नई दिल्ली,9 अक्टूबर (युआईटीवी)- ईरान और रूस के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने गुरुवार को तुर्कमेनिस्तान में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान रूस ने ईरान को क्षेत्र में जारी संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान निकालने में हर संभव मदद देने का भरोसा दिलाया। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा, द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, ऊर्जा और परिवहन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है,जब मध्य पूर्व में तनाव के बीच क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक प्रयासों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गतिविधियाँ जारी हैं।
यह बैठक स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस) शिखर सम्मेलन और कैस्पियन सागर पर्यावरण शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन इन दोनों आयोजनों में हिस्सा लेने और संबोधन देने के लिए तुर्कमेनिस्तान पहुँचे हैं। बैठक के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के ईरान के प्रयासों से अवगत है और इस स्थिति का समाधान निकालने में उसकी सहायता करने के लिए तैयार है।
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुतिन ने बातचीत के दौरान कहा कि रूस जानता है कि ईरान उस संघर्ष को समाप्त करने के लिए ठोस प्रयास कर रहा है,जो रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान की किसी गलती के बिना शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि ईरान ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए नए प्रस्ताव भी पेश किए हैं और रूस मौजूदा परिस्थितियों को सुलझाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है।
पुतिन के इस बयान को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालाँकि,बातचीत के दौरान रूस ने किस तरह की ठोस सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई है,इस बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों को अपने संबंधों के विकास, क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और वहां चल रही गतिविधियों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला है। उन्होंने ईरान के साथ रूस के संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ता हुआ बताया।
पुतिन ने कहा कि पिछले वर्ष की शुरुआत में हस्ताक्षरित बुनियादी संधि के आधार पर दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके अनुसार,राजनीतिक संबंधों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग में भी अच्छी प्रगति हुई है। रूस और ईरान के बीच बढ़ते संपर्क दोनों देशों के लिए व्यापारिक और रणनीतिक अवसरों का विस्तार कर सकते हैं।
पुतिन ने बातचीत के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता के लिए भी शुभकामनाएँ भेजीं। उन्होंने पेजेश्कियन से अनुरोध किया कि वह ईरान के सर्वोच्च नेता तक उनके अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना पहुँचाएँ। इस संदेश को दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद और आपसी संबंधों के महत्व के रूप में देखा जा सकता है।
बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पुतिन ने बताया कि वर्ष 2025 में रूस और ईरान के बीच व्यापार में 21 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में भी व्यापार बढ़ने का रुझान जारी रहा।
दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है,जब रूस और ईरान विभिन्न क्षेत्रों में अपने आर्थिक संबंधों को विस्तार देने की कोशिश कर रहे हैं। ऊर्जा, कृषि,परिवहन और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इन क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की और आर्थिक तथा रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने संयुक्त परियोजनाओं को जल्द अंतिम रूप देने और उन्हें निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, कृषि और परिवहन से जुड़ी परियोजनाएँ व्यापारिक संपर्क बढ़ाने तथा वस्तुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में भूमिका निभा सकती हैं। हालाँकि,बैठक में चर्चा की गई परियोजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी या उनके लिए निर्धारित समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुतिन ने रूस और ईरान के बीच मानवीय सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में दोनों देशों का काम एक अच्छा उदाहरण पेश करता है। उन्होंने बताया कि रूस और ईरान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं,जो दोनों समाजों के बीच संपर्क और सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
मानवीय सहयोग में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शैक्षणिक गतिविधियों और लोगों के बीच संपर्क जैसे पहलू महत्वपूर्ण हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच ऐसे कार्यक्रम राजनीतिक और आर्थिक संबंधों के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी संवाद को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं।
पुतिन ने कहा कि रूस और ईरान के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। उनके बयान से स्पष्ट है कि रूस द्विपक्षीय सहयोग को केवल व्यापार और ऊर्जा तक सीमित रखने के बजाय व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहता है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की रूस के राष्ट्रपति से मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब मध्य पूर्व में जारी तनाव को लेकर कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर चर्चा हो रही है। बैठक में ईरान की ओर से पेश किए गए शांतिपूर्ण समाधान के प्रस्तावों का उल्लेख किया गया और रूस ने इन प्रयासों में सहयोग करने की इच्छा जताई।
हालाँकि,क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित पक्ष बातचीत और कूटनीतिक पहल को किस तरह आगे बढ़ाते हैं। रूस की ओर से मदद का भरोसा मिलने के बावजूद किसी निश्चित समाधान या समझौते की घोषणा नहीं की गई है।
कुल मिलाकर,तुर्कमेनिस्तान में हुई इस मुलाकात ने रूस और ईरान के बीच राजनीतिक संवाद,आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग को फिर से रेखांकित किया है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और आर्थिक सहयोग को लेकर हुई चर्चा आगे किस रूप में ठोस कदमों में बदलती है।
