वॉशिंगटन,14 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले बड़ा चुनावी वादा करते हुए कहा है कि यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में अपना नियंत्रण बरकरार रखती है, तो देश के प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर दिए जाएँगे। ट्रंप ने दावा किया कि इस भुगतान के लिए आयात शुल्क यानी टैरिफ से होने वाली कमाई का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने प्रस्तावित राशि को ‘ट्रंप डिविडेंड’ नाम दिया और कहा कि लाभार्थियों को मिलने वाले पैसे को अमेरिका के भीतर ही खर्च करना होगा।
अलास्का के वासिला में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की जीत को इस योजना से जोड़कर पेश किया। उनके मुताबिक, टैरिफ के जरिए सरकार के पास बड़ी मात्रा में धन आ रहा है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी नागरिकों को सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। हालाँकि,राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी,राशि कब वितरित की जाएगी और इस योजना पर कुल कितना खर्च आएगा।
ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि यदि रिपब्लिकन प्रतिनिधि सभा और सीनेट में जीत हासिल करते हैं, तो वह सभी वयस्क अमेरिकी नागरिकों को 5,000 डॉलर देने की दिशा में कदम उठाएँगे। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की योजना को लागू करने की क्षमता रिपब्लिकन पार्टी के पास है और डेमोक्रेटिक पार्टी ऐसा नहीं कर सकती।
राष्ट्रपति ने अपने प्रस्ताव के समर्थन में टैरिफ से होने वाली आय का उल्लेख किया। उनका कहना था कि अमेरिका को आयात शुल्क से बड़ी रकम मिल रही है और इस धन का इस्तेमाल देश के नागरिकों को लाभ देने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘ट्रंप डिविडेंड’ के तहत मिलने वाली राशि अमेरिका में ही खर्च की जानी चाहिए।
हालाँकि, इस घोषणा के साथ कई अहम सवाल जुड़े हुए हैं। अभी तक भुगतान के लिए पात्रता की विस्तृत शर्तें, राशि जारी करने की समयसीमा और धन के वितरण का तरीका स्पष्ट नहीं किया गया है। यह भी तय नहीं है कि प्रस्तावित योजना के लिए किस तरह का विधायी ढाँचा तैयार किया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह के किसी भी सरकारी भुगतान को लागू करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी आवश्यक होगी। इसलिए ट्रंप का बयान फिलहाल एक राजनीतिक वादे के रूप में देखा जा रहा है,न कि नागरिकों को भुगतान शुरू होने की औपचारिक घोषणा के रूप में।
रैली के दौरान ट्रंप ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डेमोक्रेट चुनाव जीतते हैं,तो अमेरिका को वर्ष 1929 जैसी गंभीर आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता है। वर्ष 1929 में शुरू हुई महामंदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ दुनिया के कई देशों को प्रभावित किया था।
ट्रंप ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को आर्थिक नीतियों के मामले में कमजोर बताते हुए मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। हालाँकि,उन्होंने अपनी चेतावनी के समर्थन में कोई विस्तृत आर्थिक आकलन प्रस्तुत नहीं किया।
राष्ट्रपति अलास्का में रिपब्लिकन सीनेटर डैन सुलिवन के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। उन्होंने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मैरी पेल्टोला पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘नो-शो मैरी’ कहा। यह रैली तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से लगभग तीन सप्ताह पहले आयोजित की गई। अलास्का में शुरुआती मतदान 19 अक्टूबर से शुरू होने वाला है।
इस चुनाव में कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण महत्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि इससे राष्ट्रपति के विधायी एजेंडे,बजट संबंधी प्रस्तावों और भविष्य की आर्थिक नीतियों को आगे बढ़ाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
अपने भाषण में ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष और परमाणु कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा और युद्ध जल्द समाप्त होने वाला है। राष्ट्रपति ने दावा किया कि संघर्ष खत्म होने के बाद कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी।
