एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर जीता गोल्ड (तस्वीर क्रेडिट@PardeepMoun)

एशियन गेम्स 2026: भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता हॉकी गोल्ड,पुरुष टीम ने रचा इतिहास

काकामिगहारा,3 अक्टूबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। शनिवार को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने न केवल एशियन गेम्स के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया,बल्कि लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार पुरुष हॉकी टीम लगातार दो संस्करणों में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही है।

फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा। खिलाड़ियों ने आक्रामक अंदाज में खेलते हुए मलेशिया के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। भारत को इसका फायदा 11वें मिनट में मिला,जब कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय टीम ने अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की,लेकिन मलेशिया ने भी जल्द ही मुकाबले में वापसी कर ली।

14वें मिनट में मलेशिया के शैली सिल्वरियस ने फील्ड गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। गोल के बाद मलेशियाई टीम का आत्मविश्वास बढ़ा,लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में संयम बनाए रखा। भारत ने लगातार हमले जारी रखे और दूसरे क्वार्टर में एक बार फिर बढ़त हासिल कर ली।

23वें मिनट में भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला। इस मौके का भारतीय टीम ने पूरा फायदा उठाया और जुगराज सिंह ने शानदार अंदाज में गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुँचा दिया। उनके इस गोल से भारत 2-1 से आगे हो गया। बढ़त हासिल करने के बाद भारतीय टीम ने मलेशिया को वापसी का कोई आसान मौका नहीं दिया। डिफेंस ने भी मजबूती के साथ मलेशियाई हमलों को रोका और भारत हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त के साथ रहा।

दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने अपना आक्रामक खेल और तेज कर दिया। 42वें मिनट में भारत को पेनाल्टी स्ट्रोक मिला और हार्दिक सिंह ने बिना कोई गलती किए इसे गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ भारत की बढ़त 3-1 हो गई। अब मलेशिया के सामने दो गोल की कमी को पूरा करने की बड़ी चुनौती थी,लेकिन भारतीय टीम लगातार दबाव बनाए हुए थी।

मलेशिया की टीम ने इसके बाद स्कोर कम करने की कोशिश की,लेकिन भारतीय डिफेंस और मिडफील्ड ने उसके हमलों को रोक दिया। 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने फील्ड गोल करते हुए भारत की बढ़त को 4-1 कर दिया। इस गोल के बाद मलेशियाई टीम की वापसी की उम्मीदें काफी कमजोर पड़ गईं। भारतीय खिलाड़ी लगातार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते रहे और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।

मैच के 57वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर अपनी शानदार ड्रैग-फ्लिक का प्रदर्शन किया। उन्होंने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपना दूसरा गोल दागा और भारत की बढ़त 5-1 कर दी। इसके बाद मलेशिया के पास मुकाबले में वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा। अंतिम सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों ने जीत का जश्न मनाया और एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।

इस जीत के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में अपने स्वर्ण पदकों की संख्या पाँच कर ली है। भारत ने इससे पहले 1966, 1998, 2014 और 2022 में पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। अब 2026 में भी खिताब अपने नाम करने के साथ भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 2022 में जीते गए स्वर्ण पदक का बचाव करते हुए भारतीय टीम ने लगातार दूसरे एशियन गेम्स में शीर्ष स्थान हासिल किया।

पुरुष हॉकी टीम की यह सफलता लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम ने ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। इससे भारतीय टीम को अगले ओलंपिक की तैयारियों के लिए काफी समय मिलेगा और अब उसका ध्यान आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी तैयारियों को मजबूत करने पर होगा।

भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में हॉकी का प्रदर्शन इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर डबल गोल्ड हासिल किया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने शुक्रवार को फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता था। महिला टीम की इस जीत के साथ ही उसने भी लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। भारतीय महिला टीम ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है।

इस तरह एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों का स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। भारत इससे पहले कबड्डी और क्रिकेट में पुरुष तथा महिला दोनों टीमों के स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि हासिल कर चुका है। अब हॉकी भी इस सूची में शामिल हो गई है।

गिफू में मिली 5-1 की जीत ने भारतीय पुरुष हॉकी के दबदबे को एक बार फिर साबित किया। हरमनप्रीत सिंह के दो गोल, जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा के एक-एक गोल की बदौलत भारत ने मलेशिया को बड़े अंतर से हराया। खिताब के सफल बचाव के साथ भारतीय टीम ने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया,बल्कि ओलंपिक का टिकट भी हासिल कर लिया। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी के लिए यह अभियान दोहरे स्वर्ण के साथ यादगार बन गया है।