एशियन गेम्स 2026 में रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में ने जीता सिल्वर (तस्वीर क्रेडिट@ransinghBJP)

एशियन गेम्स 2026 : धीरज और कुमकुम की जोड़ी ने जीता सिल्वर,चीन ने गोल्ड के साथ हासिल किया ओलंपिक कोटा

ओकाजाकी,2 अक्टूबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद की भारतीय जोड़ी को फाइनल मुकाबले में चीन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में खेले गए इस मुकाबले में चीन ने भारत को 6-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ चीन ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का कोटा भी हासिल कर लिया। वहीं,दूसरे स्थान पर रही भारतीय जोड़ी ओलंपिक कोटा हासिल करने से चूक गई।

भारत के लिए यह रजत पदक कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। रिकर्व तीरंदाजी में एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले शुक्रवार सुबह भारतीय महिला रिकर्व टीम ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। कुमकुम मोहोद उस टीम का भी हिस्सा थीं, जिसने फाइनल में 10 बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर पहली बार एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का गोल्ड भारत की झोली में डाला। इसके कुछ ही समय बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिक्स्ड टीम में भी फाइनल खेलकर एक और पदक अपने नाम किया।

फाइनल में भारतीय जोड़ी के सामने चीन की मजबूत टीम थी। मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। भारतीय खिलाड़ियों ने पहले सेट में 9 और 8 अंक के निशाने लगाए,जबकि चीन की ओर से 10 और 8 अंक आए। इसके बाद धीरज ने 7 अंक का निशाना लगाया,लेकिन कुमकुम ने शानदार वापसी करते हुए 10 अंक हासिल किए। चीन ने भी लगातार दो 10 अंक के निशाने लगाकर सेट पर कब्जा कर लिया। इस तरह चीन ने शुरुआत में 2-0 की बढ़त हासिल कर भारत पर दबाव बना दिया।

दूसरे सेट में धीरज और कुमकुम ने स्थिति सुधारने की कोशिश की। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने 8 और 9 अंक के निशाने लगाए,जबकि चीन की ओर से 9 और 8 अंक आए। इसके बाद कुमकुम ने 8 अंक हासिल किए और धीरज ने लक्ष्य के बिल्कुल केंद्र के करीब निशाना लगाकर महत्वपूर्ण अंक जुटाया। भारतीय जोड़ी से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी,लेकिन चीन ने एक बार फिर दबाव में बेहतरीन खेल दिखाया। चीनी खिलाड़ियों ने लगातार दो 10 अंक के निशाने लगाए और सेट अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही चीन की बढ़त 4-0 हो गई।

दो सेट गंवाने के बाद भारतीय जोड़ी के सामने वापसी की चुनौती थी। तीसरे सेट में कुमकुम ने 8 अंक से शुरुआत की, जबकि धीरज ने लक्ष्य के केंद्र पर निशाना लगाकर टीम को सँभालने की कोशिश की। चीन ने इसके जवाब में 9 और 10 अंक के शॉट लगाए। इससे भारतीय टीम पर दबाव और बढ़ गया। हालाँकि,कुमकुम ने अगले शॉट में शानदार 10 अंक हासिल किया और धीरज ने 9 अंक का निशाना लगाया।

चीन के अंतिम शॉट में 10 और 7 अंक आए। इस प्रदर्शन के बाद भारत को तीसरा सेट हासिल करने का मौका मिला और भारतीय जोड़ी ने इसका फायदा उठाया। भारत ने यह सेट जीतकर मुकाबले का स्कोर 4-2 कर दिया। इस जीत से धीरज और कुमकुम के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई और ऐसा लगा कि भारतीय जोड़ी मुकाबले में वापसी कर सकती है।

