लंदन,7 अक्टूबर (युआईटीवी)- इंग्लैंड के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर हैरी केन ने अपने 125वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को यादगार बना दिया। चेकिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में केन ने दो शानदार गोल दागे और इंग्लैंड ने वेम्बली स्टेडियम में 3-0 से आसान जीत दर्ज की। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने यूईएफए नेशंस लीग के फाइनल में पहुंचने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है। केन के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी बेहद खास रहा, क्योंकि उन्होंने अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर के 90वें और 91वें गोल पूरे किए।
हैरी केन ने केवल 11 साल और 193 दिनों में इंग्लैंड के लिए 125 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने की उपलब्धि हासिल की। इस मामले में उन्होंने महान गोलकीपर पीटर शिल्टन के रिकॉर्ड की बराबरी की। शिल्टन को इंग्लैंड के लिए 125 मैच पूरे करने में 19 साल और 224 दिन लगे थे। इस तरह केन ने यह उपलब्धि उनसे आठ साल और 31 दिन कम समय में हासिल की। यह आँकड़ा बताता है कि पिछले एक दशक से इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में केन की निरंतरता कितनी प्रभावशाली रही है।
चेकिया के खिलाफ मुकाबले में केन शुरुआत से ही विपक्षी डिफेंस के लिए परेशानी बने हुए थे। इंग्लैंड ने गेंद पर नियंत्रण रखते हुए लगातार हमले किए और चेकिया को अपने पेनल्टी क्षेत्र के आसपास दबाव में रखा। शुरुआती दौर में चेकिया के गोलकीपर लुकास हॉर्निचेक ने ट्रेंट अलेक्जेंडर-आर्नोल्ड की फ्री-किक को रोककर अपनी टीम को बचाया, लेकिन इंग्लैंड का दबाव लगातार बढ़ता गया।
इसी दबाव का नतीजा इंग्लैंड के पहले गोल के रूप में सामने आया। केन ने चेकिया के डिफेंस पर दबाव बनाया और इसके बाद आए क्रॉस को रोकने की कोशिश में व्लादिमीर कौफल से गलती हो गई। गेंद उनके ही गोल में चली गई और इंग्लैंड ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस गोल में केन की मौजूदगी और उनके बनाए दबाव ने अहम भूमिका निभाई।
पहली बढ़त मिलने के बाद इंग्लैंड ने आक्रमण और तेज कर दिया। चेकिया के डिफेंडरों पर लगातार दबाव बनाया गया और इंग्लैंड ने पहले हाफ के समाप्त होने से पहले अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। मॉर्गन रोजर्स ने शानदार क्रॉस दिया,जिस पर केन ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। यह केन के अंतर्राष्ट्रीय करियर का 90वां गोल था। इस गोल के साथ इंग्लैंड ने 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली।
दूसरे हाफ में भी केन का प्रभाव कम नहीं हुआ। वह लगातार चेकिया के डिफेंस को चुनौती देते रहे और उनके पास एक और गोल करने का मौका भी आया,लेकिन उनका शानदार शॉट क्रॉसबार से टकराकर बाहर चला गया। इसके बावजूद इंग्लैंड के कप्तान ने दबाव बनाए रखा और कुछ ही देर बाद उन्हें अपना दूसरा गोल करने का मौका मिला।
लुईस हॉल की ओर से मिले कॉर्नर पर केन ने बेहतरीन टाइमिंग के साथ हेडर लगाया और गेंद को गोल में पहुँचा दिया। यह उनका मुकाबले में दूसरा गोल और अंतर्राष्ट्रीय करियर का 91वां गोल था। इस गोल के साथ इंग्लैंड की बढ़त 3-0 हो गई और चेकिया के लिए मुकाबले में वापसी की संभावनाएँ लगभग समाप्त हो गईं।
केन के दो गोल ने उन्हें मौजूदा यूईएफए नेशंस लीग सीजन में भी एक खास उपलब्धि दिलाई। वह प्रतियोगिता में छह गोल के साथ सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इंग्लैंड के कप्तान की शानदार फॉर्म का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2026 में वह अब तक 13 अंतर्राष्ट्रीय गोल कर चुके हैं। यह इंग्लैंड के किसी खिलाड़ी द्वारा एक कैलेंडर वर्ष में किए गए दूसरे सबसे ज्यादा गोल हैं। इस सूची में सबसे ऊपर भी केन ही हैं, जिन्होंने 2021 में कुल 16 गोल किए थे।
वेम्बली स्टेडियम में केन ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। 33 साल और 70 दिन की उम्र में दो गोल करके वह इंग्लैंड के लिए इस मैदान पर एक मैच में दो गोल करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। उनसे आगे केवल इयान राइट हैं। राइट ने सितंबर 1997 में 33 साल और 311 दिन की उम्र में मोल्दोवा के खिलाफ दो गोल किए थे। इस तरह केन ने अपनी उम्र के बावजूद लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता का एक और उदाहरण पेश किया।
केन ने लगातार दूसरे मुकाबले में दो गोल करने की उपलब्धि भी हासिल की। इसके साथ वह इंग्लैंड के इतिहास में लगातार दो मैचों में दो-दो गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके मौजूदा फॉर्म को दर्शाती है। इंग्लैंड के कप्तान लंबे समय से टीम के आक्रमण की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं और चेकिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन एक बार फिर इसका प्रमाण बना।
मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी और चेकिया को ज्यादा मौके नहीं दिए। चेकिया ने कुछ मौकों पर जवाबी हमला करने की कोशिश जरूर की, लेकिन इंग्लैंड की रक्षापंक्ति ने उन्हें ज्यादा खतरनाक स्थिति बनाने का अवसर नहीं दिया। दूसरी ओर,इंग्लैंड के आक्रमण ने लगातार चेकिया की रक्षापंक्ति को दबाव में रखा। केन की मौजूदगी ने इस दबाव को और प्रभावी बनाया।
3-0 की जीत के बाद इंग्लैंड ने यूईएफए नेशंस लीग में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। टीम अब अगले साल गर्मियों में होने वाले फाइनल की ओर बढ़ रही है और चेकिया के खिलाफ मिली जीत ने उसके अभियान को और मजबूती दी है। कप्तान केन का शानदार प्रदर्शन इस जीत का सबसे बड़ा आकर्षण रहा।
हैरी केन के लिए यह मुकाबला कई उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने 125वां अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला,अपने 90वें और 91वें गोल पूरे किए,वेम्बली में उम्र से जुड़ा रिकॉर्ड बनाया, लगातार दूसरे मैच में दो गोल किए और मौजूदा नेशंस लीग में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी बने। इंग्लैंड ने भी उनके शानदार प्रदर्शन का फायदा उठाते हुए 3-0 से जीत दर्ज की। अब टीम की नजर नेशंस लीग के अगले चरण पर है,जबकि केन की निगाहें अपने गोलों की संख्या और नए रिकॉर्ड बढ़ाने पर होंगी।
