पीएम मोदी ने घायल पायलट स्मित मच्छार से की बात (तस्वीर क्रेडिट@ews_army)

पीएम मोदी ने घायल पायलट स्मित मच्छार से की बात,बोले- आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया

नई दिल्ली,2 अक्टूबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने स्मित के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके साहस,धैर्य और सूझबूझ की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने अपनी जान की चिंता करने के बजाय विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी इस हिम्मत ने न केवल कई लोगों की जान बचाई,बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का मान भी बढ़ाया।

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरा देश स्मित के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनके लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप और विशेष प्रार्थनाएं भी की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस परिस्थिति में स्मित ने धैर्य बनाए रखा और बेहद कम समय में जरूरी फैसले लिए,वह असाधारण साहस का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब एक व्यक्ति खुद जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा हो, उस समय भी दूसरों की जान बचाने को प्राथमिकता देना बेहद महत्वपूर्ण बात है।

प्रधानमंत्री ने स्मित से कहा कि उनके शरीर पर गंभीर चोट थी और वह स्वयं जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे थे,इसके बावजूद उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा। मोदी ने कहा कि स्मित की इस कोशिश ने देश के लोगों को गर्व महसूस करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान ऐसी होनी चाहिए कि उसके लोग दूसरों की जान बचाने के लिए भी अपनी सुरक्षा की परवाह न करें। प्रधानमंत्री ने इसी संदर्भ में कहा कि आज पूरा देश गर्व के साथ कह सकता है कि भारतीय जान लेने वाले नहीं,बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।

बातचीत के दौरान स्मित मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया। स्मित ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री स्वयं उन्हें फोन करेंगे और उनसे बात करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन करके उनका हौसला बढ़ाना उनके लिए गर्व की बात है। स्मित की बात सुनकर प्रधानमंत्री ने भी उन्हें भावुक न होने की सलाह दी और कहा कि उन्होंने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक उनके बारे में जानना और उनसे बात करना चाहता है।

प्रधानमंत्री ने स्मित की बहादुरी को केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे भारतीय पायलटों की प्रतिष्ठा से भी जोड़कर बताया। उन्होंने कहा कि अगर उस कठिन परिस्थिति में स्मित ने यात्रियों की जान बचाने के लिए कदम नहीं उठाया होता,तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे। प्रधानमंत्री के मुताबिक,ऐसी स्थिति में देश और भारतीय पायलटों के बारे में कई तरह के सवाल उठ सकते थे,लेकिन स्मित ने अपने साहस और सूझबूझ से उन आशंकाओं को खत्म कर दिया।

इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने स्मित के परिवार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें एक दिन पहले स्मित के परिजनों से बात करने का अवसर मिला था। प्रधानमंत्री ने स्मित की माँ गीताबेन की भी प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने अपने बेटे को ऐसे संस्कार दिए, जिनका असर संकट की घड़ी में साफ दिखाई दिया। उन्होंने गीताबेन के नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे के जीवन में गीता के संस्कारों को उतारा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवार ने जिस धैर्य और विश्वास के साथ इस मुश्किल समय का सामना किया,वह भी प्रशंसनीय है।

प्रधानमंत्री और स्मित के बीच बातचीत के दौरान उस कठिन घटना के बारे में भी चर्चा हुई, जिसमें पायलट गंभीर रूप से घायल हुए थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक,विमान में संकट के दौरान स्मित ने अपनी चोटों के बावजूद ऐसी कार्रवाई की,जिससे यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को स्थिति संभालने में मदद मिली। इस पूरे घटनाक्रम में उनकी त्वरित सोच और निर्णय लेने की क्षमता महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री ने बातचीत में इसी सूझबूझ की विशेष रूप से तारीफ की।

स्मित ने प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान बताया कि मुश्किल परिस्थिति में उन्होंने किस तरह खुद को सँभाला। प्रधानमंत्री ने उनकी बात ध्यान से सुनी और उनके अनुभव के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी गंभीर घटना से गुजरने के बाद भावुक होना स्वाभाविक है। उन्होंने स्मित को भरोसा दिलाया कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

बातचीत में भारतीय संस्कृति और आस्था का भी जिक्र हुआ। प्रधानमंत्री ने स्मित द्वारा हनुमान चालीसा के पाठ से जुड़े अनुभव की सराहना की और कहा कि इससे उन्हें कठिन परिस्थिति में आध्यात्मिक शक्ति मिली। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि स्मित भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने के लिए अपने छोटे बेटे के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्मित की चिकित्सा और देखभाल के लिए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सरकारों ने स्मित की देखभाल में सहयोग किया और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। प्रधानमंत्री ने इसके लिए दोनों सरकारों के प्रति हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान स्मित के परिवार के अन्य सदस्यों का भी हालचाल जाना। उन्होंने उनकी पत्नी और बच्चों के बारे में पूछा तथा परिवार के धैर्य की प्रशंसा की। मोदी ने कहा कि संकट के समय परिवार ने जिस तरह मजबूती बनाए रखी,वह सराहनीय है। उन्होंने स्मित को यह भरोसा भी दिया कि वह उनसे मिलने के लिए उत्सुक हैं और जब उनकी मुलाकात होगी,तब इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री ने स्मित से कहा कि वह जल्द ठीक होकर भारत लौटें,ताकि उनसे मुलाकात हो सके। उन्होंने उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि पूरा देश मजबूती से उनके साथ खड़ा है। बातचीत के अंत में प्रधानमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और भगवान से उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

स्मित मच्छार के साथ प्रधानमंत्री की यह बातचीत ऐसे समय हुई है,जब उनकी बहादुरी और संकट की घड़ी में दिखाई गई सूझबूझ की चर्चा हो रही है। गंभीर चोट के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की उनकी कार्रवाई ने इस घटना को एक अलग रूप दिया। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान जिस तरह उनके साहस की सराहना की,उससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार उनके योगदान को महत्वपूर्ण मानती है। स्मित ने भी प्रधानमंत्री से बात करते हुए भावुक होकर अपनी प्रतिक्रिया दी और उन्हें अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया।

इस बातचीत का सबसे भावुक पक्ष यही रहा कि एक ओर स्मित अपने उपचार के बीच प्रधानमंत्री से बात कर रहे थे,वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री उनके साहस को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बता रहे थे। मोदी ने कहा कि स्मित के प्रयासों ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान दिया,बल्कि भारतीय पायलटों की प्रतिष्ठा को भी मजबूती दी। उन्होंने भरोसा जताया कि स्मित जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार और देश के बीच लौटेंगे।