शिकागो में पीयूष गोयल की अमेरिकी कंपनियों से मुलाकात (तस्वीर क्रेडिट@TNPNEWS1)

शिकागो में पीयूष गोयल की अमेरिकी कंपनियों से मुलाकात,भारत में निवेश और विनिर्माण बढ़ाने पर जोर

नई द‍िल्ली,3 अक्टूबर (युआईटीवी)- वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका दौरे के दौरान शिकागो में कई प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों, भारतीय समुदाय और पेशेवर संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के बाद शिकागो पहुँचे गोयल ने भारत में निवेश, खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कारोबारी सेवाओं से जुड़े अवसरों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर भी बातचीत की।

शिकागो पहुँचने के बाद पीयूष गोयल ने महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा उन्होंने भारतीय समुदाय और कारोबारियों के साथ संवाद किया। उनकी यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य अमेरिकी उद्योग जगत और भारतीय मूल के कारोबारियों के साथ भारत में निवेश तथा व्यापार के नए अवसरों पर बातचीत करना रहा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार,अमेरिका दौरे के दौरान गोयल मिल्वौकी, शिकागो और न्यूयॉर्क में उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और स्टार्टअप समुदाय के साथ संवाद करने वाले हैं।

शिकागो में गोयल ने आर्चर डेनियल्स मिडलैंड के बोर्ड चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जुआन रिकार्डो लुसियानो से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने और निवेश के नए अवसरों को लेकर बातचीत हुई। गोयल ने भारत के तेजी से बढ़ते खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, कृषि से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला के आधुनिकीकरण और बड़े उपभोक्ता बाजार को इस क्षेत्र में दीर्घकालिक कारोबारी सहयोग की संभावनाओं से जोड़ा।

खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भारत में निवेश की संभावनाओं को लेकर यह बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कृषि उत्पादन को प्रसंस्करण, भंडारण और बाजार से जोड़ने वाली मूल्य श्रृंखला में निवेश की काफी गुंजाइश है। गोयल ने अमेरिकी कंपनी के शीर्ष अधिकारी के साथ बातचीत में भारत में उसकी गतिविधियों का विस्तार और निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। उनका कहना है कि बढ़ता खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र और विशाल घरेलू बाजार अमेरिकी कंपनियों के लिए दीर्घकालिक कारोबारी सहयोग के अवसर उपलब्ध कराते हैं।

गोयल ने इसके बाद टारगेट के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य कानूनी एवं अनुपालन अधिकारी ग्रांट मैक्गी से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत में तेजी से बढ़ रहे विनिर्माण अवसरों और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत कंपनी द्वारा भारत से अपनी खरीद बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। साथ ही भारत में टारगेट की मौजूदगी को और मजबूत करने के अवसरों पर भी बातचीत की गई। इस चर्चा का एक प्रमुख पहलू भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका देने और यहाँ निर्मित उत्पादों की खरीद बढ़ाने से जुड़ा रहा।

पीयूष गोयल ने बीमा और पेशेवर सेवाओं के क्षेत्र की कंपनी एऑन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रेग केस से भी मुलाकात की। दोनों के बीच भारत में कंपनी के मौजूदा कामकाज और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस बातचीत में भारत की प्रतिभा, कारोबारी सेवाओं और नवाचार क्षमता को लेकर संभावनाओं पर भी विचार किया गया। गोयल ने भारत को वैश्विक प्रतिभा,नवाचार और कारोबारी सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के तौर पर पेश किया।

तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र को भी गोयल की शिकागो यात्रा में प्रमुख स्थान मिला। उन्होंने कॉग्निशन के मुख्य कानूनी और वैश्विक मामलों के अधिकारी पॉल ग्रेवाल से मुलाकात की। इस दौरान कंपनी के कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधानों का इस्तेमाल करने और भारत में उसकी मौजूदगी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर बातचीत हुई। गोयल ने भारत के इंजीनियरिंग प्रतिभा आधार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को नई पीढ़ी की तकनीकों के विकास और उनके वैश्विक स्तर पर इस्तेमाल के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।

गोयल ने शिकागो, मिशिगन और ओहायो अध्यायों के भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान के नेताओं और सदस्यों के साथ भी बातचीत की। इस दौरान भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी में बढ़ते अवसरों पर चर्चा हुई। गोयल ने पेशेवरों की भूमिका को सीमा पार कारोबार, निवेश और वित्तीय प्रक्रियाओं को सुगम बनाने से जोड़ा। उनके मुताबिक भारतीय कंपनियों के वैश्विक विस्तार और विदेशी निवेश के लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण बनाने में पेशेवर सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।

बैठक के दौरान गोयल ने भारत की आर्थिक वृद्धि और विदेशी निवेश से जुड़े अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के दृष्टिकोण से जुड़ी है। उनके मुताबिक रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और मजबूत आर्थिक वृद्धि भारत की वैश्विक कारोबारी भूमिका को विस्तार देने की क्षमता को दर्शाते हैं।

गोयल की शिकागो यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाएँ तलाश रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, वित्तीय सेवाओं और कारोबारी सेवाओं तक अलग-अलग क्षेत्रों में बातचीत से भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के दायरे का पता चलता है।

इससे पहले मिल्वौकी में गोयल ने जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। मंत्रालय के अनुसार, भारत ने बैठक में नियम आधारित, खुले, समावेशी, पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखते हुए विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।

शिकागो में हुई बैठकों के जरिए गोयल ने अमेरिकी उद्योग जगत के सामने भारत में उपलब्ध कारोबारी अवसरों को अलग-अलग क्षेत्रों के संदर्भ में रखा। खाद्य प्रसंस्करण में कृषि मूल्य श्रृंखला, विनिर्माण में भारत से सोर्सिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता में तकनीकी समाधान और वित्तीय सेवाओं में विस्तार जैसे मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहे। अब इन बैठकों से आगे किस तरह के कारोबारी समझौते, निवेश या विस्तार योजनाएँ सामने आती हैं,इस पर नजर रहेगी। फिलहाल गोयल की यात्रा में भारत को निवेश, तकनीक, विनिर्माण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए एक प्रमुख साझेदार के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिखाई दिया है।