क्रोएशिया पर 2-1 की जीत के साथ स्पेन क्वार्टर फाइनल में (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

क्रोएशिया पर 2-1 की जीत के साथ स्पेन क्वार्टर फाइनल में,42 मैचों से अजेय रहने का सिलसिला बरकरार

स्प्लिट (क्रोएशिया),7 अक्टूबर (युआईटीवी)- विश्व चैंपियन स्पेन ने एक गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए क्रोएशिया को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ स्पेन ने यूईएफए नेशंस लीग के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम ने ग्रुप चरण में अपने चारों मुकाबले जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही स्पेन का लगातार 42 मैचों से अजेय रहने का सिलसिला भी जारी है। क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले में स्पेन को शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा,लेकिन दूसरे हाफ में टीम ने अपनी रणनीति बदली और मिकेल मेरिनो के दो गोल की मदद से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

स्पेन की टीम लामिन यमल, पेड्री और रोड्री जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी थी। शुरुआत में टीम ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन क्रोएशिया ने भी आक्रामक और शारीरिक खेल के जरिए स्पेन पर दबाव बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। क्रोएशिया के कोच स्लावेन बिलिच ने इंग्लैंड के खिलाफ मिली 7-0 की हार के बाद अपनी टीम से अधिक आक्रामक और शारीरिक फुटबॉल खेलने की उम्मीद जताई थी। पहले हाफ में उनकी टीम ने उसी रणनीति के साथ स्पेन को परेशानी में डालने की कोशिश की।

स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन का प्रदर्शन इस मुकाबले में बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कई मौकों पर शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को मैच में बनाए रखा। शुरुआत में जोसिप स्टैनिसिच के प्रयास को सिमोन ने रोक दिया। इसके बाद काउंटर अटैक के दौरान इगोर मटानोविच को मिले मौके पर भी उन्होंने शानदार प्रतिक्रिया दिखाई। हालाँकि, लगातार दबाव के बाद क्रोएशिया को आखिरकार 20वें मिनट में सफलता मिल गई।

क्रोएशिया की ओर से इवान पेरिसिच ने रिबाउंड का फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। स्पेन के लिए यह गोल झटका था, लेकिन टीम ने अपना धैर्य नहीं खोया। गोल खाने के बाद भी स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। दूसरी ओर, क्रोएशिया के खिलाड़ी हर मौके पर स्पेन के डिफेंस को चुनौती देते रहे।

गोल के बाद भी उनाई सिमोन को लगातार सक्रिय रहना पड़ा। उन्होंने मटानोविच के एक और करीबी प्रयास को रोककर स्पेन को दूसरा गोल खाने से बचाया। इसके बाद जोस्को ग्वार्डियोल के प्रयास पर भी सिमोन ने तेजी से नीचे झुकते हुए शानदार बचाव किया। उनके इन प्रयासों की वजह से स्पेन की टीम एक गोल की कमी के बावजूद मुकाबले में बनी रही।

पहले हाफ में स्पेन के पास भी बराबरी करने के कुछ अवसर आए,लेकिन टीम उनका फायदा नहीं उठा सकी। मिकेल ओयारजाबल के पास गोल करने का अच्छा मौका था, लेकिन एमरिक लापोर्टे के क्रॉस पर उनका हेडर कमजोर रहा। इसके अलावा लामिन यमल ने भी क्रोएशिया के गोल पर निशाना साधा,लेकिन उनका शॉट साइड नेटिंग में चला गया। पहले 45 मिनट के बाद क्रोएशिया 1-0 से आगे था।

स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने दूसरे हाफ की शुरुआत में टीम में बदलाव किया। उन्होंने एलेक्स बाएना की जगह मिकेल मेरिनो को मैदान पर उतारा। यह बदलाव स्पेन के लिए निर्णायक साबित हुआ। मेरिनो ने मैदान पर उतरने के बाद टीम के हमले को नई धार दी और कुछ ही समय बाद मुकाबले का रुख बदल दिया।

इससे पहले डोमिनिक लिवाकोविच ने लामिन यमल के प्रयास को रोककर क्रोएशिया की बढ़त बनाए रखी थी। लेकिन स्पेन लगातार बराबरी के लिए दबाव बना रहा था। आखिरकार 60वें मिनट में उसे सफलता मिली। दानी ओल्मो ने शानदार पास दिया और मेरिनो ने उसका फायदा उठाते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ स्पेन ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया और मुकाबला फिर से रोमांचक स्थिति में पहुँच गया।

बराबरी के बाद स्पेन ने अपनी गति बढ़ा दी,जबकि क्रोएशिया पर दबाव बढ़ने लगा। मैच के 78वें मिनट में एक बार फिर उनाई सिमोन ने स्पेन के लिए अहम बचाव किया। रोड्री की जगह मैदान पर आए मार्टिन जुबिमेंडी की एक गलती का फायदा उठाकर इवान पेरिसिच को मौका मिला था,लेकिन सिमोन ने बेहतरीन बचाव करते हुए क्रोएशिया को दोबारा बढ़त लेने से रोक दिया।

इसके ठीक एक मिनट बाद क्रोएशिया को बड़ा झटका लगा। इवान पेरिसिच ने मार्क कुकुरेला पर पीछे से खतरनाक तरीके से चुनौती दी,जिसके कारण उन्हें दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया और क्रोएशिया को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इस घटना ने मुकाबले के अंतिम चरण में स्पेन की स्थिति और मजबूत कर दी।

स्पेन ने इसका फायदा उठाते हुए लगातार हमले किए और आखिरकार 88वें मिनट में उसे निर्णायक सफलता मिल गई। मार्टिन जुबिमेंडी से मिले पास को मिकेल मेरिनो ने अपने नियंत्रण में लिया और घूमते हुए शानदार शॉट लगाया। उनका प्रयास सीधे टॉप कॉर्नर में पहुँचा और स्पेन ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। मेरिनो का यह दूसरा गोल स्पेन के लिए निर्णायक साबित हुआ।

अंतिम मिनटों में क्रोएशिया ने बराबरी की कोशिश की,लेकिन स्पेन ने अपनी बढ़त बनाए रखी। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद स्पेन ने 2-1 से मुकाबला जीत लिया। इस जीत ने न सिर्फ टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुँचाया,बल्कि उसके लंबे अजेय अभियान को भी आगे बढ़ाया।

स्पेन के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में वापसी करते हुए मुकाबला जीता। एक गोल से पिछड़ने के बाद खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और दूसरे हाफ में अपनी रणनीति को प्रभावी तरीके से लागू किया। मिकेल मेरिनो के दो गोल और उनाई सिमोन के शानदार बचाव ने जीत की नींव रखी।

ग्रुप चरण में चारों मुकाबले जीतने के बाद स्पेन ने अब यूईएफए नेशंस लीग के अगले चरण के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। विश्व चैंपियन टीम का लगातार 42 मैचों तक अजेय रहना भी उसके मौजूदा प्रदर्शन की निरंतरता को दर्शाता है। क्रोएशिया के खिलाफ मिली यह जीत स्पेन के लिए केवल तीन अंक हासिल करने वाला मुकाबला नहीं रही,बल्कि यह टीम की वापसी करने की क्षमता और दबाव में प्रदर्शन करने की मजबूती का भी उदाहरण बनी। अब स्पेन की नजरें क्वार्टर फाइनल में अपने अभियान को आगे बढ़ाने पर होंगी।