हुंडई बेयॉन से उठा पर्दा, 26 अक्टूबर को होगा कीमतों का ऐलान (तस्वीर क्रेडिट@dilbag_koundal)

हुंडई बेयॉन से उठा पर्दा, 26 अक्टूबर को होगा कीमतों का ऐलान; एआई वॉयस असिस्टेंट और डुअल स्क्रीन से होगी लैस

नई दिल्ली,14 अक्टूबर (युआईटीवी)- दक्षिण कोरियाई वाहन निर्माता हुंडई ने भारतीय बाजार के लिए अपनी नई मिडसाइज एसयूवी बेयॉन से पर्दा उठा दिया है। कंपनी की यह नई गाड़ी डिजाइन, आधुनिक तकनीक और सुविधाओं के मामले में कई नए बदलावों के साथ पेश की गई है। भारतीय बाजार में इसे वेन्यू और क्रेटा के बीच जगह दी जाएगी। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है,जबकि कीमतों की आधिकारिक घोषणा 26 अक्टूबर को की जाएगी। नई बेयॉन का मुकाबला मुख्य रूप से मारुति सुजुकी विक्टोरिस जैसी एसयूवी से होगा। इसमें कंपनी की नई ‘आर्ट ऑफ स्टील’ डिजाइन शैली, दो बड़ी डिजिटल स्क्रीन,कनेक्टेड कार तकनीक और जनरेटिव एआई आधारित वॉयस असिस्टेंट जैसे फीचर दिए गए हैं।

हुंडई की नई एसयूवी उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है,जो आधुनिक सुविधाओं,आकर्षक डिजाइन और उपयोगी तकनीक वाली गाड़ी खरीदना चाहते हैं। कंपनी इसे अपनी मौजूदा एसयूवी श्रृंखला में एक नए विकल्प के रूप में पेश कर रही है। वेन्यू अपेक्षाकृत कॉम्पैक्ट एसयूवी के रूप में बाजार में मौजूद है,जबकि क्रेटा मिडसाइज एसयूवी श्रेणी में कंपनी का प्रमुख मॉडल है। ऐसे में बेयॉन इन दोनों के बीच ग्राहकों को एक अतिरिक्त विकल्प दे सकती है।

नई बेयॉन के साथ हुंडई का जोर केवल बाहरी डिजाइन पर ही नहीं,बल्कि कार के भीतर मिलने वाली सुविधाओं और डिजिटल अनुभव पर भी है। इसमें आधुनिक इंफोटेनमेंट सिस्टम,कनेक्टेड फीचर और बातचीत के अंदाज में निर्देश समझने वाला एआई आधारित वॉयस असिस्टेंट दिया गया है। कंपनी के अनुसार,यह भारत में हुंडई की पहली ऐसी कार होगी,जिसमें जनरेटिव एआई आधारित वॉयस असिस्टेंट की सुविधा मिलेगी। हालाँकि, इसकी वास्तविक कीमत,अलग-अलग संस्करणों और कुछ संभावित सुविधाओं की पूरी जानकारी कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

हुंडई बेयॉन को कंपनी की नई ‘आर्ट ऑफ स्टील’ डिजाइन भाषा के आधार पर तैयार किया गया है। इसके बाहरी हिस्से में मजबूत बॉडी लाइन्स, उभरे हुए व्हील आर्च और आकर्षक लाइटिंग सेटअप दिया गया है। इसका डिजाइन कुछ हद तक कंपनी की टक्सन एसयूवी की याद दिलाता है। हालाँकि,बेयॉन का समग्र रूप पारंपरिक चौकोर एसयूवी की तुलना में ज्यादा क्रॉसओवर जैसा नजर आता है।

कंपनी ने अभी तक गाड़ी की लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई और व्हीलबेस से संबंधित सभी आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार,इसकी लंबाई चार मीटर से थोड़ी अधिक होने की उम्मीद है। इस आकार के कारण यह क्रेटा से छोटी रहेगी,लेकिन इसका डिजाइन और केबिन इसे एक अलग पहचान दे सकते हैं। इसके वास्तविक आकार और अन्य तकनीकी आँकड़ों की पुष्टि आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही होगी।

कार के अगले हिस्से में दो स्तरों वाला डिजाइन दिया गया है। बोनट के किनारे एक पतली काली पट्टी में एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइट्स लगाई गई हैं। यह लाइटिंग व्यवस्था कार के सामने वाले हिस्से को आधुनिक रूप देती है। मुख्य हेडलैंप बंपर में नीचे की ओर लगाए गए हैं,जिससे फ्रंट डिजाइन में अलग-अलग स्तर दिखाई देते हैं।

