बेन शेल्टन (तस्वीर क्रेडिट@GameSetAndTalk)

बेन शेल्टन ने लगातार दूसरी बार कैनेडियन ओपन के फाइनल में बनाई जगह,खिताब बचाने की चुनौती

मॉन्ट्रियल,13 अगस्त (युआईटीवी)- गत चैंपियन बेन शेल्टन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कैनेडियन ओपन के फाइनल में लगातार दूसरी बार जगह बना ली है। सेमीफाइनल मुकाबले में अमेरिकी खिलाड़ी शेल्टन ने अपने ही देश के लर्नर टीएन को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया। दुनिया के 10वें नंबर के खिलाड़ी शेल्टन अब गुरुवार रात होने वाले फाइनल में अपने हमवतन ब्रैंडन नाकाशिमा के खिलाफ उतरेंगे। नाकाशिमा ने दूसरे सेमीफाइनल में राफेल जोडार को हराकर पहली बार एटीपी मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया है।

शेल्टन के लिए यह टूर्नामेंट लगातार दूसरे साल खास बन गया है। वह 2026 में अपने खिताब का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरे हैं और अब तक उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। सेमीफाइनल से पहले वह टूर्नामेंट के ड्रॉ में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने एक भी सेट नहीं गंवाया था। टीएन के खिलाफ भी उन्होंने अपना यह शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखा और सीधे सेटों में जीत दर्ज की। अब उनके सामने लगातार दूसरी बार कैनेडियन ओपन का खिताब जीतने की चुनौती है।

सेमीफाइनल में शेल्टन और टीएन के बीच मुकाबले की शुरुआत अपेक्षाकृत कड़ी रही। शुरुआती पाँच गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। टीएन ने मैच की शुरुआत में आक्रामक रवैया अपनाया और शेल्टन को शुरुआती दौर में एक ब्रेक प्वाइंट भी बचाना पड़ा। हालांकि शेल्टन ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

पहले सेट में शेल्टन 4-2 की बढ़त बनाने में सफल रहे। इसके बाद उन्होंने टीएन को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और लगातार शानदार सर्विस तथा आक्रामक शॉट्स के दम पर पहला सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। पहले सेट के बाद शेल्टन का आत्मविश्वास और बढ़ गया और दूसरे सेट में उन्होंने शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया।

दूसरे सेट की शुरुआत में भी शेल्टन ने टीएन की सर्विस तोड़ दी। इससे उन्हें शुरुआती बढ़त मिल गई और उन्होंने मैच पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। टीएन ने वापसी की कोशिश की,लेकिन शेल्टन की सर्विस और कोर्ट पर उनकी आक्रामक शैली के सामने उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा। दूसरे सेट में शेल्टन 4-1 से आगे थे,तभी एक मामूली घटना ने कुछ समय के लिए उनकी लय को प्रभावित किया।

4-1 की स्थिति में टीएन के एक लॉब का पीछा करते हुए शेल्टन बैक वॉल से टकरा गए। इस दौरान उनकी कोहनी पर कट लग गया,जिसके इलाज के लिए उन्हें मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा। कुछ देर के उपचार के बाद शेल्टन कोर्ट पर लौटे और उन्होंने मुकाबले को बिना किसी बड़ी परेशानी के आगे बढ़ाया। चोट के बावजूद उन्होंने अपनी एकाग्रता बनाए रखी और दूसरे सेट को 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।

शेल्टन की इस जीत ने कैनेडियन ओपन के इतिहास में भी एक खास उपलब्धि को जन्म दिया है। 1995 के बाद यह पहली बार है,जब मॉन्ट्रियल में आयोजित इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचने वाले दोनों खिलाड़ी अमेरिकी हैं। इससे पहले 1995 में आंद्रे अगासी ने पुराने जैरी पार्क स्टेडियम में खेले गए फाइनल में पीट सम्प्रास को हराकर खिताब अपने नाम किया था। 31 साल बाद अमेरिकी टेनिस को एक बार फिर इस टूर्नामेंट के फाइनल में पूरी तरह घरेलू मुकाबला देखने को मिलेगा।

अब सभी की निगाहें शेल्टन और नाकाशिमा के बीच होने वाले फाइनल पर हैं। दुनिया के 10वें नंबर के शेल्टन जहाँ गत चैंपियन के रूप में कोर्ट पर उतरेंगे,वहीं दुनिया के 31वें नंबर के खिलाड़ी नाकाशिमा पहली बार एटीपी मास्टर्स 1000 के फाइनल में खेलेंगे। नाकाशिमा ने सेमीफाइनल में राफेल जोडार को हराकर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की है।

नाकाशिमा के लिए यह फाइनल उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि है। एटीपी मास्टर्स 1000 स्तर का फाइनल किसी भी खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है और नाकाशिमा पहली बार इस स्तर पर खिताबी मुकाबले में पहुँचने में सफल रहे हैं। ऐसे में वह शेल्टन के खिलाफ बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।

दूसरी ओर,शेल्टन के पास इतिहास रचने का मौका होगा। गत चैंपियन होने के कारण उन पर खिताब बचाने का दबाव जरूर रहेगा,लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि वह इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने अब तक अपने सभी मुकाबलों में शानदार निरंतरता दिखाई है और सेमीफाइनल तक एक भी सेट नहीं गंवाया था। टीएन के खिलाफ भी उन्होंने अपने खेल में आक्रामकता और नियंत्रण का बेहतरीन संतुलन बनाए रखा।

फाइनल में दोनों अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच मुकाबला इसलिए भी खास होगा क्योंकि लंबे समय बाद कैनेडियन ओपन के खिताबी मुकाबले में अमेरिकी टेनिस का दबदबा देखने को मिलेगा। शेल्टन अपने खिताब को बरकरार रखने के लिए कोर्ट पर उतरेंगे, जबकि नाकाशिमा अपने पहले मास्टर्स 1000 फाइनल को यादगार बनाना चाहेंगे।

शेल्टन की नजर लगातार दूसरी बार कैनेडियन ओपन का खिताब जीतने पर होगी। यदि वह फाइनल में नाकाशिमा को हराने में सफल रहते हैं,तो वह अपने शानदार अभियान को एक और बड़ी उपलब्धि के साथ पूरा करेंगे। वहीं नाकाशिमा के लिए यह मुकाबला अपने करियर का पहला बड़ा मास्टर्स खिताब जीतने का सुनहरा अवसर होगा। ऐसे में गुरुवार रात आईजीए स्टेडियम में होने वाला यह अमेरिकी टेनिस मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।