ट्रंप ने समुद्री मार्गों और तेल आपूर्ति को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक हो रही है और अमेरिका का इस मार्ग पर नियंत्रण है। हालाँकि,उन्होंने अपने दावे के समर्थन में विस्तृत आँकड़े या स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी नहीं दी।
राष्ट्रपति ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि लोगों को इंतजार करना चाहिए कि अमेरिका आगे क्या कदम उठाता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी सरकार मौजूदा हालात को लेकर काफी कुछ सहन कर चुकी है।
ईरान से जुड़े तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और तेल की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ईंधन की कीमतें चुनावी बहस का अहम हिस्सा बन गई हैं। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश भी इस क्षेत्र की परिस्थितियों और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखते हैं।
ट्रंप ने रैली के दौरान कनाडा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने कई वर्षों तक अमेरिका का फायदा उठाया है। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस बयान से व्यापार और सीमा पार आर्थिक संबंधों को लेकर उनका सख्त रुख एक बार फिर सामने आया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने डेमोक्रेटिक पार्टी पर सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने लगभग ढाई करोड़ लोगों को अमेरिका की सीमाओं के भीतर प्रवेश करने दिया। हालाँकि,इस संख्या के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
सीमा सुरक्षा,आव्रजन और व्यापार से जुड़े मुद्दे ट्रंप की राजनीतिक रणनीति के प्रमुख हिस्से रहे हैं। रैली में इन विषयों को उठाकर उन्होंने अपने समर्थकों के सामने रिपब्लिकन पार्टी को राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा करने वाली पार्टी के रूप में पेश करने की कोशिश की।
रैली के दौरान ट्रंप ने कुछ लोगों को कानूनी राहत देने से जुड़ी घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने मार्क स्परलॉक को पूर्ण माफी देने की घोषणा की। इसके अलावा,उन्होंने एंकरेज के दो डीजल मैकेनिक जैकरी शुबाच और पैट्रिक फ्लेमिंग के लिए माफी संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।
दोनों मैकेनिक को वाहनों के उत्सर्जन नियंत्रण तंत्र में बदलाव करने के मामले में स्वच्छ वायु कानून के उल्लंघन का दोषी ठहराया गया था। ट्रंप ने इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इंजन की मरम्मत करने के कारण उन्हें दस वर्ष तक की जेल का सामना करना पड़ सकता था। राष्ट्रपति ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए दोनों के पक्ष में कदम उठाया।
इस घोषणा के जरिए ट्रंप ने सरकारी नियमों और पर्यावरण संबंधी कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर अपनी असहमति भी जाहिर की। हालाँकि,इन मामलों में माफी की प्रक्रिया और उसके कानूनी प्रभाव अलग-अलग नियमों के अधीन होंगे।
कार्यक्रम में संघीय संचार आयोग के अध्यक्ष ब्रेंडन कार ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि आयोग इसी महीने अलास्का में हाई-स्पीड इंटरनेट का दायरा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 162 मिलियन डॉलर के निवेश पर मतदान करेगा। इस प्रस्ताव का उद्देश्य राज्य में इंटरनेट सेवाओं की पहुँच बढ़ाने से जुड़ा है।
ट्रंप का यह दौरा केवल अलास्का तक सीमित नहीं है। उनके दो दिवसीय कार्यक्रम में नेवादा, एरिजोना और मोंटाना की यात्राएं भी शामिल हैं। इन राज्यों में चुनाव प्रचार के दौरान अर्थव्यवस्था, ईंधन की कीमतें, सीमा सुरक्षा और व्यापार जैसे मुद्दे प्रमुख रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर,अलास्का की रैली में ट्रंप ने सीधे आर्थिक लाभ के वादे, विपक्ष पर हमले और ईरान से जुड़े दावों के जरिए मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की। प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5,000 डॉलर देने की घोषणा इस भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा रही,लेकिन इस वादे को वास्तविक योजना में बदलने के लिए भुगतान की शर्तों, वित्तीय व्यवस्था और कांग्रेस की मंजूरी जैसे महत्वपूर्ण सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है।