अगले बंपर पर काले और सिल्वर रंग की क्लैडिंग दी गई है। इससे कार का अगला हिस्सा मजबूत और स्पोर्टी दिखाई देता है। डिजाइन में इस्तेमाल किए गए रंगों और आकारों का संयोजन इसे सामान्य शहरी क्रॉसओवर से अलग दिखाने की कोशिश करता है। हुंडई ने बाहरी डिजाइन में ऐसी शैली अपनाई है,जो आधुनिकता के साथ एसयूवी जैसी मजबूती का अहसास कराती है।

साइड प्रोफाइल में उभरे हुए व्हील आर्च और धारदार बॉडी लाइन्स खास नजर आते हैं। पहियों के आसपास दी गई क्लैडिंग कार को मजबूत लुक देती है। इसके अलावा पेटल डिजाइन वाले अलॉय व्हील इसके बाहरी रूप को आकर्षक बनाते हैं। दरवाजों पर पारंपरिक हैंडल दिए गए हैं,जिससे इसका डिजाइन व्यावहारिक बना रहता है।

खिड़कियों के आसपास और पिलर पर ग्लॉस ब्लैक फिनिश का इस्तेमाल किया गया है। यह फिनिश छत को बॉडी से अलग दिखाती है और तैरती हुई छत जैसा प्रभाव पैदा करती है। साइड से देखने पर कार की बॉडी पर बनी रेखाएँ और पहियों के आसपास की क्लैडिंग इसके डिजाइन को ज्यादा उभरा हुआ रूप देती हैं।

पीछे की ओर भी कंपनी ने आधुनिक लाइटिंग और क्लैडिंग का इस्तेमाल किया है। टेलगेट के ऊपरी हिस्से में पतली काली पट्टी के भीतर टेललैंप दिए गए हैं। पीछे की ओर बड़े अक्षरों में बेयॉन का नाम लिखा गया है,जिससे कार की पहचान स्पष्ट होती है। इसके अलावा रूफ स्पॉयलर और काले-सिल्वर रंग वाला पिछला बंपर दिया गया है। कुल मिलाकर, बेयॉन का बाहरी डिजाइन ऐसे ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है,जो पारंपरिक एसयूवी से अलग दिखने वाली गाड़ी पसंद करते हैं।

नई हुंडई बेयॉन का इंटीरियर भी इसके प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इसका केबिन ब्राजील में पेश की गई आई20 के इंटीरियर से काफी मिलता-जुलता बताया जा रहा है। कंपनी ने इसमें डिजिटल सुविधाओं और पारंपरिक नियंत्रणों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

डैशबोर्ड पर इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और इंफोटेनमेंट सिस्टम के लिए दो 12.3 इंच की स्क्रीन दी गई हैं। दोनों स्क्रीन आपस में जुड़ी हुई दिखाई देती हैं,जिससे डैशबोर्ड को आधुनिक और व्यवस्थित रूप मिलता है। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर चालक को गाड़ी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दिखाई देगी,जबकि दूसरी स्क्रीन का इस्तेमाल मनोरंजन,नेविगेशन और कनेक्टेड सुविधाओं के लिए किया जाएगा।

दोनों बड़ी स्क्रीन का इस्तेमाल गाड़ी के डिजिटल अनुभव को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। खासकर उन ग्राहकों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी,जो अपनी कार में स्मार्टफोन जैसी कनेक्टिविटी और आधुनिक इंटरफेस चाहते हैं। हालाँकि,स्क्रीन के सभी कार्यों और अलग-अलग संस्करणों में उपलब्धता की विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।

डैशबोर्ड के नीचे एयर कंडीशनिंग से जुड़े नियंत्रणों के लिए अलग पैनल दिया गया है। इसके अलावा टचस्क्रीन के साथ कई पारंपरिक बटन और डायल भी मौजूद हैं। स्क्रीन के नीचे शॉर्टकट बटन दिए गए हैं,जिनकी मदद से कुछ जरूरी सुविधाओं तक सीधे पहुँचा जा सकता है।

स्टीयरिंग व्हील पर भी विभिन्न नियंत्रण दिए गए हैं,जिससे चालक को बार-बार स्क्रीन की ओर देखने की जरूरत कम हो सकती है। सेंटर कंसोल पर हैप्टिक बटन का इस्तेमाल किया गया है। स्टीयरिंग व्हील का डिजाइन हुंडई वेन्यू से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। इसके साथ ड्राइव मोड चुनने के लिए अलग नियंत्रण भी दिया गया है।

