एशियन गेम्स 2026 में रेसलर अमन सहरावत ने देश को दिलाया गोल्ड (तस्वीर क्रेडिट@INCIndia)

एशियन गेम्स 2026: अमन सहरावत ने रचा इतिहास,विश्व चैंपियन चोंग-सोंग को हराकर जीता एशियन गेम्स का गोल्ड

नगोया,3 अक्टूबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय कुश्ती के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने पुरुषों की 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में अमन ने दक्षिण कोरिया के मौजूदा विश्व चैंपियन चोंग-सोंग को 11-7 से हराकर एशियन गेम्स का खिताब हासिल किया। इस जीत के साथ अमन ने पिछले एशियन गेम्स के अपने प्रदर्शन को भी बेहतर किया है। पिछली बार उन्हें कांस्य पदक मिला था,लेकिन इस बार उन्होंने अपने पदक का रंग बदलते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया।

अमन और चोंग-सोंग के बीच फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद प्रतिस्पर्धी रहा। दोनों पहलवान एक-दूसरे के दांव को समझते हुए सावधानी से आगे बढ़ रहे थे। अमन ने मुकाबले में पहला अंक हासिल कर अपनी बढ़त की शुरुआत की। इसके बाद मुकाबले के दौरान इंजरी ब्रेक हुआ। ब्रेक के बाद भारतीय पहलवान पहले की तुलना में ज्यादा आक्रामक नजर आए और उन्होंने लगातार दबाव बनाते हुए अपनी बढ़त को 6-1 तक पहुँचा दिया।

हालाँकि,मौजूदा विश्व चैंपियन चोंग-सोंग ने हार नहीं मानी। दक्षिण कोरियाई पहलवान ने शानदार वापसी करते हुए अमन की बढ़त को कम करना शुरू किया। देखते ही देखते मुकाबला पूरी तरह बदल गया और चोंग-सोंग ने भारतीय पहलवान पर बढ़त हासिल कर ली। एक समय ऐसा लगने लगा कि अमन को स्वर्ण पदक के लिए आखिरी क्षणों में बेहद कठिन चुनौती का सामना करना पड़ेगा,लेकिन भारतीय पहलवान ने दबाव में अपना संयम नहीं खोया।

मुकाबले के आखिरी एक मिनट में अमन ने एक बार फिर जोरदार वापसी की। उन्होंने चोंग-सोंग को अपने दांव में पूरी तरह नियंत्रित किया और इसके बाद शानदार तरीके से पलटते हुए चार महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। यह दांव फाइनल का निर्णायक क्षण साबित हुआ। अमन ने मुकाबले में अपनी बढ़त मजबूत की और अंत तक इसे बनाए रखते हुए 11-7 से जीत दर्ज कर ली। जैसे ही अंतिम अंक उनके खाते में आया,भारतीय खेमे में जश्न का माहौल बन गया।

अमन की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने फाइनल में किसी साधारण प्रतिद्वंद्वी को नहीं, बल्कि मौजूदा विश्व चैंपियन को हराया। पूरे मुकाबले में दोनों पहलवानों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली,लेकिन निर्णायक क्षणों में अमन ने बेहतर नियंत्रण और आक्रामकता का प्रदर्शन किया। आखिरी मिनट में लगाया गया उनका चार अंकों वाला दांव मुकाबले का टर्निंग प्वाइंट रहा और इसी के दम पर उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

अमन के लिए यह एशियन गेम्स अभियान शुरुआत से ही शानदार रहा। उन्होंने प्रतियोगिता के पहले मुकाबले में जापान के यामातो ओगावा को 20-9 से हराया। यह मुकाबला तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर भारतीय पहलवान के पक्ष में समाप्त हुआ। इस जीत के साथ अमन ने अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की और अगले दौर में जगह बनाई।

क्वार्टर फाइनल में अमन का सामना कजाकिस्तान के नुरदानत ऐतानोव से हुआ। यहां भी भारतीय पहलवान ने अपने प्रतिद्वंद्वी को ज्यादा मौका नहीं दिया और 12-1 के बड़े अंतर से मुकाबला जीत लिया। लगातार दो मुकाबलों में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद अमन सेमीफाइनल में पहुँचे,जहाँ उनके सामने ताजिकिस्तान के आयाल बेलोल्युब्स्की की चुनौती थी।

सेमीफाइनल अमन के लिए उनके अभियान का सबसे कठिन मुकाबला साबित हुआ। पहले राउंड के बाद वह 2-6 से पीछे चल रहे थे। ऐसे समय में फाइनल में पहुंचने के लिए उन्हें शानदार वापसी की जरूरत थी। अमन ने दूसरे राउंड में अपना पूरा जोर लगा दिया। उन्होंने इस राउंड में 12 अंक हासिल किए और सिर्फ दो अंक गंवाए। इस तरह उन्होंने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदलते हुए 14-8 से जीत दर्ज की और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

फाइनल में भी अमन को शुरुआती बढ़त के बाद कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन सेमीफाइनल की तरह उन्होंने यहाँ भी दबाव के बीच वापसी का रास्ता खोज लिया। उनकी सबसे बड़ी ताकत निर्णायक क्षणों में धैर्य बनाए रखना रही। विश्व चैंपियन के खिलाफ मुकाबले में आखिरी मिनट में लगाया गया दांव उनकी तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती का उदाहरण बना।

एशियन गेम्स 2026 में कुश्ती में यह भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले सुजीत कलकल ने फ्रीस्टाइल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का खाता खोला था। अब अमन सहरावत के स्वर्ण ने भारतीय कुश्ती के पदक अभियान को और मजबूत कर दिया है। दोनों पहलवानों के प्रदर्शन ने इस प्रतियोगिता में भारत की फ्रीस्टाइल कुश्ती की ताकत को भी सामने रखा है।

अमन की उपलब्धि का एक और खास पहलू यह है कि उन्होंने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में पदक जीतने का सिलसिला जारी रखा है। पिछले संस्करण में कांस्य पदक जीतने वाले अमन इस बार और बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरे थे। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में उसी लक्ष्य के अनुरूप प्रदर्शन किया और आखिरकार स्वर्ण पदक हासिल कर अपने पदक का रंग बदल दिया।

अमन सहरावत की यह जीत भारतीय कुश्ती के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जापान के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता वाली जीत से शुरू हुआ उनका सफर क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में शानदार वापसी से होते हुए विश्व चैंपियन के खिलाफ ऐतिहासिक जीत तक पहुँचा। फाइनल के आखिरी मिनट में लगाया गया उनका निर्णायक दांव लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 17 किलोग्राम नहीं बल्कि 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अमन ने एशियन गेम्स के मंच पर अपने प्रदर्शन से साबित किया कि बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच धैर्य और सही समय पर लगाया गया दांव जीत की तस्वीर बदल सकता है।