चौथे सेट में भारत ने अच्छी शुरुआत की। भारतीय जोड़ी ने लगातार दो 9 अंक के निशाने लगाए। चीन की तरफ से एक 8 और एक 10 अंक का शॉट आया। इसके बाद कुमकुम ने 10 अंक का बेहतरीन निशाना लगाया और धीरज ने 9 अंक हासिल किए। भारतीय जोड़ी ने सेट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी और मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया।

अब चीन को स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपने अंतिम निशानों में दबाव सँभालना था। चीन की ओर से झू ने 9 अंक का निशाना लगाया,जबकि ली ने 10 अंक हासिल किए। इन दोनों निशानों के बाद चीन ने भारत के अंतिम दो तीरों के कुल स्कोर की बराबरी कर ली। सेट का स्कोर 37-37 से बराबर रहा। यह परिणाम चीन के लिए पर्याप्त था,क्योंकि उसके पास पहले से 4-2 की बढ़त थी। सेट बराबर होते ही चीन ने स्वर्ण पदक पक्का कर लिया और भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

भारतीय जोड़ी के लिए फाइनल का नतीजा भले ही स्वर्ण पदक में नहीं बदल सका, लेकिन धीरज और कुमकुम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर सेमीफाइनल में दोनों ने दबाव के बीच जिस तरह वापसी की,वह उनकी बड़ी उपलब्धि रही। जापान के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी एक समय 1-3 से पीछे थी। इसके बाद धीरज और कुमकुम ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया और मुकाबले का रुख बदल दिया। भारतीय जोड़ी ने जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

इस जीत के साथ धीरज बोम्मादेवरा और कुमकुम मोहोद एशियन गेम्स की रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गई थी। फाइनल तक का उनका सफर भारतीय तीरंदाजी के लिए ऐतिहासिक रहा। हालाँकि,अंतिम मुकाबले में चीन की मजबूत शुरुआत ने भारत के लिए मुश्किलें पैदा कर दीं। भारतीय जोड़ी ने तीसरे और चौथे सेट में वापसी की कोशिश जरूर की,लेकिन शुरुआती बढ़त की भरपाई नहीं कर सकी।

कुमकुम मोहोद के लिए यह दिन खास तौर पर यादगार रहा। 17 वर्षीय कुमकुम ने एक ही दिन एशियन गेम्स में दो अलग-अलग रिकर्व टीम स्पर्धाओं के फाइनल में हिस्सा लिया और दोनों में पदक हासिल किए। महिला टीम के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीता,जबकि मिक्स्ड टीम में रजत पदक उनके नाम रहा। महिला टीम के फाइनल में निर्णायक 10 अंक का निशाना लगाने के बाद उन्होंने मिक्स्ड टीम फाइनल में भी कई महत्वपूर्ण शॉट लगाए।

धीरज बोम्मादेवरा ने भी इस मुकाबले में कई मौकों पर बेहतरीन निशाने लगाए। सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ पिछड़ने के बाद टीम को फाइनल तक पहुँचाने में उनका अहम योगदान रहा। चीन के खिलाफ भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर लक्ष्य के केंद्र के करीब निशाना लगाया। हालाँकि,चीन की लगातार सटीक निशानेबाजी के सामने भारतीय जोड़ी को शुरुआती दो सेट में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

चीन की जीत के साथ लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए कोटा भी उसके नाम हो गया। भारत के लिए फाइनल में हार का मतलब यह रहा कि उसे इस मुकाबले से ओलंपिक कोटा नहीं मिल सका। इसके बावजूद धीरज और कुमकुम की जोड़ी ने रजत पदक जीतकर भारतीय तीरंदाजी के अभियान को मजबूती दी है। महिला रिकर्व टीम के ऐतिहासिक स्वर्ण और मिक्स्ड टीम के रजत पदक ने एशियन गेम्स 2026 में भारत की रिकर्व तीरंदाजी को एक नई पहचान दी है। भारत की नजर अब प्रतियोगिता की अन्य तीरंदाजी स्पर्धाओं में भी पदकों पर होगी।