इन सुविधाओं के जरिए कंपनी ने कार के केबिन को आधुनिक बनाने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल को सुविधाजनक बनाने पर ध्यान दिया है। हालाँकि,सीटों की सामग्री,पीछे बैठने वालों के लिए उपलब्ध जगह, बूट स्पेस और अन्य व्यावहारिक पहलुओं के बारे में पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही केबिन की उपयोगिता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।

हुंडई बेयॉन की सबसे खास खूबियों में जनरेटिव एआई आधारित वॉयस असिस्टेंट शामिल है। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक चालक और कार के बीच संवाद को अधिक स्वाभाविक बनाने में मदद करेगी। सामान्य वॉयस असिस्टेंट की तरह केवल पहले से तय आदेशों पर निर्भर रहने के बजाय यह बातचीत के अंदाज में किए गए अनुरोधों को समझकर प्रासंगिक जानकारी देने में सक्षम होगा।

जनरेटिव एआई का इस्तेमाल वाहन के भीतर डिजिटल सुविधाओं को अधिक सहज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। यदि चालक किसी सुविधा या जानकारी के लिए सामान्य भाषा में अनुरोध करता है,तो असिस्टेंट उसके आशय को समझने का प्रयास करेगा। इससे कार में तकनीक का इस्तेमाल उन लोगों के लिए भी आसान हो सकता है,जो जटिल मेन्यू या कई चरणों वाले कमांड पसंद नहीं करते।

हालाँकि,इस सुविधा की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह किस तरह के सवालों को समझ सकती है,किन कार्यों को नियंत्रित कर सकती है और किन परिस्थितियों में इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होगी। कंपनी ने अभी तक इसकी सभी क्षमताओं और सीमाओं का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया है।

बेयॉन में ब्लूलिंक कनेक्टेड कार तकनीक के तहत 70 से अधिक सुविधाएँ मिलने की जानकारी दी गई है। इनमें ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट, इनबिल्ट नेविगेशन, स्प्लिट-स्क्रीन सुविधा और स्मार्टफोन जैसे क्विक कंट्रोल शामिल हैं। ओवर-द-एयर अपडेट के जरिए समर्थित सॉफ्टवेयर में कुछ बदलाव इंटरनेट के माध्यम से किए जा सकते हैं, जिससे हर अपडेट के लिए कार्यशाला जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।

इनबिल्ट नेविगेशन चालक को रास्ता खोजने में मदद करेगा,जबकि स्प्लिट-स्क्रीन सुविधा के जरिए एक ही समय में स्क्रीन पर अलग-अलग जानकारियाँ देखी जा सकेंगी। क्विक कंट्रोल से अक्सर इस्तेमाल होने वाली सुविधाओं तक पहुँच आसान हो सकती है।

कंपनी ने इस प्रणाली में कई भाषाओं का समर्थन भी दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,इसमें 10 क्षेत्रीय और दो अंतर्राष्ट्रीय भाषाएँ शामिल हैं। भारतीय ग्राहकों के लिए क्षेत्रीय भाषाओं का समर्थन महत्वपूर्ण हो सकता है,क्योंकि इससे अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि वाले लोग कार की डिजिटल सुविधाओं का अधिक सहजता से इस्तेमाल कर सकेंगे। हालाँकि,समर्थित भाषाओं की पूरी सूची और एआई असिस्टेंट के साथ उनके एकीकरण का विवरण आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगा।

इंजन के मामले में हुंडई बेयॉन को शुरुआत में 1.5 लीटर चार सिलेंडर वाले नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन के साथ पेश किया जाएगा। यही इंजन कंपनी की क्रेटा में भी इस्तेमाल किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,यह इंजन 115 हॉर्सपावर की अधिकतम ताकत और 144 एनएम का टॉर्क पैदा करता है।

नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन में टर्बोचार्जर का इस्तेमाल नहीं होता। ऐसे इंजन सामान्य रूप से पावर देने के तरीके और रखरखाव के लिहाज से कई ग्राहकों की जरूरतों के अनुकूल हो सकते हैं। हालाँकि,वास्तविक ईंधन दक्षता और ड्राइविंग अनुभव का आकलन बेयॉन के वजन,गियरबॉक्स की ट्यूनिंग और सड़क की परिस्थितियों के आधार पर किया जा सकेगा।

कंपनी इसमें छह-स्पीड मैनुअल और सीवीटी गियरबॉक्स के विकल्प देगी। मैनुअल गियरबॉक्स उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकता है,जो गियर बदलने पर खुद नियंत्रण रखना पसंद करते हैं। वहीं,सीवीटी विकल्प शहर में बार-बार रुकने और चलने वाली परिस्थितियों में सुविधाजनक ड्राइविंग अनुभव देने के उद्देश्य से पेश किया जाएगा।

