जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर विधानसभा में हंगामा (तस्वीर क्रेडिट@Gyan_Junction)

जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर विधानसभा में हंगामा,सीबीआई जाँच की माँग पर अड़े विपक्षी विधायक

राँची,11 अगस्त (युआईटीवी)- झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मंगलवार को राज्य की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा सदन के भीतर और बाहर प्रमुखता से छाया रहा। झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं को लेकर विपक्षी एनडीए विधायकों ने सरकार से जवाब माँगा और मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जाँच कराने की माँग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायक अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते कई विपक्षी सदस्य विधानसभा के वेल में पहुँच गए,जिसके कारण प्रश्नकाल प्रभावित हुआ और विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजकर सात मिनट पर शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए। विपक्षी सदस्यों ने जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार से तत्काल जवाब देने की माँग की। विपक्ष का कहना था कि राज्य के हजारों छात्र और अभ्यर्थी इन परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं और सरकार को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

नारेबाजी करते हुए कई विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुँच गए। इससे सदन में हंगामे की स्थिति पैदा हो गई। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य छात्रों के हित की बात कर रहे हैं और यदि छात्रों के हित में चर्चा करनी है तो सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देना जरूरी है। हालांकि अध्यक्ष के आग्रह के बावजूद विपक्षी विधायकों का विरोध जारी रहा।

लगातार बढ़ते हंगामे और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन का महत्वपूर्ण समय बर्बाद करने का आरोप लगाया,जबकि विपक्ष ने सरकार पर छात्रों और अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में हंगामा करके महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राज्य में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और जेपीएससी तथा जेएसएससी से संबंधित मामलों की जाँच राज्य अपराध अनुसंधान विभाग यानी सीआईडी कर रहा है।

सत्ता पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि सरकार पूरे घटनाक्रम को विधानसभा के सामने रखने के लिए तैयार है। प्रदीप यादव ने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया था। उनके अनुसार,सरकार इस पूरे मामले की जानकारी सदन में रखेगी और तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करेगी।

प्रदीप यादव ने प्रदर्शन के स्वरूप को लेकर भी विपक्ष पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था,लेकिन भाजपा की ओर से भेजे गए कुछ लोगों ने कथित तौर पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्रों को वापस भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की थी। सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार है।

वहीं विपक्षी विधायकों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है,बल्कि यह हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से अभ्यर्थियों में असंतोष है। ऐसे में राज्य सरकार को निष्पक्ष और विश्वसनीय जाँच सुनिश्चित करनी चाहिए।

विपक्षी एनडीए विधायकों की प्रमुख माँग मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जाँच कराने की है। उनका तर्क है कि यदि भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं,तो जाँच ऐसी एजेंसी से कराई जानी चाहिए,जिस पर अभ्यर्थियों और आम लोगों का भरोसा हो। विपक्ष का कहना है कि सीबीआई जाँच से कथित अनियमितताओं की निष्पक्षता से जाँच हो सकेगी और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

विपक्ष ने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा भी सदन में उठाया। विपक्षी सदस्यों का आरोप है कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने इस कार्रवाई की भी जाँच की माँग की। विपक्ष का कहना है कि छात्रों को अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को उनके साथ बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ा विवाद अब विधानसभा के भीतर राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर सरकार का कहना है कि संबंधित मामलों की जाँच राज्य अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा की जा रही है और सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। दूसरी ओर विपक्ष सीबीआई जाँच की माँग पर अड़ा हुआ है और उसका आरोप है कि राज्य स्तर पर चल रही जाँच से अभ्यर्थियों का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हो पाएगा।

मंगलवार को विधानसभा में हुए हंगामे से यह स्पष्ट हो गया कि मानसून सत्र में भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा आने वाले दिनों में भी महत्वपूर्ण रहने वाला है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में है,जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि सदन की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय चर्चा के माध्यम से मामले का समाधान निकाला जाना चाहिए।

राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं की चिंताओं के बीच अब विधानसभा की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। अभ्यर्थी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया,कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक खींचतान के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े आरोपों की जाँच किस स्तर पर होगी और अभ्यर्थियों को इस पूरे मामले में कब तक स्पष्ट जवाब मिल पाएगा। फिलहाल,मंगलवार की विधानसभा कार्यवाही में हंगामे के कारण प्रश्नकाल प्रभावित हुआ और सीबीआई जाँच की जाँच को लेकर विपक्ष का विरोध एक बार फिर सदन के केंद्र में रहा।