एशियन गेम्स 2026 में भाला फेंक में यशवीर ने जीता सिल्वर तो रोहित को ब्रॉन्ज (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

एशियन गेम्स 2026 में भाला फेंक में भारत का डबल धमाल, यशवीर ने जीता सिल्वर तो रोहित को ब्रॉन्ज

नागोया,29 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में सोमवार का दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए शानदार रहा। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में भारत ने एक साथ दो पदक अपने नाम किए। यशवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता, जबकि रोहित यादव ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश थारंगा के नाम रहा,जिन्होंने अपने अंतिम प्रयास में 88.55 मीटर का शानदार थ्रो कर खिताब पर मुहर लगाई।

नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही पदक की दौड़ में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। यशवीर सिंह ने कुल छह प्रयास किए और अपने आखिरी प्रयास में 85.72 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल सुनिश्चित किया। इससे पहले प्रतियोगिता में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 85.14 मीटर रहा था,लेकिन छठे और अंतिम प्रयास में उन्होंने अपनी दूरी में सुधार करते हुए 85.72 मीटर का थ्रो किया।

यशवीर के प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिला। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने दबाव के बीच अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अंतिम प्रयास के लिए बचाकर रखा। 85.72 मीटर की दूरी तय करने के साथ वह श्रीलंकाई खिलाड़ी रुमेश थारंगा के बाद दूसरे स्थान पर रहे। इस प्रदर्शन ने भारत के खाते में एथलेटिक्स का एक और पदक जोड़ा और यशवीर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

दूसरी ओर रोहित यादव ने भी भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में 84.35 मीटर की दूरी तय की,जो उनका प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इस थ्रो के दम पर उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। रोहित के लिए यह मुकाबला उतार-चढ़ाव भरा रहा,लेकिन उन्होंने शुरुआती प्रयासों के बाद अपनी लय हासिल की और पदक पर कब्जा जमाने में सफल रहे।

रोहित ने अपने पहले प्रयास में 77.25 मीटर का थ्रो किया। इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 82.40 मीटर की दूरी तय की। तीसरे प्रयास में उन्होंने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए 84.35 मीटर का भाला फेंका। चौथे प्रयास में उनका थ्रो 82.16 मीटर रहा,जबकि पाँचवें प्रयास में उन्होंने 82.15 मीटर की दूरी तय की। उनके छठे और अंतिम प्रयास को फाउल घोषित किया गया। इसके बावजूद तीसरे प्रयास में हासिल की गई 84.35 मीटर की दूरी उन्हें पोडियम तक पहुँचाने के लिए पर्याप्त रही।

स्पर्धा में श्रीलंका के रुमेश थारंगा ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने शुरुआत में 73.53 मीटर का थ्रो किया था,लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। दूसरे प्रयास में उन्होंने भाला 83.34 मीटर दूर फेंका। उनका तीसरा प्रयास मान्य नहीं रहा,लेकिन इसके बाद उन्होंने जोरदार वापसी की और चौथे प्रयास में 88.33 मीटर की दूरी तय कर बढ़त हासिल कर ली।

थारंगा का पाँचवां प्रयास भी फाउल रहा। इसके बावजूद उन्होंने अंतिम प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। छठे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 88.55 मीटर की दूरी तय की और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त और मजबूत कर ली। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया।

पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत के दोनों खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश के लिए खास उपलब्धि हासिल की। एक ही स्पर्धा में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतना भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण परिणाम रहा। यशवीर ने जहाँ 85.72 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया,वहीं रोहित ने 84.35 मीटर के प्रदर्शन के साथ तीसरे स्थान पर जगह बनाई।

यशवीर के लिए इस प्रतियोगिता का सबसे खास पल उनका छठा प्रयास रहा। पाँच प्रयासों तक 85.14 मीटर उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो था,लेकिन अंतिम प्रयास में उन्होंने 85.72 मीटर की दूरी तय करके अपने प्रदर्शन में सुधार किया। इस थ्रो ने उन्हें सिल्वर मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी तरफ रोहित ने तीसरे प्रयास में 84.35 मीटर की दूरी हासिल करने के बाद पदक की स्थिति मजबूत कर ली थी और बाद के प्रयासों में वह उस दूरी को पार नहीं कर सके।

भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना श्रीलंकाई चैंपियन के थ्रो से करें,तो थारंगा ने 88 मीटर से अधिक की दूरी के साथ स्पष्ट बढ़त बनाई। चौथे प्रयास में 88.33 मीटर का थ्रो करने के बाद उन्होंने अंतिम प्रयास में 88.55 मीटर की दूरी हासिल की। इस तरह उन्होंने प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आखिरी थ्रो में किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक की दौड़ में बने हुए हैं। पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा का यह परिणाम भी भारत के लिए इसी सिलसिले की एक और बड़ी उपलब्धि है। यशवीर सिंह और रोहित यादव ने अपनी-अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए एक ही स्पर्धा में भारत को दो पदक दिलाए। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने न केवल भारतीय पदक तालिका में इजाफा किया,बल्कि एथलेटिक्स में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी सामने रखा।

नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए इस फाइनल में रोमांच अंतिम प्रयास तक बना रहा। थारंगा के अंतिम थ्रो ने स्वर्ण पदक की स्थिति को पक्का किया,जबकि यशवीर ने अपने अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर का थ्रो कर सिल्वर पर कब्जा जमाया। रोहित का 84.35 मीटर का प्रदर्शन उन्हें तीसरे स्थान पर बनाए रखने के लिए पर्याप्त रहा। इस तरह पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा का पोडियम श्रीलंका के गोल्ड और भारत के सिल्वर तथा ब्रॉन्ज मेडल के साथ पूरा हुआ।