नई दिल्ली,17 अगस्त (युआईटीवी)- हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने अभियान की शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की। रविवार, 16 अगस्त को नीदरलैंड्स के एम्स्टेलवीन स्थित वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए पूल मुकाबले में भारत ने दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में चीन को कड़ी चुनौती दी और दो बार बढ़त हासिल की,लेकिन चीन ने दोनों ही मौकों पर वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी,लेकिन कोई भी टीम निर्णायक गोल नहीं कर सकी और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
भारतीय महिला टीम के लिए यह मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उसे अपने अभियान की शुरुआत मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ करनी थी। चीन की टीम विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है और उसके खिलाफ मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं माना जा रहा था। हालाँकि,भारत ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए चीन के डिफेंस पर दबाव बनाया और पहले ही क्वार्टर में बढ़त हासिल कर ली।
मुकाबले के आठवें मिनट में भारतीय टीम को बड़ी सफलता मिली। दीपिका ने शानदार गोल करते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक हॉकी का प्रदर्शन किया और चीन के घेरे में लगातार दबाव बनाने की कोशिश की। दीपिका के गोल के बाद भारत के पास बढ़त को मजबूत करने का मौका था, लेकिन चीन ने जल्द ही वापसी का रास्ता तलाश लिया।
14वें मिनट में चीन को पेनाल्टी कॉर्नर मिला और झांग यिंग ने इस मौके को गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। उनके शानदार प्रयास से चीन ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। भारतीय टीम ने इसके बाद भी अपना आक्रामक खेल जारी रखा। दोनों टीमों के बीच पहले क्वार्टर के अंत तक कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन स्कोर बराबर रहा।
दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने एक बार फिर आक्रमण तेज किया। भारत की ओर से दीपिका ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए दोबारा गोल दागा और टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। भारत ने चीन के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा और कुछ अच्छे मौके भी तैयार किए। हालाँकि,चीन की रक्षापंक्ति ने भारतीय हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहले हाफ के 30 मिनट पूरे होने तक भारत 2-1 से आगे था। भारतीय टीम की कोशिश थी कि दूसरे हाफ में अपनी बढ़त को बरकरार रखते हुए मैच पर पकड़ मजबूत की जाए। दूसरी ओर चीन ने भी मुकाबले में वापसी के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया। चीन के खिलाड़ियों ने गेंद पर कब्जा बढ़ाया और भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू किया।
तीसरे क्वार्टर में चीन को इसका फायदा मिला। 39वें मिनट में मा निंग ने गोल करते हुए चीन को फिर से मुकाबले में बराबरी पर ला दिया। इस गोल के बाद स्कोर 2-2 हो गया। भारतीय टीम ने इसके बाद बढ़त हासिल करने की कोशिश की,लेकिन चीन के मजबूत डिफेंस ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए। भारतीय खिलाड़ियों ने कई बार चीन के सर्कल में प्रवेश करने का प्रयास किया,मगर निर्णायक पास और फिनिशिंग के स्तर पर उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
तीसरे क्वार्टर के बाद मुकाबला पूरी तरह बराबरी का नजर आने लगा। चौथे और अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमों ने जीत के लिए आक्रामक खेल दिखाया। भारत ने चीन के डिफेंस को भेदने की कोशिश की,वहीं चीन की टीम भी भारतीय सर्कल में पहुँचकर निर्णायक गोल की तलाश करती रही। दोनों टीमों की ओर से कुछ अच्छे प्रयास देखने को मिले,लेकिन गोलकीपर और डिफेंस ने अपनी-अपनी टीमों को बचाए रखा।
अंतिम क्वार्टर में दोनों टीमों ने पूरा जोर लगाया,लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली। निर्धारित समय समाप्त होने के साथ ही मुकाबला 2-2 की बराबरी पर खत्म हुआ। भारत के लिए यह नतीजा पूरी तरह निराशाजनक नहीं कहा जा सकता,क्योंकि उसने विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर मौजूद चीन को जीत से रोक दिया। साथ ही भारतीय टीम ने मुकाबले में दो बार बढ़त हासिल करके अपनी आक्रामक क्षमता भी दिखाई।
भारत की ओर से दीपिका ने दो गोल करके टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालाँकि,भारतीय टीम को आगे के मुकाबलों में अपने डिफेंस और गोल करने के मौकों को बेहतर तरीके से भुनाने पर ध्यान देना होगा। चीन के खिलाफ भारत ने कई मौकों पर अच्छी हॉकी खेली,लेकिन बढ़त को जीत में बदलने में सफल नहीं हो सका।
भारतीय पुरुष टीम ने भी विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। ऐसे में महिला टीम के ड्रॉ के बाद अब भारतीय हॉकी प्रशंसकों की नजरें टूर्नामेंट में उसके अगले मुकाबलों पर होंगी। चीन जैसी मजबूत टीम के खिलाफ हासिल किया गया एक अंक भारत के लिए आगे की राह में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। भारतीय महिला टीम अब इस प्रदर्शन से आत्मविश्वास लेते हुए अपने अगले मुकाबले में जीत हासिल करने और विश्व कप के अगले दौर में जगह मजबूत करने की कोशिश करेगी।
हॉकी महिला विश्व कप 2026 दोनों टीमों की स्क्वॉड
भारत- सलीमा टेटे (कप्तान),सविता,इशिका चौधरी,बिचू देवी खरीबाम,लालथंतलुआंगी, सुशीला चानू पुखरंबम,ज्योति,शिल्पी डबास,साक्षी राणा,निक्की प्रधान,सुनेलिता टोप्पो, नेहा,दीपिका सोरेंग,रुतुजा दादासो पिसल,लालरेम्सियामी,नवनीत कौर,दीपिका,इशिका, बलजीत कौर,ब्यूटी डुंगडुंग।
चीन- ओउ जिक्सिया (कप्तान),लियू पिंग,यांग लियू,ली टोंग,झांग यिंग,चेन यी,मा निंग, दान वेन,झोंग जियाकी,ली होंग,ज़ू मेइरोंग,पेंग यांग,हे जियाजियांग,चेन यांग,फैन युनक्सिया,तान जिनझुआंग,लियू चेनचेंग, यू अनहुई,चेन टोंग,लुओ याक्सी।
