एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिला कर्मचारी से यौन उत्पीड़न के आरोप में भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख भारत लौटाए गए (तस्वीर क्रेडिट@PeoplesUpdate)

एशियन पैरा गेम्स 2026: महिला कर्मचारी से यौन उत्पीड़न के आरोप में भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख भारत लौटाए गए

नई दिल्ली,22 अक्टूबर (युआईटीवी)- जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 के दौरान भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर गंभीर आरोप लगने के बाद उन्हें भारत वापस भेजने का फैसला किया गया है। शेख पर एक होटल की महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि यह घटना सोमवार को उस होटल में हुई,जहाँ भारतीय खिलाड़ी ठहरे हुए थे। शिकायत मिलने के बाद जापानी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। मामले के सामने आने के बाद भारतीय पैरालंपिक समिति ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। समिति शेख पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है, हालाँकि अंतिम फैसला लेने से पहले उनका पक्ष सुना जाएगा।

इस घटना ने एशियन पैरा गेम्स में भारतीय दल को असहज स्थिति में डाल दिया है। शेख को बुधवार को तैराकी स्पर्धा में हिस्सा लेना था,लेकिन आरोप सामने आने और उन्हें भारत वापस भेजने के निर्णय के बाद वह प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेंगे। मामले में आगे की कार्रवाई जापानी अधिकारियों और भारतीय खेल प्रशासन के निर्णयों पर निर्भर करेगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना जापान के एक होटल में हुई, जहाँ भारतीय पैरा खिलाड़ी ठहरे हुए थे। होटल में हाउसकीपिंग का काम करने वाली नेपाली मूल की एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद शम्स आलम शेख ने उन्हें अनुचित तरीके से छूने और टटोलने की कोशिश की। महिला के मुताबिक,घटना के दौरान वह घबरा गईं और कमरे से बाहर निकलकर अपने वरिष्ठ अधिकारी के पास पहुँचीं। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद जापानी पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप किया और शेख को हिरासत में लिया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद भारतीय दल तथा खेल प्रशासन के स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई। भारतीय पैरालंपिक समिति ने उन्हें प्रतियोगिता से हटाकर भारत वापस भेजने का निर्णय लिया।

हालाँकि,मामले में लगाए गए आरोपों और अंतिम कानूनी निष्कर्ष के बीच अंतर करना जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर शेख पर लगे आरोपों को सिद्ध अपराध नहीं माना जा सकता। मामले की जाँच और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद भारतीय पैरालंपिक समिति शेख के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। संभावित कार्रवाई में आजीवन प्रतिबंध भी शामिल बताया जा रहा है। यदि ऐसा निर्णय लिया जाता है,तो 40 वर्षीय तैराक का खेल करियर समाप्त हो सकता है।

हालाँकि,समिति की ओर से अंतिम निर्णय लेने से पहले मामले की समीक्षा की जाएगी। बताया जा रहा है कि एशियन पैरा गेम्स समाप्त होने के बाद इस प्रकरण पर विस्तार से विचार किया जा सकता है। किसी भी औपचारिक कार्रवाई से पहले शेख को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

खेल संगठनों के लिए खिलाड़ियों के आचरण से जुड़े मामलों में अनुशासन बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। साथ ही, किसी खिलाड़ी के खिलाफ गंभीर आरोप लगने पर निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाना भी आवश्यक है। ऐसे में समिति की समीक्षा और उसके बाद लिया जाने वाला फैसला इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।

जानकारी के अनुसार,होटल प्रबंधन और खेल आयोजन से जुड़े अधिकारियों ने भी भारतीय पक्ष से यह जानकारी माँगी है कि शेख के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। भारत की ओर से होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई और जाँच की स्थिति के आधार पर जापानी अधिकारी तथा होटल प्रबंधन आगे के कदम तय कर सकते हैं।

मोहम्मद शम्स आलम शेख बिहार के रहने वाले हैं और पैरा तैराकी में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई की एस5 श्रेणी और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक की एसबी4 श्रेणी में पूर्व में विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर चुके हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई थी।

वर्ष 2018 में इंडोनेशिया के जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में शेख ने भारत की ओर से हिस्सा लिया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 200 मीटर और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर उल्लेखनीय सफलता हासिल की थी। उनकी इन उपलब्धियों ने भारतीय पैरा तैराकी में उनकी पहचान को मजबूत किया।

इसके अलावा,वर्ष 2025 में आइसलैंड की राजधानी रेक्याविक में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भी शेख ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इन उपलब्धियों के कारण उन्हें भारतीय पैरा तैराकी के अनुभवी खिलाड़ियों में गिना जाता रहा है।

एशियन पैरा गेम्स 2026 के दौरान सामने आए इस मामले में अब जापानी अधिकारियों की जाँच और भारतीय पैरालंपिक समिति की कार्रवाई पर नजर रहेगी। होटल कर्मचारी की शिकायत के बाद शुरू हुई प्रक्रिया में संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों का महत्व होगा। वहीं,भारतीय समिति के सामने खिलाड़ी के आचरण और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रश्न है।

शेख के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध लगाने की संभावना पर चर्चा जरूर हो रही है,लेकिन अभी इसे अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। समिति उनकी बात सुनने और मामले की समीक्षा करने के बाद ही औपचारिक कदम उठाएगी।

अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में खिलाड़ियों से अनुशासन और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। इस मामले में जाँच के निष्कर्ष और संबंधित संस्थाओं के फैसले ही आगे की स्थिति स्पष्ट करेंगे। फिलहाल शेख को भारत वापस भेजे जाने के बाद उनका एशियन पैरा गेम्स अभियान समाप्त हो गया है और उनके खेल भविष्य पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।