फिलहाल लॉन्च के समय पेट्रोल इंजन की ही जानकारी दी गई है। भविष्य में इसका सीएनजी संस्करण भी पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है,लेकिन कंपनी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए सीएनजी मॉडल की उपलब्धता,कीमत और लॉन्च समय को लेकर अभी कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

यदि सीएनजी संस्करण पेश किया जाता है,तो इसमें कार के नीचे टैंक लगाने की व्यवस्था किए जाने की संभावना है। ऐसा करने से केबिन या सामान रखने की जगह पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। यह व्यवस्था वास्तव में अपनाई जाएगी या नहीं,इसकी पुष्टि कंपनी की ओर से जानकारी जारी होने के बाद ही होगी।

चार मीटर से अधिक लंबाई वाली हुंडई की सीएनजी कार के रूप में बेयॉन एक नया विकल्प बन सकती है,लेकिन फिलहाल इसे संभावित योजना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

हुंडई बेयॉन की अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 9 लाख रुपये से 14 लाख रुपये के बीच रहने की उम्मीद है। हालाँकि,यह केवल संभावित कीमत का अनुमान है। कंपनी ने अभी तक इसके अलग-अलग संस्करणों की आधिकारिक कीमतों का खुलासा नहीं किया है। वास्तविक कीमतों की घोषणा 26 अक्टूबर को की जाएगी।

यदि इसकी शुरुआती कीमत लगभग 9 लाख रुपये के आसपास रखी जाती है,तो यह उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है,जो वेन्यू से बड़े आकार और आधुनिक सुविधाओं वाला विकल्प चाहते हैं,लेकिन क्रेटा की कीमत तक नहीं जाना चाहते। वहीं,इसके ऊँचे संस्करणों में मिलने वाली सुविधाएँ और उनकी कीमत यह तय करने में अहम भूमिका निभाएँगी कि यह बाजार में कितनी प्रतिस्पर्धी साबित होती है।

भारतीय बाजार में बेयॉन का मुख्य मुकाबला मारुति सुजुकी विक्टोरिस से होने की उम्मीद है। दोनों गाड़ियों के बीच तुलना करते समय केवल कीमत ही नहीं,बल्कि इंजन, गियरबॉक्स, माइलेज, सुरक्षा सुविधाओं, केबिन की जगह, कनेक्टेड तकनीक और बिक्री के बाद मिलने वाली सेवाओं को भी देखना होगा।

हुंडई की नई एसयूवी को वेन्यू और क्रेटा के बीच रखने की रणनीति कंपनी को अपने मौजूदा ग्राहकों के साथ नए खरीदारों तक पहुँचने का अवसर दे सकती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में वेन्यू अपेक्षाकृत कॉम्पैक्ट विकल्प है,जबकि क्रेटा ज्यादा प्रीमियम मिडसाइज एसयूवी के रूप में मौजूद है। बेयॉन इन दोनों के बीच एक अलग कीमत और सुविधाओं वाला विकल्प उपलब्ध करा सकती है।

भविष्य में क्रेटा की अगली पीढ़ी को अधिक प्रीमियम स्थान देने और उसमें हाइब्रिड सहित अन्य पावरट्रेन विकल्प शामिल करने की संभावना भी जताई जा रही है। हालाँकि,इन संभावित बदलावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नई हुंडई बेयॉन के आने से कंपनी की एसयूवी श्रृंखला में एक नया विकल्प जुड़ने जा रहा है। इसका आधुनिक बाहरी डिजाइन, दो 12.3 इंच की स्क्रीन,जनरेटिव एआई आधारित वॉयस असिस्टेंट और कनेक्टेड कार सुविधाएं इसे तकनीक पसंद करने वाले ग्राहकों के लिए आकर्षक बना सकती हैं। वहीं, 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन और मैनुअल तथा सीवीटी गियरबॉक्स के विकल्प इसे अलग-अलग तरह के खरीदारों की जरूरतों के अनुकूल बनाने की कोशिश करते हैं।

इसके बावजूद,कार की सफलता का आकलन करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों का इंतजार करना होगा। इनमें आधिकारिक कीमत,संस्करणों के अनुसार फीचर्स, वास्तविक ईंधन दक्षता, सुरक्षा उपकरण, केबिन की जगह और संभावित सीएनजी मॉडल शामिल हैं।

कंपनी 26 अक्टूबर को कीमतों का ऐलान करेगी। इसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि बेयॉन को बाजार में किस स्तर पर रखा गया है और मारुति सुजुकी विक्टोरिस जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले इसकी स्थिति कैसी होगी। फिलहाल, बेयॉन हुंडई के भारतीय पोर्टफोलियो में वेन्यू और क्रेटा के बीच एक नया विकल्प बनने की तैयारी में है।