जालंधर,30 सितंबर (युआईटीवी)- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे से पहले शहर में बम धमाकों की धमकी मिलने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है। बुधवार को जालंधर के प्रागपुर में अमित शाह की प्रस्तावित रैली से कुछ घंटे पहले एक धमकी भरा ईमेल सामने आया है। ईमेल में रैली स्थल के अलावा स्कूल, देवी तालाब मंदिर, जिला कोर्ट और कुछ अन्य स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है। धमकी सामने आने के बाद पंजाब पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियाँ भी सतर्क हो गई हैं।
जानकारी के मुताबिक,यह धमकी भरा ईमेल मंगलवार सुबह करीब 7 बजकर 7 मिनट पर कई ईमेल आईडी पर भेजा गया। ईमेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी से जुड़ा बताया है। संदेश में भेजने वाले के तौर पर इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकां शाहवाला और अन्य नामों का उल्लेख किया गया है। हालाँकि,ईमेल की वास्तविकता और इसके पीछे किस व्यक्ति या समूह का हाथ है,इसकी जाँच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
धमकी भरे संदेश में अलग-अलग स्थानों और समय का उल्लेख किया गया है। इसमें जालंधर के एक स्कूल को सुबह 11 बजकर 11 मिनट पर तथा देवी तालाब मंदिर को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा जिला कोर्ट की कार्यवाही को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट और कार्यालयों को दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर बाधित करने की बात कही गई है। ईमेल में इन धमकियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक और उकसावे वाली भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
सबसे गंभीर दावा अमित शाह की रैली के मंच को लेकर किया गया है। ईमेल में आरोप लगाया गया है कि रैली स्थल पर अमित शाह के मंच के नीचे आईईडी लगाए गए हैं और मंच को विस्फोट से उड़ाने की साजिश है। इतना ही नहीं,रैली में लोगों को लाने के लिए इस्तेमाल होने वाली करीब 2,000 बसों में से कुछ बसों में भी बम रखे जाने का दावा किया गया है। हालाँकि,इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और सुरक्षा एजेंसियाँ हर संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए जाँच कर रही हैं।
धमकी भरे ईमेल में लोगों से अमित शाह की रैली में नहीं जाने की अपील भी की गई है। संदेश में बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए लोगों को चेतावनी दी गई है। ईमेल में एलआर दोआबा स्कूल के मैदान से देवी तालाब मंदिर की दिशा में आईईडी या फोन के जरिए विस्फोट किए जाने की बात कही गई है। साथ ही गृह मंत्री को निशाना बनाने की धमकी भी दी गई है।
ईमेल में भारतीय जनता पार्टी और सिख समुदाय को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई हैं। इसमें भाजपा को सिखों का दुश्मन बताया गया है और दरबार साहिब से जुड़े हमले का भी जिक्र किया गया है। इन बयानों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ ईमेल की भाषा, उसमें इस्तेमाल किए गए नामों और धमकी के पैटर्न की जाँच कर रही हैं। जाँच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह वास्तविक खतरे से जुड़ा संदेश है या फिर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए भेजा गया फर्जी अथवा भ्रामक ईमेल है।
धमकी मिलने के तुरंत बाद जालंधर पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी। रैली स्थल के आसपास सुरक्षा घेरा और मजबूत किया गया है। देवी तालाब मंदिर, जिला कोर्ट परिसर और ईमेल में जिन स्कूलों का उल्लेख किया गया है,वहाँ भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की जाँच बढ़ा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है।
सुरक्षा जाँच के तहत बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को भी सक्रिय किया गया है। विभिन्न स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है,ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक की मौजूदगी का पता लगाया जा सके। रैली स्थल के आसपास भी सुरक्षा कर्मियों द्वारा लगातार जाँच की जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि रैली में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों पर भी निगरानी बनाए रखी जाए।
अमित शाह की रैली को देखते हुए जालंधर में पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। गृह मंत्री के दौरे के कारण रैली स्थल और उनके आने-जाने वाले संभावित मार्गों पर सुरक्षा एजेंसियां पहले से तैनात थीं। धमकी भरा ईमेल सामने आने के बाद इन इंतजामों को और कड़ा कर दिया गया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ ईमेल के स्रोत का पता लगाने तथा धमकी की विश्वसनीयता की जांच में जुटी हैं।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता रैली स्थल और ईमेल में बताए गए अन्य स्थानों की पूरी तरह जाँच करना है। साथ ही ईमेल भेजने वाले की पहचान और उसके संभावित मकसद का पता लगाने के लिए तकनीकी जाँच भी की जा रही है। धमकी के बाद प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ईमेल में किए गए दावे कितने वास्तविक हैं। फिलहाल किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न करते हुए जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
