोई भी गेंदबाज रन रोकने में सफल नहीं हो सका।
230 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को पहली ही गेंद पर बड़ा झटका लगा,जब संजू सैमसन बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और केवल 16 रन बनाकर आउट हो गए। चेन्नई की बल्लेबाजी लगातार दबाव में दिखाई दी और टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही।
मैथ्यू शॉर्ट ने 14 गेंदों में 24 रन बनाकर कुछ हद तक संघर्ष किया,लेकिन उन्हें दूसरे छोर से समर्थन नहीं मिला। उर्विल पटेल खाता भी नहीं खोल सके,जबकि कार्तिक शर्मा सिर्फ 19 रन ही बना पाए। टीम के मध्यक्रम से भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं मिला। देवाल्ड ब्रेविस भी केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
जब चेन्नई की हार लगभग तय नजर आ रही थी,तब शिवम दुबे ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले को थोड़ा रोमांचक बनाने की कोशिश की। दुबे ने केवल 17 गेंदों में 47 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में कई शानदार चौके और छक्के देखने को मिले। हालाँकि,दूसरी ओर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला और पूरी टीम 140 रन पर सिमट गई। इस तरह चेन्नई को 89 रन से बड़ी हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के साथ चेन्नई सुपर किंग्स का आईपीएल 2026 में सफर समाप्त हो गया। टीम पूरे सीजन में निरंतर प्रदर्शन करने में नाकाम रही। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में अस्थिरता दिखाई दी,जबकि कई मुकाबलों में टीम दबाव के क्षणों में गलतियाँ करती नजर आई। स्लो ओवर रेट का मामला भी इसी दबाव का परिणाम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के लिए यह सीजन सीख देने वाला रहा है। पहली बार पूर्णकालिक कप्तानी सँभालते हुए उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। हालाँकि,उनकी व्यक्तिगत बल्लेबाजी कई मौकों पर अच्छी रही,लेकिन टीम को लगातार जीत दिलाने में वे सफल नहीं हो सके। अब चेन्नई सुपर किंग्स को अगले सीजन के लिए अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना होगा।
दूसरी ओर गुजरात टाइटंस ने इस जीत के साथ अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। टीम के बल्लेबाज शानदार फॉर्म में हैं और गेंदबाजी भी लगातार प्रभावशाली रही है। शुभमन गिल की कप्तानी में गुजरात ने पूरे सीजन संतुलित क्रिकेट खेला है और टीम को खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
चेन्नई सुपर किंग्स के प्रशंसकों के लिए यह सीजन काफी निराशाजनक रहा। टीम से हर साल की तरह बड़ी उम्मीदें थीं,लेकिन प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। अब सभी की नजरें अगले सीजन पर होंगी,जहाँ चेन्नई एक नई रणनीति और नए आत्मविश्वास के साथ वापसी करने की कोशिश करेगी।
